REWA : 12वीं फेल एक गांव के लड़के से लेकर हवसी दरिंदा महंत सीताराम दास बनने की कहानी : महंत ने पहले किस किया फिर बिस्तर पर गिराकर..

         

(Sitaram Das Maharaj Rewa Rajniwas Case) रीवा। राजनिवास रेप कांड के मुख्य आरोपी महंत सीताराम दास के काले कारनामे अब एक के बाद एक पुलिस की जांच में सामने आ रहे हैं। अब महंत के चरित्र का खुलासा और भी हो रहा है। रेपिस्ट महंत (Rapist Mahant) अय्यास तो था ही लेकिन इसके कई लड़कियों से भी संबंध थे, वह किराए सहित अपनी इन्ही महिला मित्रो के साथ अपनी चाहते पूरी करता था।

बता दें कि महंत के गिरफ्तारी के बाद से ही उसकी एक युवती के साथ फोटो वायरल होने लगी थी। इस युवती को रीवा का चर्चाओ में बताया जा रहा था लेकिन अब इस एक नया खुलासा यह भी हुआ है कि महंत का गोंडा में भी एक युवती के साथ संबंध था। 

महंत जिस आश्रम में रहता था वहां उस युवती का काफी आना जाना था और वह वहां भी अय्यासी में कमी नही रखता था। शराब-सिंगरेट (wine-singerette) सहित गांजा जैसे मादक पदार्थो का शौखिन महंत यह सब अपने चेलों से मांगता था। महंत की अय्यासी की खबर गोंडा के लोंगो को तब लगी जब वह एक मामले में गिरफ्तार हुआ।

युवती से प्रेम प्रसंग का खुलासा (love affair with girl)

उससे पहले युवती से प्रेम प्रसंग का खुलासा हो चुका था। जिसको लेके काफी विवाद भी वहां हुआ था। वही रीवा में भी युवती से संबंध का चर्चा तेज है। बता दें कि बीच मे यह भी चर्चा थी कि गुढ़ की रहने वाली महंत की महिला मित्र ने ही उसे भागने में मदद भी की थी। हालाकिं बाद में पुलिस ने ऐसे किसी महिला मित्र को गिरफ्तार नही किया। 

अब भी इस बात को लेके संसय बना हुआ। बता दें कि महंत सीताराम दास (Mahant Sitaram Das) ने अपनी गोंडा में रामजानकी मंदिर (Ramjanaki Temple) की महंती मिलने के महज कुछ दिन बाद ही वहां गोली चलवाई थी जिसमे वह 8 माह तक जेल में भी रहा।

12वीं फेल एक गांव के लड़के से लेकर महंत सीताराम दास बनने की कहानी आज हम आपको बताने जा रहे हैं, 

महंत सीताराम दास वही है जो बहुचर्चित राजनिवास रेप कांड (Raj Niwas rape case) का मुख्य आरोपी है, महंत के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच की तो बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं, दुष्कर्म का आरोपी महंत बचपन से ही उदंडी प्रवृत्ति का था, गरीब मां-बाप के लिए शुुरु से ही मुसीबते पैदा करता रहा और अंत में उन्हें बेघर तक कर दिया। गार्ड की नोकरी व टिफिन सेंटर चला कर इस दुष्कर्म के आरोपी महंत को यह गरीब माता-पिता पढ़ालिखाकर इंजीनियर बनाना चाहते थे लेकिन उसने इन काले कारनामों को अंजाम दे दिया। 

तो आइए हम आपको दुष्कर्म के आरोपी महंत सीताराम दास के जिंदगी की असल दास्तां सुनाते हैं, ऐसे बना महंत...

