REWA : आगामी 15 जुलाई 2022 तक जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित, निजी भूमि पर नलकूप खनन करने पर SDM से लेनी होगी परमीशन

रीवा जिले को आगामी 15 जुलाई 2022 तक जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मनोज पुष्प ने जारी आदेश में कहा कि भू-गर्भीय जल स्त्रोतों के अत्याधिक दोहन और बढ़ने तापमान के कारण जल स्तर तेजी से गिर रहा है।

ऐसे में जिले के अंदर आसन्न पेयजल संकट खड़ा हो सकता है। जिससे पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों के तहत जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाता है। आदेश में कहा है कि यदि इसी बीच कोई निजी भूमि पर नलकूप खनन कराता है तो उसको SDM से परमिशन लेनी होगी।

ये है आदेश

कलेक्टर ने कहा है कि 15 जुलाई 2022 तक किसी भी शासकीय भूमि पर स्थित जल स्त्रोतों में पेयजल और घरेलू कार्य को छोड़कर पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। इसमे जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के समस्त जल स्त्रोत नदी, नाले, स्टाप डैम, सार्वजनिक कूप शामिल रहेंगे।

जो पेयजल और घरेलू कार्यों के लिए तत्काल प्रभाव से सुरक्षित करने के आदेश दिए हैं। प्रतिबंध की अवधि में किसी भी व्यक्ति अथवा निजी एजेंसी द्वारा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना नवीन नल कूप खनन की अनुमति नहीं होगी। सि​र्फ शासकीय नल कूप खनन को प्रतिबंधों से छूट दी गयी है।

सिर्फ एसडीएम के पास रहेगा पावर

प्रतिबंध की अवधि में यदि कोई व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर नल कूप खनन कराना चाहता है तो उसे निर्धारित प्रारूप में शुल्क सहित अपने क्षेत्र के एसडीएम को आवेदन करना होगा। लिखित अनुमति मिलने के बाद ही नल कूप खनन किया जा सकेगा।

यदि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक पेयजल स्त्रोत सूख जाते हैं। वहीं विकल्प के रूप में अन्य सार्वजनिक पेयजल स्त्रोत उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में एसडीएम निजी पेयजल स्त्रोत को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिग्रहीत कर सकेंगे। ये आदेश 15 जुलाई 2022 तक लागू रहेंगे।

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