Hijab Row : हाईकोर्ट का फैसला आज : बेंगलुरु समेत कई जिलों में धारा 144 लागू, हिजाब पर बैन या स्कूल-कॉलेजों में मिलेगी इजाजत?

कर्नाटक हिजाब विवाद पर आज हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है. कर्नाटक चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच स्कूल-कॉलेजों में मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने को लेकर सुबह 10.30 बजे इस मामले पर अंतरिम आदेश सुनाएगी. 

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कर्नाटक हाईकोर्ट में उडुपी की लड़कियों ने एक याचिका दायर की थी. इस पर 9 फरवरी को चीफ जस्टिस रितुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की बेंच का गठन किया गया था. लड़कियों ने याचिका दायर कर मांग की थी कि उन्हें क्लास के अंदर भी हिजाब पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि यह उनकी आस्था का हिस्सा है. 

LIVE UPDATE 

फैसले से पहले हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 

कर्नाटक हिजाब विवाद पर फैसले को लेकर कर्नाटक के कोप्पल और गडग जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है. 

कलबुर्गी में धारा 144 लागू की गई है. यह 19 मार्च तक लागू रहेगी. 

दावणगेरे और हासन जिले में भी धारा 144 लागू की गई है. 

शिवामोगा में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. इसके साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 21 मार्च तक धारा 144 लागू की गई है. फैसले पर किसी भी तरह के जश्न पर भी पाबंदी लगाई गई है. 

बेलगांव और चिक्कबल्लापुर में भी धारा 144 लागू कर दी गई है. 

बेंगलुरु में 1 हफ्ते के लिए धारा 144 लागू. किसी भी तरह के विरोध और भीड़ के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है.

धारवाड़ में धारा 144 लगा दी गई है.

क्या है हिजाब विवाद?

कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद की शुरुआत जनवरी में हुई थी. यहां उडुपी के एक सरकारी कॉलेज में 6 छात्राओं ने हिजाब पहनकर कॉलेज में एंट्री ली थी. कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मना किया था, लेकिन वे फिर भी पहनकर आ गई थीं. इसके बाद लड़कियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज किया था. 

इसके विवाद कर्नाटक से लेकर पूरे देशभर में हिजाब को लेकर विवाद शुरू हुआ. स्कूलों में हिजाब के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन किए गए. यहां तक कि मामला सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. 

कर्नाटक सरकार ने यूनिफॉर्म को लेकर किया था फैसला

विवाद को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने स्कूल- कॉलेज में यूनिफॉर्म को अनिवार्य करने का फैसला किया था. इसके तहत सरकारी स्कूल और कॉलेज में तो तय यूनिफॉर्म पहनी ही जाएगी, प्राइवेट स्कूल भी अपनी खुद की एक यूनिफॉर्म चुन सकते हैं. 

अगले आदेश तक धार्मिक पोशाक पर लगी है रोक

हिजाब पर रोक को लेकर कुछ छात्रों ने कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया था. लेकिन हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इसे तीन जजों की बेंच में ट्रांसफर कर दिया. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अगले आदेश तक स्कूल कॉलेजों में धार्मिक पोशाक पहनने पर रोक लगा दी थी. 

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