MP : भोपाल की टॉप यूनिवर्सिटी की महिला प्रोफेसर भूली खुद के संस्कार, फल ठेले वाले के फल को सड़क पर बिखेरा

BHOPAL NEWS : किसी शिक्षक के कंधों पर बच्चों को संस्कार सिखाने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन भोपाल में एक महिला प्रोफेसर (female professor) खुद ही संस्कार भूल गईं और गुस्से में आकर एक फल वाले के ठेले के फल सड़क पर बिखेर दिए। फल वाले का कसूर सिर्फ इतना था कि उसके फल का ठेला प्रोफेसर की कार से टकरा गया था। कार प्रोफेसर के घर के बाहर खड़ी थी। नाराज होकर प्रोफेसर ने फल वाले को लताड़ लगाते हुए सड़क पर उसके फल बिखेर दिए। वह इस कदर गुस्से में थीं कि राहगीरों के रोकने पर भी नहीं रुकीं। इस मामले में कलेक्टर अविनाश लवानिया (Collector Avinash Lavania) ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने ठेले वाले और महिला प्रोफेसर के बारे में पता करने और उसके बाद कार्रवाई के लिए कहा है।

पिपलानी थाना क्षेत्र की घटना

मामला भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र के अयोध्या नगर (Ayodhya Nagar) इलाके का बताया जा रहा है। सुबह-सुबह एक फल वाला अपना ठेला लेकर इलाके में घूम रहा था। इसी दौरान उसका ठेला वहां खड़ी एक कार से टच हो गया। यह कार एक महिला प्रोफेसर (female professor) की थी। यह देखकर मैडम ने घर से निकलकर ठेले वाले को खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं मैडम ने ठेले पर रखे फल एक-एक कर सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया। फल वाला एक तरफ खड़े होकर सबकुछ देखता रहा। महिला भोपाल की एक टॉप यूनिवर्सिटी (top university) में प्रोफेसर बताई जा रही हैं। कार राजेश तिवारी (rajeshtiwari ) के नाम रजिस्टर्ड है।

कलेक्टर ने दिए महिला प्रोफेसर और ठेले वाले का पता लगाने के निर्देश

पीड़ित बोला- पति ने सॉरी कहा, लेकिन मैडम नहीं आईं

महिला प्रोफेसर (female professor) के गुस्से का शिकार हुए ठेले वाले अशरफ ने बताया कि घटना सात-आठ दिन पुरानी है। वह रोजाना की तरह दोपहर करीब 12 बजे अयोध्या नगर (Ayodhya Nagar) के भवानी धाम इलाके में फल लेकर जा रहा था। इसी दौरान कॉलोनी में सड़क किनारे खड़ी गाड़ी से ठेला टकरा गया। मैडम बाहर आईं। बहस करने लगीं। उन्होंने ठेले के फल केले से फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद वहां भीड़ लग गई। कई लोगों ने मैडम को मना भी किया था, कुछ महिलाएं भी आई थीं, लेकिन मैडम नहीं मानी। मामले की पिपलानी थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने मैडम और उनके पति को बुलाया था। उनके पति परिचित निकले। वह सरकारी अधिकारी हैं। किस विभाग में का पता नहीं है। उन्होंने सॉरी कहा था, लेकिन मैडम नहीं आईं। फिर बाद में समझौता कर लिया

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