MP में अब 'सीएम प्रगति पोर्टल' से होगी विकास की निगरानी: डॉ. मोहन यादव का सुशासन की ओर बड़ा कदम

 
GGH

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार अब केंद्र सरकार के 'प्रगति पोर्टल' की सफलता को राज्य स्तर पर दोहराने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल स्थित सीएम हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए घोषणा की कि प्रदेश में 'सीएम प्रगति पोर्टल' (CM Pragati Portal) शुरू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करना है।

50 बैठकों का अनुभव: गवर्नेंस में आया क्रांतिकारी बदलाव 
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'प्रगति पोर्टल' (PRAGATI - Pro-Active Governance And Timely Implementation) की 50वीं बैठक संपन्न हो चुकी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह के साथ प्रदेश की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल पारदर्शिता और जवाबदेही का सबसे बड़ा उदाहरण है, जिससे सरकारी कामकाज की छवि बदली है।

मध्य प्रदेश की 209 परियोजनाओं पर टिकी हैं नजरें 
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि अब तक मध्य प्रदेश की 7.85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 209 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को इस पोर्टल पर शामिल किया गया है।

इनमें से 97 प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं।
परियोजनाओं के दौरान आईं 322 जटिल समस्याओं में से 312 का समाधान तत्काल प्रभाव से किया गया।
शेष 10 समस्याओं के निराकरण पर काम जारी है।

सड़क और रेल कनेक्टिविटी में आया बड़ा सुधार 
इस पोर्टल के माध्यम से मध्य प्रदेश में कनेक्टिविटी को लेकर अद्भुत काम हुआ है। सीएस जैन ने जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट का विशेष उदाहरण देते हुए बताया कि साल 2003 से लंबित इस काम की गति बहुत धीमी थी। अगर प्रगति पोर्टल के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग नहीं होती, तो यह प्रोजेक्ट 2028 तक खिंच सकता था, लेकिन समय रहते समाधान निकालने से यह कार्य समय से पहले पूरा हो सका। इसी प्रकार इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

विकास में राजनीति नहीं, समान व्यवहार का मंत्र 
सीएम डॉ. मोहन यादव ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार विकास के मामले में सभी राज्यों के साथ निष्पक्ष व्यवहार कर रही है। चाहे वह केन-बेतवा लिंक परियोजना हो या पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश को बढ़ावा देना, मोदी सरकार का विजन स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि "बदलते दौर में कार्य-संस्कृति बदली है और अब 97% कार्य समय पर पूरे हो रहे हैं।" गुड गवर्नेंस का अर्थ केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है।

निष्कर्ष: डिजिटल भारत से डिजिटल मध्य प्रदेश की ओर 
'सीएम प्रगति पोर्टल' की शुरुआत मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा भी समय पर विकास में उपयोग हो सकेगा। आने वाले समय में यह पोर्टल राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ बनेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. सीएम प्रगति पोर्टल (CM Pragati Portal) क्या है? यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार राज्य की बड़ी विकास परियोजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करेगी ताकि वे समय पर पूरी हो सकें।
2. मध्य प्रदेश में वर्तमान में कितनी बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं? वर्तमान में प्रदेश में लगभग 7.85 लाख करोड़ रुपये की 209 बड़ी परियोजनाएं प्रगति पोर्टल के दायरे में हैं।
3. केंद्र के प्रगति पोर्टल की अब तक कितनी बैठकें हुई हैं? प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में अब तक कुल 50 समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
4. इस पोर्टल से आम जनता को क्या लाभ होगा? योजनाएं समय पर पूरी होने से जनता को बुनियादी सुविधाएं (जैसे सड़क, रेल, पानी) जल्दी मिलेंगी और जनसमस्याओं का निराकरण भी तेजी से होगा।
5. केन-बेतवा परियोजना में केंद्र की क्या भूमिका है? मुख्यमंत्री के अनुसार, केन-बेतवा परियोजना के लिए लगभग पूरा फंड केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है, जो सहयोगात्मक संघवाद का उदाहरण है।

Related Topics

Latest News