REWA : भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले को अब मिलेगी दो लाख की प्रोत्साहन राशि

रीवा। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि समिति के सदस्य नर्सिंग होम तथा अस्पतालों का निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप नर्सिंग होम तथा सोनोग्राफी सेंटरों में व्यवस्थाएं न होने पर उनके विरूद्घ कार्रवाई प्रस्तावित करें। जिले की सीमा पर स्थित कस्बे चाकघाट से कुछ आगे उत्तरप्रदेश राज्य की सीमा में कुछ सोनोग्राफी सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें निरीक्षण की अनुमति के लिए प्रयागराज प्रशासन से संपर्क करें। भ्रूण लिंग परीक्षण की गुप्त रूप से सूचना देने वाले के लिए एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान मुखबिर पुरस्कार योजना में किया गया था। अब इस राशि को बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम तथा पहचान गुप्त रखा जाता है। प्रकरण का चालान कोर्ट में प्रस्तुत करने पर मुखबिर को एक लाख 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिसमें मुखबिर को 50 हजार रुपये, जिला नोडल अधिकारी पीसी एण्ड पीएनडीटी समिति को 25 हजार रुपये तथा अभियोजन अधिकारी को 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। प्रोत्साहन राशि के रूप में 75 हजार रुपये न्यायालय में अपराध सिद्घ होने पर दिया जाता है। किसी व्यक्ति द्वारा स्ट्रिंग ऑपरेशन के माध्यम से भी भ्रूण लिंग परीक्षण का मामला उजागर करने पर उसे दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि लगातार प्रयासों तथा लोगों को जागरूक करने के कारण जिले के लिंगानुपात में उल्लेखनीय वृद्घि हुई है। वर्तमान में रीवा जिले का लिंगानुपात 954 प्रति हजार हो गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी इस संबंध में पूरा विवरण उपलब्ध कराकर जनसंपर्क विभाग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि न्यायालय में दर्ज प्रकरणों की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध समिति की ओर से करें। भ्रूण लिंग परीक्षण कानूनन अपराध होने के साथ-साथ जघन्य सामाजिक अपराध है।

व्यापक करें प्रचार-प्रसार 

बैठक में पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने कहा कि एक्ट के प्रावधानों तथा मुखबिर प्रोत्साहन योजना का इंटरनेट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों की कुशलता से पैरवी करें जिससे दोषियों को सजा मिल सके। बैठक में भ्रूण लिंग परीक्षण के दोषियों की सजा तीन साल से बढ़ाकर 10 साल करने संबंधी प्रस्ताव शासन स्तर को प्रेषित करने को मंजूरी दी गई।

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