REWA : भ्रष्टाचारी नायब तहसीलदार को बेनकाब : 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रेप, आदेश निरस्त कराने के एवज में मांगी थी रकम

रीवा लोकायुक्त पुलिस ने एक भ्रष्टाचारी नायब तहसीलदार को बेनकाब किया है। लोकायुक्त सूत्रों की मानें हनुमना तहसील के पहाड़ी वृत्त में पदस्थ नायब तहसीलदार को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया गया। दावा है आरोपी स्थगन आदेश को निरस्त कराने की एवज में रकम मांगी थी लेकिन बिना पैसे लिए काम करने को तैयार नहीं था।

थक हारकर अधिवक्ता लोकायुक्त एसपी के पास पहुंचा था। जहां आवेदन का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई। ऐसे में शनिवार की दोपहर तहसील कार्यालय में रिश्वत के साथ नायब तहसीलदार को रंगे हाथ पकड़ लिया है। लोकायुक्त की टीम नायब तहसीलदार को लेकर विश्राम गृह पहुंची है। यहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि शनिवार की दोपहर 2 बजे भुवनेश्वर सिंह मरावी नायब तहसीलदार वृत्त पहाड़ी तहसील हनुमना को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। उसके खिलाफ शिकायतकर्ता अधिवक्ता अश्वनी द्विवेदी पुत्र नरेंद्र कुमार द्विवेदी निवासी नयागांव ने कुछ दिन पहले कार्यालय पहुंचकर शिकायती ​आवेदन ​दिया था।

अधिवक्ता से पैरवी के बदले ली रकम

पीड़ित का आरोप था कि वह आनंद कुमार पाण्डेय और राम गोपाल पाण्डेय के जमीन की पैरवी कर रहा हैं। स्थगन आदेश निरस्त करने की एवज में आरोपी नायब तहसीलदार द्वारा शिकायतकर्ता अधिवक्ता से 5000 रुपए की मांग की गई। इसके पहले नायब तहसीलदार 2000 रुपए ले चुका है। सत्यापन उपरांत शिकायत सही पाए जाने पर शनिवार की दोपहर ट्रैपिंग के लिए डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक ऋतुका शुक्ला के नेतृत्व वाली 14 सदस्यीय टीम भेजी थी।

तय सौदा से 2 हजार ज्यादा लिया

लोकायुक्त एसपी ने बताया कि आरोपी नायब तहसीलदार बड़ा शातिर था। उसने पहले 5000 रुपए में सौदा तय किया था। जिसकी एडवांस रकम 2 हजार ले चुका था, लेकिन जब अधिवक्ता ट्रैंपिग से पहले 3000 रुपए देने पहुंचा तो वह मुकर गया। कहा अब तीन हजार नहीं पांच हजार चाहिए। ऐसे में मजबूर होकर अधिवक्ता अश्वनी द्विवेदी ने 5 हजार रुपए दिए थे।

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