संसद की सदन में सांसद देखे रहें रहे थे पोर्न वीडियो : फिर हुआ ये ...

नई दिल्ली. ब्रिटेन में सदन की कार्रवाई के दौरान एक सांसद पर पार्न देखे जाने का मामला और गर्माता जा रहा है। एक तरफ पार्टी सांसदों ने अपने ही साथियों की ओर से अश्लील वीडियो देखे जाने को लेकर आपत्ति जताई है तो वहीं अब इस पूरे मामले पर खुद प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। इस मामले को लेकर पत्रकारों ने पीएम जॉनसन से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि, काम करने वाले किसी जगह पर पॉर्न फिल्म देखना बिलकुल अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा- जाहिर तौर पर कोई भी शख्स काम करने की जगह पर इस तरह की हरकत करता है तो वो बिलकुल अस्वीकार्य है। बता दें कि खुद पीएम बोरिस जॉनसन भी इन दिनों एक अन्य मामले में जांच का सामना कर रहे हैं।

दरअसल एक मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से सवाल पूछा था कि संसद की कार्रवाई के दौरान उनके ही पार्टी के सासंद के 'पॉर्न' देखने पर उनका क्या कहना है। इसके जवाब में पीएम ने कहा कि किसी भी शख्स का वर्क प्लेस पर इस तरह की हरकत करना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।

पीएम जॉनसन ने कहा कि, इससे फर्क नहीं पड़ता की आप क्या काम करते हो, बस वर्क प्लेस पर इस तरह के वीडियोज बिलकुल नहीं देख सकतें। ये अस्वीकार्य है।

ये है पूरा मामला

दरअसल ब्रिटेन के कंजर्वेटिव पार्टी के एक सांसद पर ये आरोप लगे हैं कि वे संसद की कार्यवाही के दौरान अपने मोबाइल फोन पर अश्लील फिल्म देख रहे थे। उनकी इस हरकत पर वहां मौजूद एक महिला सांसद ने इस बात का विरोध किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के बाद महिला सांसद ने इस मामले की शिकायत भी की। कई अन्य सांसदों ने भी इस मामले पर विरोध जताया है।

ब्रिटिश भारतीय मंत्री ने जानवरों से की तुलना

इस पूरे मामले पर भारतीय मूल की ब्रिटिश मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने एक रेडियो साक्षात्कार में बताया कि वह 'शर्मिंदाट हैं कि संसद में पोर्न देखने का आरोप लगाने वाली एक सांसद कथित तौर पर उनकी पार्टी की थी। उन्होंने कहा कि, पुरुष राजनेताओं का एक तबका 'जानवरों' की तरह व्यवहार करता है।'

अब क्या होगा?

इस मामले में कंजरवेटिव व्हिप्‍स कार्यालय की ओर से बयान जारी किया गया है। इस बयान के मुताबिक, द चीफ व्हिप क्रिस हीटन हैरिस मामले की जांच कर रहे हैं। मामले की रिपोर्ट आते ही आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।

दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र है कि आरोपी सांसद टोरी पार्टी के हैं। लेकिन कंजरवेटिव पार्टी, टोरी पार्टी से अलग होकर 1834 में अस्तित्व में आई थी। ऐसे में टोरी पार्टी को कंजरवेटिव पार्टी के नाम से भी जाना जाता है।

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