IPL 2022 MEGA AUCTION : अब IPL में खेलेगा सतना का प्रद्युम्न : बेस प्राइस 20 लाख रुपए; 590 खिलाड़ियों में नाम हुआ शामिल


IPL-2022 मेगा ऑक्शन में दोस्तों से बल्ला उधार लेकर क्रिकेट सीखने वाले सतना के प्रद्युम्न तिवारी के लिए भी बोली लगेगी। उनका बेस प्राइस 20 लाख रुपए रखा गया है। बाएं हाथ के फास्ट बॉलर प्रद्युम्न फिलहाल DDCA (दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन) के लिए खेलते हैं।

छोटे गांव से IPL ऑक्शन तक पहुंचने वाले प्रद्युम्न की कहानी संघर्षों से भरी है। एक समय ऐसा भी आया, जब उन्हें लगा कि सब कुछ खत्म हो गया। वह समय था उनके दादा का निधन, जो चाहते थे कि पोता क्रिकेटर बने। दादा के जाने के साथ ही सपना भी टूटने लगा, पर चाचा ने संभाल लिया। 

पढ़िए प्रद्युम्न के यहां तक पहुंचने की कहानी...

प्रद्युम्न का जन्म 14 दिसंबर 2000 को रीवा जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर बकिया गांव (सतना) में हुआ। पिता नारायण तिवारी छोटे से किसान हैं। बेटे को बड़े स्कूल में पढ़ाने के लिए पैसा नहीं था। इसलिए उन्होंने प्रद्युम्न को सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय गुरुकुल में भेजा।

प्रद्युम्न बचपन से ही क्रिकेट का माहिर खिलाड़ी बन गया। गुरुकुल में ही क्लास एक से 12वीं तक की पढ़ाई की। पोते की क्रिकेट में दिलचस्पी देख दादा ने उसे भोपाल की क्रिकेट एकेडमी भेज ​दिया। यहां वो दोस्तों की किट से ही क्रिकेट खेलने लगा। शुरुआत में MP से कई मैच खेले, लेकिन जब सुरक्षित ​भविष्य नहीं दिखा तो दिल्ली की ओर रुख कर लिया।

बाबा ने दिया मां का दुलार

प्रद्युम्न ने बताया कि खेल के लिए हर पल प्रोत्साहन देने वाली मां बचपन में ही गुजर गईं थीं। 2018 में दादा दयानंद तिवारी के निधन के साथ क्रिकेट खेलने का सपना खत्म हो गया था। उस साल चार महीने तक बकिया गांव में अकेले रहा। गांव के ही बच्चों के साथ टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला। मेरा मुरझाया चेहरा देख चाचा हरिओम तिवारी (आरक्षक) ने भरोसा दिलाया।

उनके समझाने के बाद 8 माह बाद क्रिकेट को जॉइन किया था। अब प्रद्युम्न की कोचिंग का खर्चा चाचा वहन करते हैं। उन्हें भरोसा है कि भतीजा अपने दादा और मां के सपनों को पूरा करेगा। बस इसी आस में अपनी जमा पूंजी का कुछ हिस्सा हर महीने प्रद्युम्न को भेजकर उसे देश के लिए खेलते देखना चाहते हैं।

2016 में IPL के लिए चयन, पर किट नहीं थी

प्रद्युम्न तिवारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वर्ष 2016 में IPL के लिए चयन हो गया था, लेकिन दिल्ली के साथी क्रिक्रेटरों की तरह किट नहीं थी। ऐसे में एक दिन मेरी तरफ प्यूमा कंपनी के मैनेजर राकेश यादव की नजर पड़ी। उन्होंने पहली बार किट गिफ्ट कर मेरे सपनों में जान डाल दी। आज उनकी बदौलत मैं क्रिकेट में बना हुआ हूं।

सीनियर क्रिकेटर ने डाली सपनों में जान

2019 की शुरुआत में यूपी के लखीमपुर के सीनियर क्रिकेटर अनिल कश्यप से मुलाकात हुई। जिनको मैं 2016 से जानता था। मेरी आर्थिक स्थि​ति को देखते हुए अनिल कश्यप ने हर प्रकार से मदद की। हम चार साल से रूम पार्टनर है। साथ में ही प्रेैक्टिस करने जाते हैं। वे रोजाना सुबह शाम सकारात्मक पहलू शेयर कर भरोसा दिला रहे हैं।

हाल के सीजन में 5 मैचों में 13 विकेट चटकाए थे। हालांकि, कोरोना के कारण 9 मैच रद्द हो गए। जबकि हर साल 14 मैच होते थे। कुल मिलाकर दिल्ली के घरेलू क्रिकेट में 170 मैचों में 224 विकेट लेकर IPL 2022 की नीलामी के लिए सभी का ध्यान खींचा।

जीवाजी क्लब के खिलाफ लगा चुके हैं सेंचुरी

दिसंबर 2018 में प्रद्युम्न ने स्टेट चैंपियनशिप अंडर-19 में एक नया कारनामा कर दिखाया। बॉलर होते हुए भी 6 साल के करियर में प्रद्युम्न ने पहली सेंचुरी लगाई। ये सेंचुरी मध्यप्रदेश के जीवाजी क्लब के खिलाफ थी। जहां प्रद्युम्न ने 60 बॉल में 111 रन बनाते हुए सैकड़ा जड़ दिया। जिसमें 17 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के भी शामिल थे।

IPL ऑक्शन में 334वें नंबर पर

12 और 13 फरवरी को बेंगलुरु में IPL नीलामी होगी। इसके पहले फटाफट क्रिकेट में युवा चेहरों पर देश दुनिया की निगाहें है। नीलामी में 590 क्रिकेटरों को शामिल किया गया है। 334 स्थान में प्रद्युम्न का नाम भी शामिल है।

Powered by Blogger.