REWA : नवागत पुलिस अधीक्षक आज करेंगे पदभार ग्रहण, सिंघम के नाम से जाने जाते हैं नवनीत भसीन : नाम सुनते ही थर- थर कांप उठते हैं गुंडे- मवाली

 

REWA : नवागत पुलिस अधीक्षक आज करेंगे पदभार ग्रहण, सिंघम के नाम से जाने जाते हैं नवनीत भसीन : नाम सुनते ही थर- थर कांप उठते हैं गुंडे- मवाली

( ग्राउंड एमपी 17 ऋतुराज द्विवेदी की रिपोर्ट ) रीवा। शिवपुरी जिले के निवासी एवं 2009 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी नवनीत भसीन सोमवार को कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक रीवा का पदभार ग्रहण करेंगे। तदुपरांत अधिकारियों-कर्मचारियों से परिचय प्राप्त करेंगें। नवागत पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन को सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल से तबादला कर रीवा भेजा गया है।

आपको बता दें कि आईपीएस (IPS) नवनीत का जन्म 1979 में शिवपुरी जिले में हुआ था। वे 2009 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के रूप में भिंड,ग्वालियर और खंडवा जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ये ऐसे अधिकारी हैं जो कि सीधे तौर पर जनता से जुड़ते हैं।पदस्थापना वाले जिलों में उन्होंने अपराध पर काफी अंकुश लगा दिया था। रीवा जिले की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी अब उन्हें मिली है।

REWA : नवागत पुलिस अधीक्षक आज करेंगे पदभार ग्रहण, सिंघम के नाम से जाने जाते हैं नवनीत भसीन : नाम सुनते ही थर- थर कांप उठते हैं गुंडे- मवाली

शिवपुरी के एक प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसाई सूरज प्रकाश भसीन और श्रीमती किरण भसीन के सुपुत्र नवनीत भसीन ने बी कॉम करने के बाद पुलिस मेनेजमेंट में मास्टर डिग्री प्राप्त की। 2009 में वे पुलिस प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए और उनकी प्रथम नियुक्ति गंज बासौदा में एसडीओपी के पद पर हुई  . उसके बाद नवनीत ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में बतौर पुलिस कप्तान अपना दायित्व निभाया। 

यह तो संभवतः सामान्य बात है, कई शिवपुरी वासी बड़े बड़े महत्वपूर्ण पदों पर हैं या रहे हैं, लेकिन नवनीत भसीन में कुछ ऐसा ख़ास है, जो शिवपुरी को कुछ अधिक गौरवान्वित करता है। 

इसके पूर्व जब नवनीत भिंड के एस. पी. थे, तब उन्होंने न केवल अपराधों पर नियंत्रण लगाने में सफलता पाई, बल्कि नक़ल माफिया पर अंकुश लगाकर, प्रतिभावान छात्रों के हक़ पर डाका डालने वालों के मंसूबों को भी विफल किया ! 

ख़ास बात यह है कि यह सब करते हुए भी उन्होंने शालीनता और सरलता का दामन नहीं छोड़ा ! यही कारण है कि नवम्बर 2016 में उनके स्थानान्तरण का समाचार मिलते ही, न केवल सोशल मीडिया पर विरोध हुआ बल्कि भिंड के नौजवान सडकों पर नारेवाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। 

चम्बल की माटी का वह क्षेत्र जहाँ कहा जाता है – 

“जाको बैरी सुख से सोवे, ताके जीवन को धिक्कार” 

या फिर – 

"बरस अठारह क्षत्रिय जीवे, ऊपर जीवे को धिक्कार !" 

बात बात में बन्दूक निकलना जहां आम हो, वहां किसी पुलिस अधिकारी का इस प्रकार हर दिल अजीज बन जाना, कोई साधारण बात नहीं है ! 

भिंड की बदनाम छवि को सुधारने, नकल के दाग को मिटाने और गुंडाराज को नेस्तनाबूत करने वाले नवनीत अपनी कार्यप्रणाली से सतत सफलता के सोपान चढ़ रहें हैं। 

अपराध का ग्राफ हुआ कम 

जिन जिलों में भी नवनीत रहे वहां पूर्व की तुलना में अपराध का ग्राफ कम हुआ. ग्वालियर जिले में पदस्थी के बाद भी मात्र तीन माह में अपराधियों में वे दहशत का पर्याय बन गए। उनकी कार्यप्रणाली से हर प्रकार के अपराधों में कमी आई। रेत माफिया, हथियारों के तस्कर, मादक द्रव्यों और जुए सट्टे, सब पर लगाम लगी. 

कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां इस प्रकार हैं – 

फेसबुक एकाउंट हैक कर लड़कियों को ब्लैकमेल करने वाले कुणाल कुशवाह पुत्र दिनेश कुशवाह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 

पंद्रह लाख की स्मेक के साथ स्मेक तस्कर मुकेश सोनी पुत्र रामसेवक सोनी की गिरफ्तारी। 

अस्थिकलश को सल्यूट करते, बड़े से बड़े राजनेता से पूरे आत्मविश्वास के साथ मिलते, नवनीत भसीन को देखकर आमजन में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी हुई है, तो अपराधी हतोत्साहित हुए हैं। यही तो एक पुलिस अधिकारी की सफलता का पैमाना है | एक शिवपुरी वासी होने कारण यही शुभकामना है कि वे अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वहन करने के साथ लोकप्रियता के नित नए आयाम भी गढ़ते रहैं। 


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