रीवा कलेक्टर के औचक निरीक्षण पर 68 अधिकारी-कर्मचारी मिले अनुपस्थित, कई लोगों को लगाई जमकर फटकार : विभाग में मचा हड़कंप

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रीवा (REWA NEWS) कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने मंगलवार की सुबह 8 कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न कार्यालयों के 68 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कहा जाता है कि कलेक्टर के भ्रमण के समय कई कार्यालयों में बैठक व्यवस्था अव्यवस्थित पाई गई थी।

साथ ही कार्यालय के कक्षों में साफ-सफाई न मिलने पर कलेक्टर ने कार्यालय प्रमुखों को कड़ी फटकार लगाई है। वहीं जिम्मेदार आठ कार्यालयों के प्रमुखों को एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। चर्चा है कि अनुपस्थित रहे अधिकारी-कर्मचारी (officer-staff) के खिलाफ कार्रवाई की प्रकिया शुरू हो गई है।

रीवा शहर के कार्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था सुधार करने के उददेश्य से कलेक्टर मंगलवार की सुबह 10.40 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच आठ कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण (surprise inspection) किया। कलेक्टर ने शिल्पी प्लाजा ए ब्लॉक स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। जहां अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। सबसे पहले कलेक्टर जिला मापतौल कार्यालय पहुंचे तो ऑफिस बंद मिला। बल्कि बंद दरवाजे के बाहर केवल महिला चौकीदार उपस्थित मिली।

इन कार्ययालो में मिले अनुपस्थित

इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 14, प्रभारी रमसा कार्यालय में 8, संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा में 3, सहायक संचालक मछली पालन कार्यालय में 8, संयुक्त पंजीयक सहकारिता कार्यालय में 7, उप पंजीयक सहकारिता कार्यालय में 9 और उप पंजीयक ऑडिट कार्यालय में 7 अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इसी तरह मापतौल कार्यालय के 12 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले।

निरीक्षण में मिला गंदगी का अंबार

सूत्रों की मानें तो कलेक्टर के निरीक्षण समय ज्यादातर कार्यालयों में गंदगी का अंबार मिला। वहीं विभिन्न कार्यालयों में बैठक व्यवस्था सही नहीं पाई गई। ऑफिस के अंदर साफ-सफाई न मिलने पर कलेक्टर ने कार्यालय प्रमुखों को कड़ी फटकार लगाई। ऐसे में कलेक्टर ने सभी आठ कार्यालयों के कार्यालय प्रमुखों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए है।

जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर ने फटकार लगाते हुए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को सुधर जाने की नसीहत दी। कहा समय पर ऑफिस आने की आदत डाल लें। नहीं आपके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। ध्यान रहे निर्धारित समय पर कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर विभागीय कार्य संपादित करें। जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। आने वाले दिनों में अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुशासनहीनता सहन नहीं की जाएगी।

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