राजधानी भोपाल में हैवानियत की हदें पार! प्राइवेट पार्ट काटकर 2 करोड़ के लालच में मासूम का मर्डर, दिल्ली के रास्ते विदेश भेजने का था प्लान, अंगों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के शक से मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले एक 17 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक अपने परिवार का इकलौता चिराग था और बेहद संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। वह राजधानी के ऐतिहासिक मोती मस्जिद, इकबाल मैदान और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूम-घूमकर पेन और कॉपियां बेचता था। उसकी इस छोटी सी कमाई पर ही पूरे परिवार का गुजारा निर्भर था।
गत 6 अगस्त को वह रोजमर्रा की तरह काम के सिलसिले में घर से निकला था, लेकिन इकबाल मैदान के पास से संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने शाहजहांनाबाद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती चरण में गुमशुदगी कायम कर तलाश शुरू की थी, लेकिन इसके पीछे छिपी साजिश बेहद भयानक थी।
5 दिन बाद छोटे तालाब से मिला शव: कपड़ों से हुई पहचान
घटना के करीब पांच दिन बीत जाने के बाद, 11 अगस्त को भोपाल के प्रसिद्ध छोटे तालाब से एक अज्ञात किशोर का शव तैरता हुआ बरामद किया गया। कई दिनों तक पानी में रहने के कारण शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी, जिसके चलते प्रथम दृष्टया उसकी पहचान कर पाना बेहद कठिन था। पुलिस ने शव को मर्चुरी भेजकर शिनाख्त के प्रयास तेज किए।
अंततः 14 अगस्त को परिजनों को बुलाकर जब कपड़े और चप्पलों की बारीकी से जांच कराई गई, तो उन्होंने अपने बेटे की पुष्टि की। पहचान स्थापित होते ही मामला साधारण गुमशुदगी से बदलकर खौफनाक हत्या में तब्दील हो गया। पुलिस ने तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज कर गहन तफ्तीश शुरू कर दी।
अंगों की तस्करी और विदेश भेजने का भयानक षड्यंत्र
मामले की जांच में जो तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव अंगों की अवैध तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। पूछताछ में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि मुख्य साजिशकर्ताओं ने कुछ स्थानीय नाबालिगों को भारी-भरकम रकम का लालच दिया था।
आरोपियों के मन में यह भ्रम बैठाया गया था कि मानव शरीर के एक विशेष अंग की विदेशी बाजारों में अत्यधिक मांग है और इसे बाहर भेजकर लगभग दो करोड़ रुपए कमाए जा सकते हैं। इसी दो करोड़ की भारी राशि के लालच में आकर आरोपियों ने इस मासूम किशोर को अपना निशाना बनाया। उसे मदद देने और पैसों का प्रलोभन देकर एक सुनसान इलाके में ले जाया गया और वारदात को अंजाम दिया गया।
तलैया थाना पुलिस की कार्रवाई: जोहेब, नेहा और नाबालिग हिरासत में
रविवार को मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर तलैया थाना पुलिस ने एक नाबालिग संदेही को हिरासत में लिया। उससे की गई कड़ाई से पूछताछ में इस पूरे हत्याकांड का राजफाश होना शुरू हुआ। उसने कबूल किया कि हत्या के बाद किशोर के शरीर से एक हिस्से को अलग कर दिया गया था, जिसे किसी अन्य स्थान पर भेजा जाना था।
नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्धों जोहेब और नेहा समेत अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार व हिरासत में लिया है। इस पूरे मामले में अब तक लगभग 13 संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस खौफनाक गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है और दिल्ली के रास्ते विदेश अंग भेजने की योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
शव के लापता अंग की तलाश और पुलिस की गहन जांच
हत्या की इस खौफनाक वारदात के बाद सबसे बड़ी चुनौती शव के उस हिस्से को बरामद करना है, जिसे आरोपियों ने शरीर से अलग कर दिया था। रविवार की रात पुलिस की टीमों ने संदिग्धों की निशानदेही पर कई संभावित गुप्त ठिकानों, जंगलों और छोटे तालाब के आसपास के इलाकों में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया। गोताखोरों और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से छोटे तालाब के तटीय क्षेत्रों को खंगाला गया, लेकिन देर रात तक शव का वह लापता हिस्सा बरामद नहीं हो सका था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी संदिग्धों से अलग-अलग रखकर कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि बयानों के विरोधाभास को पकड़ा जा सके। जैसे-जैसे साक्ष्य सामने आएंगे, इस मामले में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
एक अन्य किशोर का सनसनीखेज खुलासा: मौत के मुंह से बचकर भागा शिकार
जांच के दौरान इस केस में एक नया और बेहद गंभीर मोड़ तब आया जब एक दूसरा 17 वर्षीय किशोर देर रात अपने परिवार के साथ थाने पहुंचा। उसने पुलिस के सामने रोते हुए जो आपबीती सुनाई, उसने सभी के होश उड़ा दिए। उसने बताया कि आरोपी उसे भी निशाना बनाने की फिराक में थे।
शिकायतकर्ता किशोर के मुताबिक, संदिग्धों ने उसे अकेले पाकर पकड़ लिया था और उसका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया था। आरोपियों के पास धारदार हथियार भी मौजूद थे। उसने आरोपियों को आपस में यह चर्चा करते सुना था कि 'इसकी भी हत्या करके शरीर का वही खास हिस्सा निकालना है'। हालांकि, वह अपनी जान की परवाह न करते हुए पूरी ताकत लगाकर आरोपियों के चंगुल से छूटकर भागने में सफल रहा। पुलिस इस दूसरे किशोर की शिकायत को भी बेहद गंभीरता से ले रही है और दोनों घटनाओं के आपसी तारों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।