MP के लिए एक्सपर्ट की एक और चेतावनी : 1 फरवरी तक आएगा करोना का पीक, जानिए क्या है सरकार की तैयारियां ..

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MP CORONA UPDATE : मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर (third wave) आ चुकी है। IIT कानपुर के पद्मश्री प्रो. मनिंद्र अग्रवाल (Padmashree Prof. Manindra Agarwal) ने दावा किया है कि जनवरी के आखिरी हफ्ते में प्रदेश में कोरोना केस तेजी से बढ़ेंगे। यह संख्या 25 से 30 जनवरी के बीच 19 से 20 हजार हो जाएगी। कोरोना का पीक 1 फरवरी को आ जाएगा। 

प्रदेश में एक दिन में अधिकतम 38 हजार केस आ सकते हैं

कोरोना की थर्ड वेव डाउन होने लगेगी तो तीसरी लहर को लेकर यह अनुमान सही साबित होता है, तो होली का त्यौहार (18 मार्च) आते-आते वायरस खत्म होने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने चेताया भी है कि कुछ बंदिशें और सख्ती जरूरी है। चेन नहीं टूटने पर पीक का असर मार्च तक झेलना पड़ सकता है।

राज्य सरकार को सौंपी स्टडी रिपोर्ट

प्रो. अग्रवाल ने इस संबंध में राज्य सरकार को स्टडी रिपोर्ट दी है। सरकार कोरोना की जंग लड़ने के लिए इस रिपोर्ट के आधार पर ही तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना को लेकर 5 दिसंबर को आपात बैठक बुलाई थी। इसमें प्रो. अग्रवाल की रिपोर्ट के आधार पर तैयारी रखने के निर्देश अफसरों को दिए गए थे। हालांकि, सीएम ने यह भी कहा कि घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह संभव है कि प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी। आवश्यकतानुसार अस्पतालों व कोविड केयर सेंटरों में बेड कैपेसिटी (bed capacity) बढ़ाएं।

20 जनवरी तक 15 हजार केस आएंगे

प्रो. अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार 15 जनवरी तक एमपी में 5 हजार पॉजिटिव केस रोजाना आएंगे। यह संख्या अगले 5 दिन में तीन गुना होने की आशंका है। प्रो. अग्रवाल के मुताबिक 20 जनवरी तक रोजाना 15 हजार केस आएंगे। दूसरी लहर में जब कोरोना पीक पर था, तब एक दिन में अधिकतम 13 हजार 600 केस आए थे। तीसरी लहर में वायरस दूसरी लहर (second wave) से 300% ज्यादा फैलेगा क्योंकि इसमें एक दिन में 38 हजार केस तक आने का अनुमान जताया गया है।

10 में से सिर्फ 1 को अस्पताल जाने की जरूरत

रिपोर्ट के मुताबिक यह राहत की बात होगी कि 10 में से केवल 1 मरीज को ही अस्पताल या कोविड केयर सेंटर जाने की जरूरत होगी। पीक के दौरान 3500 से 4 हजार मरीजों के लिए अस्पताल में बेड की जरूरत पड़ेगी। इस हिसाब से सरकार ने अनुमान लगाया है कि 19 हजार से 21 हजार बेड की तैयारी रखना होगी। हालांकि, सरकार निजी व सरकारी अस्पतालों में 48 हजार बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व कर रही है। प्रो. अग्रवाल ने यह भी कहा कि जो मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से देखें, तो अस्पतालों में कोरोना के कम मरीजों के भर्ती होने की उम्मीद है।

पाबंदियां बढ़ाना पड़ेंगी

उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि तीसरी लहर (third wave) की रफ्तार को कमजोर करने के लिए पाबंदियां लगाईं और लोग कोरोना गाइडलाइन (covid guidline ) का पालन करेंगे तो फरवरी के पहले सप्ताह में इसका ग्राफ नीचे आ जाएगा। अगर पाबंदियां नहीं बढ़ाई गईं, तो मार्च तक तीसरी लहर (third wave ) के पीक के नीचे आने की उम्मीद है। भारत में मार्च के अंत तक रोजाना 10 हजार से 20 हजार कोरोना के नए केस आने की उम्मीद है।

31 दिसंबर को भी की थी भविष्यवाणी

प्रोफेसर अग्रवाल ने 31 दिसंबर 2021 को भी भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा था कि ओमिक्रॉन (omicron) के बढ़ते मामलों से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने उस वक्त भी दावा किया था कि फरवरी में ओमिक्रॉन पीक (Omicron Peak) पर होगा, लेकिन मरीजों की न तो अधिक होगी और न ही मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ेगा। उन्होंने कहा था कि फरवरी के बाद ओमिक्रॉन की लहर धीरे-धीरे कम होने होने लगेगी।

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