OMG : भोपाल के SISTec कॉलेज के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने बनाई james bond जैसी आवाज से स्टार्ट होने वाली बाइक

 

OMG : भोपाल के SISTec कॉलेज के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने बनाई james bond जैसी आवाज से स्टार्ट होने वाली बाइक

....जी हां दोस्तों हम आपको एक ऐसी ही सनसनीखेज खबर से रूबरू कर रहे हैं जिसको पढ़ते ही आपके होश उड़ जाएंगे कहीं ना कहीं आप लोगों ने हॉलीवुड मूवी जेम्स बॉन्ड (hollywood movie james bond)  और मिशन इंपॉसिबल (mission impossible) को आमतौर पर देखा ही होगा ठीक उसी की तर्ज पर भोपाल के दो युवक मनीष और चेतन इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स (engineering students) ने मिलकर आवाज से बोलने वाली जेम्स बांड (james bond) मूवी की तरह एक ऐसी बाइक को तैयार किया है जिसको देखकर अच्छे अच्छों के हक्के बक्के उड़ गए हैं। 

आपको बता दें कि यह कोई बाहर के लोगों के नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के भोपाल शहर से दो युवकों ने इस मॉडिफाई डिवाइस (modify device) से लैस बाइक को तैयार किया है. यह बाइक हु बा हु जेम्स बॉन्ड (james bond) या यूं कहें कि के (KGF) की तरह दिखने वाली मॉडिफाई वायरलेस (Modify Wireless) आवाज से चलने वाली बाइक है। इतना ही नहीं इन दोनों लड़कों ने गो कार्ट भी तैयार किया है जिसमें लोकेशन एवरेज और बैकअप के साथ-साथ मोबाइल ऐप से भी इसकी सारी हरकतों को देखा जा सकता है। 

....तो चलिए आपको इस बाइक और गो कार्ट के बारे में रूबरू कराते।

क्या है मेकाट्रॉनिक्स? (What is Mechatronics?)

मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग का कंबीनेशन है।

मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का क्या काम है? (What is the job of Mechatronics Engineering?)

मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियर फैक्ट्री प्रोडक्शन,माइक्रो- कंट्रोलर,सेंसर, ऑटोमेटिक हेवी मैकेनिकल स्ट्रक्चर, प्रोग्रामेबल लॉजिक, इलेक्ट्रिक ड्राइव, हाइड्रोलिक सिस्टम की डिजाइनिंग करता है। 

LOT क्या है? (What is LOT?)

loT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स का मतलब है दुनिया की सभी चीजों को इंटरनेट से जोड़ना। आपका कोई भी डिवाइस जो भी इंटरनेट से जुड़ा है वो loT में आता है।

हॉलीवुड मूवी जेम्स बॉन्ड (hollywood movie james bond) और मिशन इंपॉसिबल (mission impossible) की वॉइस रिकॉग्निशन (voice recognition) वाली कार तो याद होगी। भोपाल के SISTec कॉलेज के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स (engineering students) मनीष और चेतन ने ऐसी ही वॉइस रिकॉग्निशन (voice recognition) वाली बाइक डिजाइन (bike design) की है। ये बाइक वॉइस रिकॉग्निशन से स्टार्ट होती है। इंडिकेटर, बजर और हेडलाइट (Indicator, buzzer and headlight) भी वॉइस से ऑपरेट हो जाती है।

यही नहीं, इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स (engineering students)  ने एक ऐसी गो-कार्ट (Go-kart) भी तैयार की है, जिसकी लोकेशन, ऐवरेज और बैकअप (Location, average and backup) मोबाइल ऐप्लिकेशन (mobile app) में देख सकते हैं। 

पुरानी बाइक को किया मॉडिफाई (modified old bike)

मनीष कुशवाहा और चेतन कटोले ने बताया, टेक्नोलॉजी (technology) में किसी भी डिवाइस को मोबाइल ऐप्लिकेशन (mobile app) से जोड़ने के हर दिन नए एक्सपेरिमेंट (new experiments) हो रहे हैं। हमें आइडिया आया कि जेम्स बॉन्ड (James Bond) की तरह मेकाट्रॉनिक्स (mechatronics) के कॉन्सेप्ट से कुछ डिजाइन करना चाहिए। पहले हमने एक सेकंडहैंड बाइक ली। उसे जरूरत के हिसाब से डिजाइन किया। इसके बाद उसमें IOT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से मोबाइल ऐप्लिकेशन से जोड़ा। अब यह बाइक वॉइस कमांड से लेकर ऐप्लिकेशन (app) के क्लिक कमांड से भी ऑपरेट होती है। बाइक में बजर, इंडिकेटर, हेडलाइट और स्टार्ट का ऑप्शन सीधे ऐप से जुड़ा है। यानी इस बाइक को एलेक्सा (Alexa) की तरह आवाज से भी कंट्रोल कर सकते हैं।

35 हजार आया खर्च (35 thousand came)

स्टूडेंट्स ने बताया कि बाइक में 35 हजार रुपए तक का खर्च आया। इसमें बाइक को खरीदना भी शामिल है। इसे बनाने में करीब 3 महीने का समय लगा था। दोनों व्हीकल में IOT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स के कॉन्सेप्ट अप्लाई किया है।

Go-Kart में लगी है और सोलर पैनल (Solar panel installed in Go-kart)

गो-कार्ट भी दोनों स्टूडेंट्स ने साथ में डिजाइन की है। यह इलेक्ट्रिक के साथ सौर्य ऊर्जा से भी चलती है। इसे भी ऐप के जरिए जोड़ा गया है। इससे कार की लोकेशन, ऐवरेज और बैकअप सब ऐप में दिखता है। कार्ट को बच्चों के गेम्स, इंडस्ट्री और रेलवे स्टेशन में यूज किया जा सकता है।

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