REWA : पुलिस के हाथ लगा बकरी चोर गिरोह : लग्जरी वाहन से रात को चोरी करने आते थे बदमाश, ग्रामीणों ने पकड़कर पेड़ में बाधा

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रीवा। एक लंबे समय से पुलिस के लिए नासूर बना बकरी चोर गिरोह पहली बार पुलिस के हांथ लगा है। इस गिरोह के एक सदस्य को लोगों ने पकड़कर पेड़ से बांध दिया। उसे पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले आई। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में गिरोह से जुड़ी अहम जानकारियां दी है जो लंबे समय से पूरे इलाके में कोहराम मचाए हुए था।

रात में बकरियों को चुराने आए थे बदमाश

मऊगंज थाने के हर्रहा गांव मनोज सिंह गोड़ के घर में देर रात पशु तस्करों ने धावा बोल दिया। बदमाश लग्जनी वाहन में सवार में सवार होकर आए थे और पीडि़त द्वारा बाड़े में रखी गई बकरियां अपने वाहन में भर रहे थे। इस दौरान पीडि़त को आहट मिल गई तो उन्होंने बदमाशों को पकडऩे का प्रयास किया। इस दौरान बदमाशों ने उन पर चाकू अड़ा दिया। शोर शराबा सुनकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए जिस पर फोरव्हीलर वाहन में सवार होकर बदमाश चंपत हो गए जो दो बकरियां भी ले गए। एक बदमाश अंदर से बकरियों को निकाल रहा था जो लोगों के हांथ लग गया। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पेड़ से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई जो भीड़ से आरोपी को सुरक्षित थाने ले आई। पुलिस पूछताछ में बकरियां उड़ाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

रेगी करने गांव आए थे बदमाश

उक्त बदमाश तीन दिन पूर्व रेगी करने आए थे और घर को चिंहित करने के बाद वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। लग्जरी वाहन में आवाज कम होती है जिसका इस्तमाल उन्होंने बकरियों को चुराने के लिए किया था। आगे वे बकरियों को उससे निकालकर पिकअप वाहन में लोड कर देते और उसे यूपी लेकर जाते। पूछताछ में करीब दस खरीददारों के नाम सामने आए है जिनसे आरोपी चोरी की बकरियां खरीदते थे। पुलिस अब उनकी भी तलाश कर रही है। इलाके से चोरी हुई बकरियां इन्हीं खरीददारों के पास से बरामद होगी। बुधवार को उक्त आरोपी से दिन भर पूछताछ चली। हालांकि वह पहली बाद बदमाशों के साथ वारदात में आने की जानकारी दे रहा है जबकि उसके साथ कई बार बकरियां चोरी कर चुके है।

रात मेंं आवाज नहीं करती बकरियां, यूपी में करते थे बिक्री

उक्त आरोपी के मुताबिक बकरियों की चोरी में काफी आसानी होती थी। बकरियां रात में आवाज नहीं करती हे जिससे उनको बाड़े से निकालकर वाहन में लोड करना और यूपी लेकर जाना आसान होता था। यहांं से बकरियां चुराकर वे यूपी में लोगों को बेंच देते थे। यूपी में आसानी से बकरियां बिक जाती थी जिससे वे काफी समय से इनकी चोरी कर रहे थे।

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