मृतक आश्रित कोटे पर नौकरी पाने की आस लगाए बेटियों को बड़ी राहत : सरकारी विभागों में साल 1993 से दिया जाएगा लाभ

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मृतक आश्रित कोटे पर लंबे समय से नौकरी पाने की आस लगाए पुत्रियों को बड़ी राहत दी है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी ने इस संबंध में बुधवार को संशोधित शासनादेश जारी कर दिया है। इस शासनादेश में मृतक आश्रित कोटे पर अविवाहित के साथ विवाहित व दत्तक पुत्रियों को नौकरी के लिए पात्र मानने संबंधी फैसला 12 नवंबर 2021 को हुआ था।

साल 1993 से दिया जाएगा लाभ

अब विभागाध्यक्षों को इसके आधार पर फैसला लेना का निर्देश दे दिया गया है। जारी किए गए शासनादेश के अनुसार बेटियों को आश्रित कोटे पर नौकरी का लाभ वर्ष 1993 से दिया जाएगा।

नियमावली में संशोधन हुआ

जानकारी के मुताबिक नियमावली जारी होने की तिथि से पहले यह पात्रता मानी गई थी, लेकिन पुरानी तिथि से देने की मांग की जा रही थी। इसके आधार पर इसमें संशोधन का फैसला किया गया। शासनादेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती (12वां संशोधन) नियमावली-2021 में की गई व्यवस्था के आधार पर यह सुविधा वर्ष 1993 से दी जाएगी।

पांच वर्ष के भीतर आवेदन करना जरूरी

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मृतक आश्रित के रूप में अनुकंपा नियुक्ति के लिए मृत्यु के दिनांक से पांच वर्ष के भीतर नौकरी के लिए आवेदन करना जरूरी होगा। लेकिन जहां राज्य सरकार का यह समाधान हो जाए कि सेवा योजना के लिए आवेदन करने के लिए नियम समय सीमा के किसी विशिष्ट मामले में अचानक से कठिनाई होती है, वहां इसमें कुछ समय के लिए ढील दी जा सकती है।

कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से मिली मंजूरी

बता दें कि पूर्व में मुख्यमंत्री की जानकारी में मामला आने के बाद पुरानी व्यवस्था में संशोधन करने पर सहमति बनी कि कुटुंब की परिभाषा में विवाहित पुत्रियों को भी जोड़ दिया जाए। इसके आधार पर कार्मिक विभाग ने उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती (12वां संशोधन) नियमावली-2021 को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन ने मंजूरी दे दी है। प्रदेश के सरकारी विभागों में अब अनुकंपा के आधार पर विवाहित बेटियों को नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

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