7 PCC सड़कों के 40 लाख के गबन का मामला : फर्जीवाड़ा करने वाली मुख्य महिला आरोपी 2500 रुपए की इनामी सरपंच गिरफ्तार

रीवा (Rewa news) जिले के सिरमौर जनपद पंचायत अंतर्गत बरौं ग्राम पंचायत में 7 PCC सड़कों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाली मुख्य आरोपी महिला सरपंच (accused lady sarpanch) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक 40 लाख रुपए के गबन में शामिल सरपंच की गिरफ्तारी के लिए 2500 रुपए का इनाम घोषित था।

पांच आरोपी पहले हो चुके है गिरफ्तार 

इस मामले में 5 आरोपी पहले ही पकड़ में आ चुके है। अंतिम आरोपी फरार थी। जिसको बीते दिन मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। पुलिस ने महिला सरपंच (lady sarpanch) को रिमांड में लेकर आवश्यक दस्ताबेज जब्त किए थे। इसके बाद जिला न्यायालय में पेश कर केन्द्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है।

थाना प्रभारी ने दी जानकारी 

सेमरिया थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक गर्ग ने बताया कि तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत बरों शैलेंद्र सिंह, सरपंच विनीता पटेल, ग्राम रोजगार सहायक गजेंद्र पाण्डेय सहित अन्य ने मिलकर 7 पीसीसी सड़कों (7 PCC Streets) के निर्माण के नाम पर 40 लाख रुपए का गबन कर शासन के राजस्व को क्षति पहुंचाई थी।

आरोपियों पर ये धाराएं लगी 

तब वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सेमरिया थाने में आरोपीगणों के विरुद्ध धारा 420, 409 आईपीसी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस पंजीबद्ध किया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 2500 रुपए का इनाम घोषित था।

भ्रष्टाचार के मामले में जब अनुसंधान अधिकारियों ने जांच की तो बड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया था। तब जांच में पाया कि ग्राम पंचायत बरौं अंतर्गत विभिन्न टोला व मोहल्लों में 7 PCC सड़कों (7 PCC Streets) का निर्माण हुआ ही नहीं है। बल्कि पंचायत के जिम्मेदारों ने राशि आहरित कर आपस में बन्दरबाट कर ली।

ये आरोपी पहले ही हो चुके है गिरफ्तार

गौरतलब है कि बरौं ग्राम पंचायत फर्जीवाड़े (gram panchayat fraud) में शामिल तत्कालीन सचिव शैलेन्द्र सिंह, रोजगार सहायक गजेंद्र पाण्डेय, साईं ट्रेडर्स संचालक ओंकार सिंह निवासी बैकुंठपुर, एमएच राधाकृष्णन फर्म के संचालक बृजेन्द्र तिवारी निवासी बरौ और पूर्व सरपंच बरौं विजय सिंह पहले ही गिरफ्तार हो चुके है।

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