गैंगरेप पीड़िता की आपबीती : आंखों पर पट्टी और हाथ-पैर बांधकर किया गलत काम, खौफनाक दास्तां सुन उड़ जाएंगे आपके भी होश

 
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ढाई महीने बाद पति ने छुड़वाया

ये दर्दनाक दास्तां ग्वालियर की रहने वाली 38 साल की उस महिला की है, जिसे उसी की छोटी बहन के पति ने किडनैप (kidnapping) किया। फिर ढाई महीने तक रेप किया। इसके बाद उसे दोस्तों को भी सौंप दिया। आरोपियों ने बच्चों और पति की हत्या की धमकी दी। पीड़िता ने सुसाइड की कोशिश की, लेकिन बच्चों को याद कर हिम्मत हार गई। एक बार तो पति से भी मिल गई। लेकिन डर के मारे कुछ नहीं बता सकी। आरोपी फिर उसे ले गए। आखिरकार पति को पता चला तो पुलिस की मदद से छूट कर आई। वह इतनी घबराई हुई थी कि दतिया के थाने में कुछ नहीं बता सकी। हालत संभलने के बाद ग्वालियर में पुलिस के सामने उसने आपबीती बताई। पुलिस ने 31 अगस्त को मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन अब तक आरोपियों को पकड़ नहीं सकी है। 

मीडिया के सामने महिला ने जुल्मों की कहानी सुनाई...

21 अप्रैल 2022। ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में मैं बाजार जा रही थी। छोटी बहन का पति कार लेकर आया। मेरे मुंह पर रुमाल रखकर कुछ सुंघाया। मुझे जबरन गाड़ी में बिठाकर ले गया। मुझे दतिया में घर में बंद कर दिया। यहां मेरे साथ रेप किया गया। अपने दोस्तों को भी सौंप दिया। इधर, पति ने हजीरा थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। आरोपी को जब इसका पता चला तो उसे लगा कि पुलिस उसका पता लगा लेगी। वह फंस सकता है। इस कारण मुझे, बच्चों और पति को जान से मारने की धमकी दी।

आरोपियों ने ही कह दिया था कि तुम पति के साथ नहीं जाना। मैंने थाने में जाकर बताया कि पति से झगड़े के बाद मैं खुद ही चली गई थी। बहुत डरी हुई थी। पति के साथ जाने से भी मना कर दिया। पुलिस ने मुझे नारी निकेतन भेज दिया। यहां करीब 18 दिन रही। यहां से निकलते ही छोटी बहन का पति फिर आ गया। मुझे वापस उठाकर ले गया। यहां ढाई महीने तक बंधक बनाया। उसके दोस्त अवधेश शर्मा, सुरेश शर्मा, विनोद सिंह और उमेश सिंह शोषण करते रहे। ये लोग मेरे हाथ-पैर बांध देते थे। मेरी आंखों पर पट्‌टी बांधकर बारी-बारी से दुष्कर्म करते थे। कभी 3 लोग दुष्कर्म करते थे तो कभी पांच। इनके पास पिस्टल भी थी। बात नहीं मानने पर पिस्टल अड़ा देते, मारपीट करते। कुछ नशीला पदार्थ भी खिला देते थे, जिससे मैं बेहोश हो जाती थी। पेट पर लात मारते थे। ढाई महीने में यह प्रताड़ना झेली। कई बार लगता था कि सुसाइड कर लूं, लेकिन बच्चों के चलते यह कदम नहीं उठाया।

फिर ऐसे बची...
पीड़िता का पति अपने स्तर पर उसका पता लगाने की कोशिश कर रहा था। उसे जानकारी मिली कि पत्नी दतिया के थरेट में छोटे साढ़ू भाई के पास है। पति ने दतिया जाकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की मदद से पत्नी को छुड़ाया। पहले दतिया के थरेट थाने ले जाया गया। पीड़िता डरी हुई थी, इसलिए यहां कुछ नहीं बोली। पीड़िता ने FIR में बताया कि मैं पति से नाराज होकर घर से निकल गई थी, पर यह सही नहीं है। हां, लौटकर मैंने यह गवाही जरूर दी थी कि मैं मर्जी से गई थी, क्योंकि आरोपी मेरे बच्चों को गोली मारने की धमकी देते थे।

पहले पति को बताया, फिर थाने में शिकायत
पीड़िता ने बताया, ढाई महीने की प्रताड़ना से मैं डर गई थी। आरोपियों ने धमकाया कि अगर मुंह खाेला तो बच्चों की हत्या कर देंगे। इसी वजह से उस समय घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। जब घर पहुंची तो पति को आपबीती सुनाई। पति ने थाने जाकर शिकायत करने की बात कही। फिर पति के साथ आरोपियों के खिलाफ किडनैपिंग और रेप का केस दर्ज कराया है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसकी बहन को भी कुछ महीने पहले पिटाई कर भगा दिया है।

सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने जीरो पर मामला दर्ज कर केस डायरी विवेचना के लिए दतिया भेज दी है। आगे की जांच वहां की पुलिस करेगी।

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