MP : इंदौर में 24 घंटे में कोरोना के 9 नए केस मिले : कॉन्टैक्ट और ट्रैवल हिस्ट्री खंगालेगी टीम : एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 20

 
MP : इंदौर में 24 घंटे में कोरोना के 9 नए केस मिले : कॉन्टैक्ट और ट्रैवल हिस्ट्री खंगालेगी टीम : एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 20

इंदौर में 24 घंटे में कोरोना के 9 नए केस मिले हैं। इसी के साथ एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। माना जा रहा है कि सभी नए मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री हो सकती है। हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम मरीजों को कोविड केयर सेंटर में एडमिट कराने की तैयारी में है। CMHO डॉ. बीएस सैत्या के मुताबिक जो 9 मरीज पॉजिटिव मिले हैं उनके चार सपना-संगीता रोड क्षेत्र के 4, निपानिया क्षेत्र की तुलसी नगर, अपोलो डीबी सिटी, बॉम्बे हॉस्पिटल क्षेत्र में 4 तथा एक विनायक कॉलोनी क्षेत्र से हैं। इन मरीजों के घरों पर के लिए ीटीमें रवाना गई है जो कॉन्टैक्ट और ट्रैवल हिस्ट्री खंगालेगी। सभी को कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया जाएगा।

इससे पहले इंदौर में 4 सितंबर को कोरोना केस में एकदम से उछाल आया था। तब 9 लोग पॉजिटिव आए थे। सभी महू कैंट एरिया के थे। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मरीजों ककी संख्या बढ़कर 35 हो गई और फिर 42। संक्रमण बढ़ने का कारण सैन्य अफसरों की ट्रैवल हिस्ट्री रहा। ये सभी ट्रेनिंग के लिए राजस्थान, गोवा और दूसरी जगहों पर गए थे। सभी को महू आर्मी हॉस्पिटल में आइसोलेट किया गया था। 20 दिन में यहां संक्रमण पर नियंत्रण हुआ। सितंबर से 25 अक्टूबर की बात करें तो औसतन हर दिन 1 से 2 मरीज मिले हैं। 9 दिन ऐसे रहे जब मरीजों की संख्या 0 रही। दो बार तो लगातार 2 दिन तक यह संख्या 0 रही।

नए वैरिएंट AY-4 से बढ़ी चिंता
सितंबर में पॉजिटिव पाए गए कुछ लोगों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए NCDC दिल्ली भेजे गए थे। हाल ही में आई रिपोर्ट में 7 लोगों में डेल्टा का वैरिएंट AY-4 मिला है। इनमें से 3 लोग इंदौर के न्यू पलासिया क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि 3 लोग महू और एक व्यक्ति धार का रहने वाला है। इंदौर के तीनों लोग पिछले माह यानि सितंबर में तिरुपति बालाजी गए थे। तीनों उद्योगपति परिवार से हैं। इसके साथ ही महू और धार के लोगों की सैंपल 21 सितंबर को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे। सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं। सोमवार को ही उद्योगपति परिवार, उनके रिश्तेदारों, नौकरों समेत 50 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।

कोरोना सुस्त, पर खतरा बरकरार

कोरोना वायरस भले सुस्त पड़ गया हो, लेकिन उसका खतरा अब भी बरकरार है। डॉ. वीपी पांडे (HOD, मेडिसिन, MYH) के अनुसार किसी भी नए वैरिएंट की संक्रामकता कितनी है, यह तो कुछ समय बाद ही पता चलेगा। हर वायरस के नए-नए वैरिएंट आना एक प्रक्रिया है, क्योंकि समय के साथ इसका नेचर बदलता है। लोग जागरूक रहें, घबराएं नहीं।

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