MPTET वर्ग-3 पास करने वाले कैंडिडेट्स की भर्ती प्रक्रिया 17 नवंबर से शुरू : फ़रवरी 2023 तक नियुक्ति आदेश जारी

 
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प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET वर्ग-3) पास करने वाले कैंडिडेट्स (Candidates) की भर्ती प्रक्रिया 17 नवंबर से शुरू हो जाएगी। वहीं अतिथि शिक्षकों को 17 से 24 नवंबर के बीच में रजिस्ट्रेशन (registration) करना होगा। प्रदेश में 18,527 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया फरवरी 2023 तक चलेगी।

प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (professional examination board) ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग (school education department) को आदेश जारी किए हैं। भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। फरवरी में सभी को नियुक्ति आदेश (appointment order) मिल जाएंगे। निर्देश और नियम https://trc.mponline.gov.in वेबसाइट पर 31 अक्टूबर 2022 को जारी कर दिए गए हैं। MPTET-2020 के योग्य कैंडिडेट्स से स्कूल शिक्षा विभाग के तहत रिक्त पदों को भरा जाना है। प्राथमिक शिक्षकों (primary teachers) की भर्ती के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के 7,429 व जनजातीय कार्य विभाग के 11,098 पदों पर संयुक्त भर्ती की जाएगी।

करीब 6 लाख कैंडिडेट्स ने दी थी परीक्षा
प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए करीब 8 लाख कैंडिडेट्स ने फॉर्म भरे थे। इनमें से 5,89,150 कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी थी। रिजल्ट भी 8 अगस्त को जारी किया गया था। दिसंबर के अंत यानी नए साल से पहले सभी को नियुक्ति दिए जाने की संभावना है।

दो विभाग करेंगे एक साथ काउंसिलिंग
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल शिक्षा के भर्ती नियम-2018 में अनारक्षित वर्ग (unreserved category) के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के लिए प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (Primary Teacher Eligibility Test) के पासिंग मार्क्स 60% से घटाकर 50% कर दिए हैं। आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा (Commissioner Public Instruction Abhay Verma) ने बताया कि संशोधन के बाद रिजल्ट तैयार कर भर्ती प्रक्रिया नवंबर से शुरू की जाएगी। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग (Department of School Education and Tribal Affairs) द्वारा संयुक्त काउंसिलिंग की जाएगी।

संयुक्त काउंसिलिंग का फायदा
अभी तक स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग अलग-अलग काउंसिलिंग करता था। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग की पहले काउंसिलिंग होने से आदिवासी क्षेत्र के भी उम्मीदवार जॉब के चक्कर में शहरी क्षेत्र में आ जाते थे। एक साथ काउंसिलिंग होने से आदिवासी क्षेत्र और शहरी क्षेत्र के उम्मीदवार के पास उसी क्षेत्र में जॉइनिंग लेने का मौका होगा।

काउंसिलिंग में ये दस्तावेज लाने होंगे

  • जन्मतिथि के प्रमाण के लिए 10वीं/12वीं की मार्कशीट।
  • ग्रेजुएशन की तीनों साल/हर सेमेस्टर की मार्कशीट।
  • पोस्ट ग्रेजुएशन की दोनों साल/हर सेमेस्टर की मार्कशीट।
  • मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र।
  • अतिथि शिक्षक अनुभव से संबंधित सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र।
  • दिव्यांगता/भूतपूर्व सैनिक की स्थिति में सक्षम अधिकारी द्वारा जारी वैध/नवीनतम डिजिटल प्रमाणपत्र।
  • आरक्षण (अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए जाति प्रमाणपत्र।

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