पुलिस की खुलेआम दादागिरी : सीधी में YouTube पत्रकारों के कपड़े उतरवाकर पुलिस ने मारपीट कर अर्धनग्न अवस्था में फोटो की वायरल : टीआई समेत 11 पुलिसकर्मी निलंबित

सीधी जिले से बड़ी खबर है जहां सोशल मीडिया पर एक पत्रकार और कलाकारों के साथ पुलिस ने अमर्यादित घटना को अंजाम दिया है। बता दें कि कल सोशल मीडिया पर 8 युवकों की अर्धनग्न हालत में फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की गई थी जहां वायरल फोटो पर सीएम के सख्त कड़े निर्देश के बाद टीआई समेत 11 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया है। 

आपको बता दें कोतवाली टीआई मनोज सोनी को लाइन अटैच कर दिया गया है वहीं एसएचओ अभिषेक सिंह पर भी गाज गिरी और उन्हें भी लाइन अटैच कर दिया गया है। 

आपको बता दें कि जब यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पत्रकारों ने इसकी जमक सवाल खड़े कर दिए जहां 12 फोटो के आधार पर टीआई सहित 11 पुलिस वालों पर कार्यवाही हुई। वही रीवा न्यूज़ मीडिया ने भी इस मुद्दे को प्रकाशित किया।


निलंबन की जगह आईजी ने दोषी पुलिस कर्मियो को किया लाइन अटैच।

जानिए क्या था मामला

आपको बता दें कि सीधी के फ्रीलांसर कनिष्क तिवारी और उनकी टीम ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ एक खबर चलाई थी जिस पर भाजपा विधायक में कनिष्क तिवारी और उनके साथियों के पर FIR दर्ज करवाई थी, इससे नाराज विधायक केदारनाथ शुक्ला ने कनिष्क और उनके साथियों को पुलिस ने सभी को पकड़ा और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया बाद में सोशल मीडिया पर अर्धनग्न हालत में फोटो वायरल कर दी गई। 

आपको बता दें कि पकड़े गए लोग यूट्यूब चैनल चलाने वाले हैं जिसमें से कनिष्क तिवारी भी है। वही आपको बता दें कि कनिष्क तिवारी ने रीवा न्यूज़ मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि वो 10 करोड़ का मानहानि का केस करेंगे। इस तरह की घटना को लेकर विधायक और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीड़ित कनिष्क की आपबीती

पत्रिका से बातचीत में पीड़ित कनिष्क तिवारी ने बताया था कि 2 अप्रैल को रंगकर्मी नीरज कुंदेर को फेक आईडी बनाकर कथित तौर पर बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे गुरुदत्त के बारे में अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसे कुछ ही घंटे बाद ही जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद नीरज के परिजन व साथी रात करीब 8 बजे थाने के बाहर नारेबाजी कर रहे थे। जिसका कनिष्क तिवारी अपने कैमरामैन के साथ कवरेज कर रहे थे। इसी दौरान टीआई मनोज सोनी व थाने के अन्य पुलिसकर्मी आए और प्रदर्शन कर रहे सभी लोगों के साथ मुझे व मेरे कैमरामैन को घसीटते हुए थाने के अंदर ले जाया गया। 

जहां टीआई मनोज सोनी ने कहा कि तुम ही नेतागिरी कर रहे हो, इसके बाद हमारे साथ मारपीट करते हुए हमारे कपड़े उतरवाए गए। कनिष्क का आरोप है कि उन्हें बदनाम करने के लिए उनकी अर्धनग्न कर तस्वीरें खीचीं गईं जिन्हें बाद में सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। कनिष्क ने बताया कि कपड़े उतरवाने के बाद टीआई मनोज सोनी ने पीटने व गालियां देने के लिए उन्हें अपने केबिन में बुलाया जहां पहले से ही अमलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार, टीआई शेषमणि मिश्रा और विधायक के करीबी व शराब कारोबारी अमर सिंह कल्लू बैठे हुए थे। इसी दौरान उनकी अर्धनग्न तस्वीरें खींची गईं और जिन्हें विधायक और उनके बेटे को भेजा गया। जिसके बाद बदनाम करने के लिए इन तस्वीरों को वायरल भी किया गया। पीड़ित ने पत्रिका को बताया था कि उसने बीते दिनों पुलिस व स्थानीय बीजेपी विधायक के खिलाफ खबरें प्रकाशित की थीं जिसके कारण उसके साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया गया है।

थाने के भीतर मीडिया कर्मी व अन्य लोगो की अर्धनग्न अवस्था में फोटो वायरल मामले में विवादित निरीक्षक मनोज सोनी पर कार्यवाही के बाद सीधी पुलिस अधीक्षक मुकेश श्रीवास्तव ने अशोक गौतम को कोतवाली सीधी थाने का प्रभार सौंपा है। प्रशासनिक दृष्टि व कानून व्यवस्था को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अग्रिम आदेश तक थाना प्रभारी को पदस्थ किया है।

Powered by Blogger.