MP : छतरपुर में बड़ी लापरवाही : 70 साल की बुजुर्ग महिला को जबरन कारोंना पॉजिटिव बता किया आइसोलेट

          

छतरपुर में बुजुर्ग महिला, जिसने कोरोना की जांच ही नहीं कराई, उसे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पॉजिटिव घोषित कर दिया। घर के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए। परिजन ने जब आपत्ति जताई तो दो दिन बाद बैरिकेड्स और पोस्टर्स हटा दिए। CMHO ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की बात कही है।

8 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग ने जिले के गौरिहार नगर वार्ड 10 में रहने वाली 70 साल की बुजुर्ग रामप्यारी पटेल के घर का दरवाजा खटखटाया। ‌विभाग के कर्मचारियों ने महिला को बताया कि आपने 5 जनवरी को कोरोना टेस्ट करवाया। रिपोर्ट आ गई है। आप पॉजिटिव हैं। आपको होम आइसोलेट किया जाता है। महिला अपने बेटे‎ शिवदास पटेल के साथ रहती हैं।‎ कर्मचारियों ने आगे बताया कि आप अपने कमरे से बाहर नहीं‎ आएंगी। न बेटे, बहू से न ही नाती‎-पोतों के संपर्क में आएंगी।

मना करने के बाद भी लगाए बैरिकेड्स

रामप्यारी ने विभाग के कर्मचारियों से कहा कि उन्होंने कोई‎ जांच नहीं कराई। बेटे‎ शिवदास ने कहा कि जब मां ने‎ जांच नहीं कराई, तो फिर कोरोना‎ रिपोर्ट कहां से आ गई। प्रशासनिक अमले ने एक नहीं‎ सुनी। उनके मकान के बाहर‎ कंटेनमेंट एरिया का एक बैनर लगा‎ दिया। बांस के सहारे उनके मकान‎ की बैरिकेडिंग कर दी।

हटा दिए बैनर-पोस्टर्स

महिला‎ और उसके परिजन ने मामले‎ में आपत्ति जताई। मामले को तूल पकड़ता देख विभाग के‎ कर्मचारी उनके घर पहुंचे और‎ महिला और उसके परिजन को मनाने लग गए।‎ उनका कहना था कि गलती‎ हो गई, शांत‎ रहिए। सावधान रहिए, किसी के‎ संपर्क में न आइए। 10‎ जनवरी को विभाग ने बैरिकेड्स और बैनर‎ हटा दिए।

बड़ी गलती है

गौरिहार BMO डॉ. एस प्रजापति ने बताया कि यह बहुत बड़ी गलती है। पुराना डाटा कंप्यूटर में दिखाया होगा। इसके अलावा संबंधित कर्मचारी भी टारगेट पूरा करने के लिए ऐसा कर सकते हैं।‎

CMHO डॉ. विजय पथौरिया का कहना है कि‎ यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं‎ था। अगर ऐसा है तो ये एक गंभीर गलती‎ है। मैं दिखवाता हूूं, दोषियों पर‎ कार्रवाई की जाएगी।‎

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