रीवा में वंचित बच्चों के लिए शुरू की गई अंकुर पाठशाला : लक्ष्मी एजुकेशन की सोनाली श्रीवास्तव और अविष्कार एजुकेशन की प्रिया चतुर्वेदी ने चलाया अभियान

REWA NEWS : रीवा शहर के युवा स्लम बस्ती में जाकर 40 बच्चों को एकत्र कर कंप्यूटर और स्किल डेवलपमेंट (computer and skill development) की शिक्षा दे रहे है। इसकी शुरुआत दो युवा महिलाओं ने की थी।  आपको बता दे कि लक्ष्मी एजुकेशन सोसाइटी (Laxmi Education Society) की सोनाली श्रीवास्तव और अविष्कार एजुकेशन (Avishkar Education) की प्रिया चतुर्वेदी सबसे पहले आगे आई।

निराला नगर स्लम बस्ती में अंकुर पाठशाला (Ankur Pathshala in Nirala Nagar Slum Basti)

आपको बता दे की कुछ दिनों पहले निराला नगर स्थित स्लम बस्ती में 'अंकुर पाठशाला' ('Ankur School') संचालित की थी। जिसमे  एक महीने के अंदर ही एक दर्जन से ज्यादा युवा अभियान में जुड़कर अपना संडे का समय बचपन के नाम करने का निर्णय लिया है। इस अभियान में अब इंजीनियर, डॉक्टर, छोटे उद्यमी, स्पोर्ट्स टीचर से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता भी जुड़ गए है।

पढ़िए अभियान का उद्देश्य (Read the purpose of the campaign) 

सोनाली श्रीवास्तव और प्रिया चतुर्वेदी का मानना है कि स्लम बस्ती में रहने वाले गरीब बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिला तो ले लिए है। लेकिन स्कूल नहीं जाते। 'अंकुर पाठशाला' का उद्देश्य है कि स्लम बस्ती के बच्चों को एकत्र कर स्कूली शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर और स्किल डेवलपमेंट (computer and skill development) की जानकारी दी जाए। जिससे उनका शिक्षा की ओर जुड़ाव होगा। साथ ही स्कूल से संबंधित मूलभूत सुविधाएं भी दी जा रही है। जैसे बच्चों को कापी-किताब पेन-बस्ता आदि शामिल है।

अंशुमान गुप्ता ने समझाया हिंदी व इंग्लिश भाषा का ज्ञान 

बच्चों को हिंदी व इंग्लिश भाषा का ज्ञान सरल तरीके से अंशुमान गुप्ता (Anshuman Gupta) द्वारा समझाया जा रहा है। जो बच्चों को गणित विषय सरल तरीके से बच्चों को सिखाया रहे है। साथ ही नीलांजना पाण्डेय (Nilanjana Pandey) ने बच्चियों को स्किल डेवलपमेंट व स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। साथ ही बेनिसन हेल्पिंग सोशल वेलफेयर सोसाइटी (Bennison Helping Social Welfare Society) से अमर कुशवाहा व्यवस्था बनाने में योगदान दे रहे है। विद्या दान के नेक कार्य में शहर के युवा समाजसेवी परमजीत सिंह डंग (परमजीत सिंह डंग) ने बच्चों को स्टेशनरी प्रदान की है।


इस चीजों की दी जा रही ट्रेनिंग

आपको बता दे की प्रत्येक रविवार भाषा ज्ञान, जनरल नॉलेज, प्रायोगिक विज्ञान, स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दे रही है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिले में मूक बधिर बच्चों व महिला स्वरोजगार क्षेत्र में काम कर रही लक्ष्मी एजुकेशन एंड ट्रेनिंग सोसाइटी (Laxmi Education And Training Society) की सोनाली श्रीवास्तव और विज्ञान व तकनीकी क्षेत्र में काम कर रही अविष्कार एजुकेशन (Avishkar Education) से प्रिया चतुर्वेदी ने मुहिम में जान डाल दी है।

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