REWA : कंट्रोल रुम में हुआ कार्यक्रम : संभाग भर के अधिकारियों की एडीजी ने ली क्लास

रीवा। पाक्सो एक्ट कानून को प्रभावी ढंग से अमल में लाने और दोषियों को सजा दिलवाने के उद्देश्य से कंट्रोल रुम में शनिवार को प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। केन्द्रीय स्तर पर पूरे देश के सभी पुलिस महानिदेशकों की कांफ्रेस आयोजित होती है जिसमें अधिकारियों को साल में कम से कम 100 घंटे नवीन कानून, नियमों व चुनौतियों के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिये गये थे।

कंट्रोल रुम में हुआ कार्यक्रम

इसके पालन में शनिवार को एडीजी केपी व्यंकटेश्वर राव ने संभाग भर के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया। इस दौरान उनको नवीन कानून के बारे में जानकारी, वैज्ञानिक अधिकारी से जांच व साक्ष्यों के संकलन को प्रभावी ढंग से करने की जानकारी दी ताकि विवेचना में कमी का लाभ आरोपी को न्यायालय में न मिले। एडीजी ने कहा कि बच्चों पर लगातार बढ़ रहे लैगिंग अपराध को देखते हुए यह सख्त कानून लागू किया गया है जिसमें बच्चों के साथ लैंगिक अपराध करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज सभी मामलों की सूक्ष्म विवेचना होनी चाहिए। कई बार साक्ष्य संकलन सहित विवेचना में कुछ ऐसी कमी हो जाती है जिसका लाभ आरोपियों को मिलता है।

विवेचना में नहीं हो चूक

विवेचना के दौरान ऐसी कोई चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधों का शिकार हुए बच्चों को अनावश्यक परेशान न किया जाये बल्कि उनको त्वरित न्याय मिलना चाहिए। इन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी, गवाहों की पेशी व साक्ष्य संकलन तय जल्द से जल्द पूरा करें जिससे मामला अधिक समय तक न्यायालय में लंबित न रहे।

जागरुकता पर एडीजी ने दिया जोर

प्रशिक्षण के दौरान एडीजी ने लैगिंक अपराधों से बच्चों को बचाने के लिए जागरुकता पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं र्हुई हे जिसमें अबोध बच्चियां लैगिंक अपराधों का शिकार हुई है। इन घटनाओं से उनको बचाने के लिए समय-समय पर पुलिस जागरुकता कार्यक्रम स्कूल सहित गांवों में चलाये और इन घटनाओं से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए लोगों को समझाईश दे।

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