SATNA : पाटलिपुत्र-मुंबई सुपरफास्ट से बिहार भाग रहा मुंबई वैक्सीनेशन फर्जीवाड़े का पांचवां आराेपी, सतना GRP ने पकड़ा

 

SATNA : पाटलिपुत्र-मुंबई सुपरफास्ट से बिहार भाग रहा मुंबई वैक्सीनेशन फर्जीवाड़े का पांचवां आराेपी, सतना GRP ने पकड़ा

फर्जी वैक्सीनेशन मामले में महाराष्ट्र के मुंबई से बिहार भाग रहे आरोपी को सतना GRP ने पकड़ लिया। बताया गया कि मुंबई वैक्सीनेशन फर्जीवाड़े का पांचवां आराेपी ट्रेन नंबर 02141 पाटलिपुत्र-मुंबई सुपरफास्ट से बिहार भाग रहा था। इसका इनपुट मुंबई पुलिस ने जबलपुर GRP को दिया था। जबलपुर स्टेशन से ट्रेन आगे निकल जाने के कारण सतना स्टेशन को मैसेज दिया गया।

शादी के लिए हिंदू बने बिट्‌टू को बीवी-बच्चों सहित घर से निकाला, कहा- मुस्लिम बनो तो ही घर में रहो

आरोपी के बताए हुलिए के आधार पर GRP ने करीम अली को गुरुवार को पकड़ लिया। फिर शुक्रवार शाम मुंबई के कांदिवली थाने की पुलिस सतना GRP चौकी पहुंची। यहां सिविल ड्रेस में आई मुंबई पुलिस ने FIR की छाया प्रति दिखाई तो GRP को विश्वास नहीं हुआ। ऐसे में GRP जबलपुर एसपी ने कांदिवली पुलिस ने ऑनलाइन केस डायरी मंगाई, उसे देखने के बाद आरोपी को सुपुर्द कर दिया गया।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक जीआरपी ने मो. करीम अली पिता मो. अकबर (19) निवासी प्रानपुर जिला कटिहार बिहार को कुर्ला से पटना जाने वाली 02141 से गुरुवार शाम करीब 4 बजे उतरा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने केसीईपी इंस्टीटयूट मुंबई में नर्सिंग का कोर्स किया था। आरोपी ने बताया कि डॉ. महेन्द्र के कहने पर उसने वैक्सीन लगाई थी। वैक्सीनेशन मामले का सरगना शिवम अस्पताल का डॉ. मनीष त्रिपाठी है। मामले में प्राथमिक तौर पर पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसी आरोपी को पकड़ने मुंबई की कांदिवली ​थाने के पीआई विजय वी. कंदालगावकर शुक्रवार की शाम 6 बजे सतना जीआरपी आए थे। जहां से कागजी कार्रवाई पूर्ण करने के बाद वे आरोपी को 10 बजे महानगरी एक्सप्रेस से लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गए थे।

मुंबई और ने एमपी के क्राइम ब्रांच ने किया था अलर्ट

दावा है कि मुंबई के कुर्ला से चलकर पटना को जाने वाली पाटलिपुत्र-मुंबई सुपरफास्ट से आरोपी करीम अली के मुंबई से बिहार भागने का अलर्ट जीआरपी को मुंबई की क्राइम ब्रांच व सेंट्रल कंट्रोल भोपाल से 17 जून को मिला था। अलर्ट में स्पष्ट किया गया था कि आरोपी करीम अली फर्जी कोरोना वैक्सीनेशन मामले में मुंबई पुलिस का मोस्ट वांटेड है। साथ ही, आरोपी का फोटो भी क्राइम ब्रांच ने भेजा था। खबर मिलते ही जीआरपी के चौकी पुलिस ने ट्रेन में सर्चिंग कर आरोपी करीम अली को पकड़ लिया।

1240 रुपए लेते थे एक टीके की रकम

मुंबई ले गए आरोपी ने बताया है कि वैक्सीनेशन कैंप में प्रति व्यक्ति 1240 रुपए लेते थे। आरोपियों ने कांदिवली की हीरानंदानी हेरिटेज सोसाइटी में वैक्सीनेशन कैंप लगाया था। यहां सोसाइटी के 410 सदस्यों को टीके लगाए गए थे। वे 1240 के हिसाब से करीब 5 लाख रुपए वसूल चुके थे।

यह था फर्जीवाड़ा : सर्टिफिकेट मिला न हुआ टीके का असर

टीका लगवाने वाले लोगों ने पुलिस के समक्ष पहुंचकर दावा किया था कि हीरानंदानी हेरिटेज सोसाइटी के अंदर हुए वैक्सीनेशन कैंप के 410 लोगों को न सर्टिफिकेट मिला है। न टीके का असर हो रहा है। जो 15 दिन बाद सर्टिफिकेट मिला, उसमें अलग-अलग अस्पतालों के नाम थे। लोगों को इस पर शक हुआ, तो पुलिस से​ शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

Related Topics

Share this story

From Around the Web

Most Read