REWA : रीवा का मनमानी जिला अस्पताल : चंद मिनटों में मिलने वाली X-RAY रिपोर्ट को मिलने में लगते हैं 4 घंटे, जल्दबाजी दिखाने व BPL कार्ड धारकों से मांगे जाते है पैसे

रीवा शहर का कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति जिला चिकित्सालय इन दिनों मनमानी का अस्पताल बन गया है। सूत्रों की मानें तो मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटल एक्स-रे मशीन लगी है। फिर भी कक्ष के बाहर लंबी-लंबी कतारे लग रही है। कुछ मरीजों का आरोप है कि मिनटों में मिलनी वाली रिपोर्ट में 3 से 4 घंटे लगता है।​ जिससे दूर दराज से आने वाले लोगों को दिक्कत होगी है।

क्योंकि चिकित्सक उस दिन रिपोर्ट नहीं देख पाता है। ऐसे में दूसरे दिन दिखाने आना पड़ता है। यदि कोई जल्दबाजी दिखाया तो सुविधा शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते है। यहां तक की BPL कार्ड धारकों की सभी जांचे फ्री होती है। फिर भी 100 से 200 रुपए मांग लिए जाते है। हालांकि डिजिटल मशीन की सुविधा जब अस्पताल में हुई थी। तब मरीजों को उम्मीद थी कि इस मशीन की सहायता से जल्द उपचार का लाभ प्राप्त करने में सफल रहेंगे। लेकिन अभी तक यह संभव नहीं दिख रहा है।

मनमानी के लग रहे आरोप

एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि यहां पर कर्मचारियों का मनमाना रवैया है। वह उन्हे किसी तरह की सहायता करने को तैयार नहीं होते। मुख्य रूप से ऐसे मरीज जो जिले के दूरदराज क्षेत्र से होते हैं। उनके लिए एक्स-रे रूम तक पहुंच पाना मुश्किल होता है। अस्पताल में उन्हे सही जगह पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

बीपीएल के बाद भी मांग रहे पैसे

रामसुंदर कोल निवासी शाहपुर थाना हनुमना का कहना है कि वह 90 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद जिला अस्पताल एक्स-रे कराने आया है। उसके पास बीपीएल कार्ड हैं फिर भी 150 रुपए शुल्क लिए गए हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ.केपी गुप्ता ने कहा कि शासन के नियमानुसार जिन मरीजों को शुल्क से रियायत दी जानी है, उन्हे इसका लाभ दिया जा रहा है। जब मरीज की ओर से आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए जाते तब उनसे शुल्क लिया जाता है।

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