UP Elections 2022 : यूपी में भगवाधारी आएंगे या अखिलेश; लाल रंग लहराएगा या भगवा फहराएगा?

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यूपी में भगवाधारी आएंगे या अखिलेश...यूपी में लाल रंग लहराएगा या भगवा फहराएगा? या इस सियासी समर का नतीजा कुछ और होगा?  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP assembley election) की तारीखों का ऐलान शनिवार को जैसे ही हुआ. राज्य की दो बड़ी पार्टियों ने तुरंत 2022 से 27 के लिए CM की कुर्सी पर अपना दावा ठोक दिया. चूंकि चुनाव डिजिटल और वर्चुअल की दुनिया में हो रहा है इसलिए वार और प्रतिवार भी वही से किए जा रहे हैं. यूपी बीजेपी के ट्विटर हैंडल ने एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में भगवा वस्त्र पहने सीएम योगी की एक आदमकद तस्वीर थी और भाजपाइयों का प्रिय नारा था- राजतिलक की करो तैयारी, 10 मार्च को फिर से आ रहे हैं भगवाधारी. 

बीजेपी ये दावा कर ही रही थी कि राज्य की प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने तुरंत हमला किया और लखनऊ की गद्दी पर अपना प्रतिदावा ठोक दिया. समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट आया-10 मार्च आ रहे हैं अखिलेश. इस ट्वीट में अखिलेश समाजवादियों की लाल टोपी पहने जन सैलाब के सामने नजर आ रहे हैं. 

तुरंत ही ये दोनों तस्वीरें सोशल की दुनिया में रीट्वीट, लाइक और शेयर होने लगी. इसी के साथ ही सेट होने लगा यूपी में 2022 के घमासान का टोन. वर्चुअल की दुनिया में दोनों पार्टियों के नेता कार्यकर्ता और समर्थक पूरी मीम्स, तस्वीरें, फोटो और डिजिटल नारे के साथ 22 के समर में उतर पड़े हैं. 8 जनवरी से शुरू हुआ ये इलेक्शन 10 मार्च को मुकम्मल होगा. 

धर्म का तड़का जोरो पर 

भगवाधारी को प्रोजेक्ट कर यूपी बीजेपी ने साफ कर दिया है कि बीजेपी इस पूरे चुनाव में सीएम योगी की भगवा आइडेंटिटी को जोर-शोर से उठाएगी और धर्म का तड़का इस चुनाव में खूब चलेगा. इसके अलावा बीजेपी मजबूत लॉ एंड ऑर्डर को अपने शासन का USP बता रही है. चुनाव की घोषणा के बाद यूपी के मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 10 मार्च को एक बार फिर बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ जनता जनार्दन का आशीर्वाद प्राप्त करने सफल होगी. CM योगी ने अपनी दावेदारी का झंडा बुलंद करते हुए कहा कि कोई गलतफहमी में न रहे, यूपी का  ये चुनाव 80 बनाम 20 का है. एक और 80 फीसदी लोग होंगे दूसरी ओर 20 फीसदी. 

इधर अखिलेश का तरकश भी औजारों से भरा है. पूर्व सीएम योगी सरकार की कमियों और नाकामियां चुन-चुनकर गिना रहे हैं. अखिलेश के पास मुस्लिम अस्मिता का प्रश्न है. किसानों की दुश्वारियां है, बेरोजगारों की नौकरी का सवाल है.  शनिवार को चुनाव की तारीख आते ही अखिलेश ने कहा कि बीजेपी ने किसानों के हित के लिए कोई फैसला नहीं लिया इसलिए 10 मार्च को भाजपा का साफ होना तय है. 10 तारीख के बाद सपा ने जो संकल्प लिया है, यहां के लोगों को 300 यूनिट बिजली के लिए कोई बिल नहीं आएगा, बिल शून्य होगा. समाजवादी पार्टी ने कहा कि 10 मार्च, भाजपा साफ. किसानों, नौजवानों, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों, व्यापारियों, कारोबारियों की खुशहाली लेकर 10 मार्च को आ रहे हैं अखिलेश. बता दें कि 10 फरवरी से शुरू होकर यूपी में 7 मार्च तक 7 चरणों में चुनाव होंगे और नतीजे 10 मार्च को आएंगे.

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