सावधान! कैफे वाली मैडम की 'टारगेट लिस्ट' में थे मऊगंज के रईस, स्पाई कैमरे से ऐसे फंसाते थे पति-पत्नी
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में राजनीति और अपराध का एक ऐसा गठजोड़ सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। एक पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को नशीला पदार्थ देकर उनका अश्लील वीडियो बनाने और फिर 5 लाख रुपए की मांग करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार शाम को पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला और उसके पति के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
कैफे की आड़ में रची गई "स्पाई कैमरा" साजिश
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस पूरी साजिश की शुरुआत एक कैफे से हुई थी। पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक सामने स्थित एक कैफे की संचालिका ने अपने पति के साथ मिलकर इस जाल को बुना। 25 दिसंबर को खुले इस कैफे का मकसद केवल कॉफी पिलाना नहीं, बल्कि रसूखदारों से जान-पहचान बढ़ाना था।
फरवरी में कैफे बंद होने के बावजूद, आरोपी महिला ने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से संपर्क बनाए रखा। एक सुनियोजित योजना के तहत नेता को बुलाया गया, उन्हें नशा दिया गया और गुप्त रूप से 'स्पाई कैमरे' के जरिए निजी पलों को रिकॉर्ड कर लिया गया।
लग्जरी लाइफ की चाहत और रईसों की 'टारगेट लिस्ट'
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी दंपती मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनकी ख्वाहिशें बेहद ऊंची थीं। वे रातों-रात अमीर बनना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने बाकायदा एक लिस्ट बना रखी थी। इस लिस्ट में शामिल थे:
- इलाके के नामचीन नेता
- बड़े सरकारी अफसर
- ठेकेदार और रईस व्यापारी

सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट डालना पड़ी भारी
हनी ट्रैप की यह साजिश तब उजागर हुई जब आरोपी महिला ने खुद ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो का एक स्क्रीनशॉट साझा कर दिया। इस कदम के बाद स्थानीय मीडिया ने मामले की गहराई से जांच की और आशंका जताई कि यह एक संगठित हनी ट्रैप हो सकता है। अंततः, एसडीओपी सचि पाठक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लिया और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।

पुलिस की तलाश और फरार आरोपी
वर्तमान में आरोपी महिला और उसका पति दोनों फरार हैं। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि स्पाई कैमरा लगाने में उनकी मदद किसने की और क्या इस गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हैं जो पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे।