CM शिवराज के बुलडोजरों ने 45 मकान-दुकानें किये ध्वस्त : योगी का ट्रेंड फॉलो कर रहे शिवराज, फिर भी नहीं कर पा रहे बराबरी

खरगोन दंगे के बाद 24 घंटे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुलडोजरों ने 45 मकान-दुकानें ध्वस्त कर दीं। आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले ही बुलडोजर चला दिए गए। सरकार की मानें तो 2 साल में गुंडों और भूमाफिया से 15 हजार एकड़ जमीन मुक्त कराई जा चुकी है। इसकी कीमत करीब 12 हजार करोड़ रुपए है। शिवराज सरकार ने बुलडोजर चलाने के साथ ही 188 भूमाफिया पर रासुका लगाई, तो 498 को तड़ीपार भी किया।

खरगोन में हुई कार्रवाई के बाद शिवराज के बुलडोजर भी देश में चर्चा में आ गए है। इसके बावजूद बुलडोजर बाबा यानी यूपी के CM योगी आदित्यनाथ से आगे नहीं निकल पा रहे हैं। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि MP में ‘बुलडोजर मामा’ की नई इमेज गढ़ने की कोशिशें हड़बड़ी में की जा रही हैं।

सवाल ये है कि सॉफ्ट स्पोकन शिवराज इतना क्यों बदल गए? क्या वोटर के दिल के दरवाजे तक पहुंचने के लिए बुलडोजर की सवारी जरूरी है? अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बुलडोजर वाला यूपी मॉडल एमपी में दोहराना क्या आसान होगा? आखिर यूपी की जीत के बाद शिवराज के भीतर बुलडोजर इमेज के लिए इतनी बेचैनी क्यों है? इन्हीं सवालों का जवाब तलाशने के लिए हमने यूपी के बुलडोजर बाबा और एमपी के बुलडोजर मामा के वर्क कल्चर और एक्शन की छानबीन की तो ये रिपोर्ट बनी...

दोनों के ‘बुलडोजरी बयान’ का फर्क भी समझ लीजिए…

योगी ने कहा -

किसी गरीब की झोपड़ी और दुकान पर बुलडोजर न चलाएं। बुलडोजर सिर्फ पेशेवर माफिया, दुर्दांत अपराधी और माफिया की अवैध संपत्ति पर चलाएं।

शिवराज सिंह चौहान बोले -

गुंडे और अपराधी सुन लें... गरीब कमजोर की तरफ हाथ उठा तो मकान खोदकर मैदान बना दूंगा। मामा का बुलडोजर अब रुकने वाला नहीं है।

आइए, अब समझते हैं ग्राउंड पर बुलडोजर क्या कर रहा है

मध्यप्रदेश में बुलडोजर चलाने की सबसे बड़ी कार्रवाई 11 अप्रैल को खरगोन दंगे के बाद हुई। यहां 16 मकान और 29 से ज्यादा दुकानों पर बुलडोजर चला।

इससे पहले अप्रैल में ही रीवा रेप केस में महंत के मददगार संजय त्रिपाठी के निर्माणाधीन शॉपिंग मॉल पर बुलडोजर चला था।

श्योपुर में गैंगरेप के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया।

17 जनवरी को इंदौर में पत्नी से गैंगरेप करवाने के आरोपी बिल्डर राजेश विश्वकर्मा के फार्म हाउस पर बुलडोजर चला।

अक्टूबर 2021 में रतलाम में लाला-पठान बंधुओं की गैंग की 106 दुकानों पर बुलडोजर चला था। ये गैंग नशे की तस्करी में शामिल था।

योगी ने यूपी में गुंडों की गैंग खत्म कर दी

अतीक अहमद की 325 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त कर ध्वस्त कर दिया। गिरोह के 60 सदस्यों के हथियारों के लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए।

विधायक मुख्तार अंसारी की 194 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की। गिरोह के 122 सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए गए, जबकि 158 को गिरफ्तार भी किया गया।

गैंगस्टर सुंदर भाटी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 63 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क की और उसके गिरोह के सदस्यों के चार हथियार लाइसेंस रद्द कर दिए।

बलिया जेल में बंद कुंटू सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 17.91 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क की है या उसे ध्वस्त किया है।

बुलडोजर क्यों जरूरी… 2.75 करोड़ युवा वोटर्स को यही भाता है

मध्यप्रदेश में 18 से 39 साल के वोटर्स की संख्या 55 प्रतिशत है। पिछले चुनाव में कुल 5.34 करोड़ वोटर्स में 2.75 करोड़ वोटर्स 39 साल से कम के थे। इस बार इनकी संख्या 3 करोड़ के पार होगी।

ये वोटर क्रिमिनल एक्शन पर तुरंत रिएक्शन चाहता है। यही वोटर सत्ता हासिल करने की चाबी है।

यही वजह है कि शिवराज खुद को मामा बुलडोजर कहकर अपराधियों के ठिकानों पर बुलडोजर चला रहे हैं। यूपी में ये प्रयोग सफल भी रहा है। वहां बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी योगी के बुलडोजर के आगे धराशायी हो गए। माफिया पर एक्शन को बुलडोजर मामा अपनी सरकार की विशेषता बनाना चाहते हैं।

यहां भी लागू किया बाबा बुलडोजर का मॉडल

10 मार्च को यूपी में बुलडोजर बाबा की दोबारा जीत के बाद एमपी में भी बुलडोजर की स्पीड बढ़ गई है। कमोबेश हर दूसरे दिन अपराधियों के ठिकाने ध्वस्त किए जा रहे हैं। यूपी की तर्ज पर शिवराज ने एमपी में भी माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के घर बनाने का ऐलान कर दिया है। इसके लिए 160 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। योगी ने प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से खाली कराई जमीन पर गरीबों के मकान बनवाए हैं। यानी शिवराज बिल्कुल उसी ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं, जिसने योगी को बुलडोजर बाबा की इमेज में बांधा था।

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