REWA : ये तीन शातिर आदतन अपराधी हुए जिले से बाहर : कबाड़ी मोहल्ला के पवन और शिवम हुए जिलाबदर

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी इलैयाराजा टी ने तीन आदतन अपराधियों को जिलाबदर के आदेश दिए हैं। बताया गया कि इन तीनों आरोपियों को रीवा के सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं में एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया है। यह आदेश एसपी नवनीत भसीन के प्रतिवेदन के आधार पर मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के प्रावधानों के तहत जारी किया है।

प्रतिबंध की अवधि में आदतन अपराधियों को सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बाद ही प्रवेश मिलेगा। उल्लंघन करने पर मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

बैकुंठपुर: निगरानीशुदा बदमाश है नीलेश

नीलेश सिंह पुत्र जितेन्द्र सिंह (18) निवासी ग्राम पल्हान थाना बैकुंठपुर का निगरानीशुदा बदमाश है। उसके विरूद्ध विभिन्न थाना क्षेत्रों में 6 प्रकरण दर्ज हैं। नीलेश सिंह पिछले तीन वर्षों से नशीले कप सिरप के अवैध व्यापार, लूटपाट और मारपीट जैसे अपराधों में लगातार लिप्त रहा है। उसके विरूद्ध कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। लेकिन उसकी आपराधिक गतिविधियों में कमी नहीं आई है। इसलिए उसके विरूद्ध जिलाबदर की कार्रवाई की गई है। नीलेश को रीवा, सीधी, सतना जिले की सीमाओं में एक वर्ष की अवधि के लिए बाहर रहने के आदेश दिए गए हैं।

सिविल लाइन: शहर में पुलिस को सिरदर्द बना आरोपी

पवन लोनिया पुत्र प्रदीप लोनिया (24) निवासी कबाड़ी मोहल्ला 2013 से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। उसके विरूद्ध विभिन्न थाना क्षेत्रों में 16 प्रकरण दर्ज हैं। वह चोरी, लूट, मारपीट, डराने, धमकाने, गिरोहबंदी, शराब के अवैध व्यापार और अवैध शस्त्र रखने के मामले शामिल हैं। जिससे शहर की आमजनता में भय का माहौल है। पवन के विरूद्ध कई बार प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई। फिर भी उसकी आपराधिक गतिविधियों में किसी प्रकार की कमी नहीं आई। जिसके कारण जिला बदर की कार्रवाई की है। उसे 1 वर्ष के लिए रीवा, सतना में प्रवेश से प्रतिबंधित किया है।

सिविल लाइन: 4 जिलों से किया गया बाहर

शिवम विश्वकर्मा उर्फ कनवा डीजे पुत्र दादू उर्फ बुद्धसेन (20) निवासी कबाड़ी मोहल्ला को जिला बदर किया हैं। उसके विरूद्ध 8 प्रकरण दर्ज हैं। जिसमें हत्या के प्रयास, लूटपाट, नकबजनी, मारपीट, गुण्डागर्दी, गाली-गलौज जैसे प्रकरण शामिल हैं। शिवम 2018 से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। उसके विरूद्ध कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। लेकिन अपराधिक कृत्यों में कमी नहीं आई। लोक शांति बनाए रखने के लिए जिला बदर के आदेश दिए गए हैं। उसे एक वर्ष की अवधि के लिए रीवा, सीधी, सतना और सिंगरौली जिले की सीमाओं में प्रवेश प्रतिबंधित किया है।

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