महंत सीताराम दास, जिसका असली नाम है- समर्थ त्रिपाठी, वह मूल रूप से रीवा के ही गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के गुढ़वा गांव का रहने वाला समर्थ किशोर अवस्था से ही उदंडी व झगड़ालू था। उसके पिता सच्चिदानंद त्रिपाठी भोपाल में सिक्योरिटी गार्ड की नोकरी कर परिवार का जीवन यापन कर रहे थे व जबकि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से उसकी मां भी टिफिन सेंटर चलाती है। बचपन से ही सामर्थ को अच्छी शिक्षा देकर उसे इंजीनियर (Engineer) बनाने का सपना देखने वाले माता-पिता आर्थिक स्थिति ठीक न होते हुए भी उसे प्राइवेट स्कूल गुढ़ में ही गणेश उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से दाखिला दिलाया। तब पिता भी प्राइवेट नोकरी स्कूल में ही करते थे। जैसे तैसे वह 12वीं तक पहुंचा लेकिन 12वीं में फेल हो गया था। गांव में उसके झगड़े होने लगे। इसके चलते माता-पिता ने जैसे-तैसे उसे भोपाल में 10वीं कक्षा के नंबरों के आधार पर पॉलिटेक्निक कॉलेज (polytechnic college) में दाखिला दिलवा दिया। यहां भी उसका पढ़ाई में मन नहीं लगा। उसे उसके माता-पिता भाजपा के पूर्व सांसद और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष रहे रामविलास वेदांती के पास ले गए, जो उसके रिश्ते में दादा लगते हैं। 

हालांकि रामविलास वेदांती ने उसे दीक्षा देने और आश्रम में रहने की बात को खारिज किया है। महंत सीताराम दास को जानने वाले बताते हैं, उसे गोंडा में तिर्रेमनोरमा (tirremanorama) स्थित रामजानकी मंदिर का महंत बना दिया गया। महंती का कार्यक्रम बीते 7 सितंबर 2020 को रखा गया था जिसमें भाजपा के दिग्गज नेता पहुंचे थे ऐसा भी कहा जाता है और कुछ फोटो भी इस संबंध में वॉयरल हुआ था। इस दिन उसे महंत बनाया गया। जब महंत का ताज उसके सर पर चढ़ा तो वह अपने आप में ही शहंशाह हो गया और महंत बनने के बाद से ही उसकी निगाह ट्रस्ट की 120 बीघा जमीन पर आ गई। 

120 बीघा जमीन के लिए  साधु सम्राटदास पर प्रोफेशनल शूटर से चलवा दी गोली 

महंत को मंदिर में भी रीवा के ही उसके गांव के साथी सम्राटदास उर्फ अतुल त्रिपाठी का साथ मिल गया, इन दोनो की जोड़ी ने क्राइम की दुनिया में कब पैर रखा किसी को पता नहीं चला और कुछ ही माह में मंदिर में बड़ा षणयंत्र रचा, मंदिर की 120 बीघा जमीन को लेकर गोंडा के ही अमर सिंह से विवाद चल रहा था। इसके चलते सीताराम दास ने एक प्रोफेशनल शूटर (professional shooter) हॉयर किया। उसे पैसे दिए और महंत बनने के करीब एक महीने बाद ही साधु सम्राटदास पर गोलियां चलवा दी। इस साजिश में खुद सम्राटदास शामिल था, शूटर को उस जगह गोली मारने के लिए कहा गया, जिससे सम्राटदास की मौत न हो। सम्राटदास को गोली लगी, आरोप अमर सिंह पर डाला गया। लेकिन पुलिस ने महज एक सप्ताह में पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद महंत सीताराम दास और उसके रीवा के साथी पकड़े गए। वह जेल गया। इस बीच महंत की युवती वहीं की युवती से प्रेम प्रसंग भी सार्वजनिक हो गया, वहां वह पूरी तरह से बदनाम हो चुका था, इसके चलते वह रीवा आ गया। यहां उसने उन लोगों के साथ मिलकर अपना प्रचार शुरू किया, जो बड़े नेता, अफसरों के करीबी थे। इसमें से अधिकांश अपराधी थे, जो अब समाज सेवियों का चोला ओढ़े हुए थे। 

रीवा को बनाया अय्यासी का अड्डा 

रीवा को अय्यासी का अड्डा बना चुके महंत को पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ हर कुछ ही मिल रहा था, इसी बीच उसने रीवा सर्किट हाउस में किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। सीताराम दास के बारे में यह भी बताते हैं कि रीवा में भी उसने बाइक चलाते समय किसी को टक्कर मारी थी। इतना ही नहीं चर्चा यह भी है कि वह गुढ़ क्षेत्र में गांजा पीते पकड़ा गया और पुलिस उसे थाने ले गई लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर उसे छोडऩा पड़ा, बाद में महंत से माफी मांगने के लिए पुलिस कर्मियों को कहा गया लेकिन वह नहीं माने और उन्होंने इस्तीफा देने तक की बात कह दी थी, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा। इसके अलावा भी कई किस्से महंत से जुड़े चर्चाओं में हैं लेकिन इनको लेकर कोई पुष्टि नहीं हो रही है।

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