REWA : संजय गांधी अस्पताल का मामला : घंटों लाइन में लगना पड़ रहा, परेशान मरीज एवं परिजनों की शिकायत नहीं सुन रहे अधिकारी

 

REWA : संजय गांधी अस्पताल का मामला : घंटों लाइन में लगना पड़ रहा, परेशान मरीज एवं परिजनों की शिकायत नहीं सुन रहे अधिकारी

रीवा। संजयगांधी अस्पताल में एक बार फिर से अव्यवस्थाएं हावी होती जा रही हैं। यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों को पहले तो रजिस्ट्रेशन कराने और पर्चा बनवाने के लिए काफी देर तक मशक्कत करना पड़ रहा है। इसके बाद किसी तरह डाक्टर के पास पहुंचने पर जो दवाएं लिखी जाती हैं उन दवाओं को प्राप्त करने में भी कठिनाइयों का सामना करना होता है। मरीजों के सामने उत्पन्न हो रही इन समस्याओं को सुनने के लिए प्रबंधन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते कठिनाइयों का सामना करने के बाद लोग अपने घरों को वापस लौट रहे हैं। दीपावली के बाद अवकाश की वजह से मरीजों की संख्या सोमवार को एक बार फिर बढ़ गई। एक साथ बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और पहले पर्चा काउंटर पर भीड़ जमा हुई। उसके बाद दवा वितरण के काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। स्थिति यह रही कि करीब पांच सौ से अधिक संख्या में महिलाएं भी दवा की लाइन में एक साथ लगी रहीं लेकिन सभी को पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पाई तो वह परेशान भी रहीं।

गार्ड की अभद्रता पर महिलाओं का हंगामा

भीड़ में जिस दौरान महिलाएं दवा वितरण काउंटर पर लाइन लगी थी। उसी दौरान एक सुरक्षा कर्मी ने महिलाओं के साथ अभद्रता कर रहा था। एक महिला ने गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया तो वहां पर मौजूद अन्य महिलाएं भड़क उठी और जमकर नाराजगी जाहिर की। महिलाओं ने कहा कि इस तरह से बदसलूकी पहले भी कई बार अस्पताल में हो चुकी है। प्रबंधन ने ऐसे कर्मचारियों को नियुक्त कर रखा है जिनका चरित्र सत्यापन नहीं कराया जाता है। हालांकि कुछ देर के बाद संबंधित गार्ड गायब हो गया तो महिलाओं का गुस्सा भी शांत हो गया।

दवा वितरण केन्द्र में भर्रेशाही, नहीं मिल रही पर्याप्त दवाएं

संजयगांधी अस्पताल के दवा वितरण केन्द्र में व्यापक भर्रेशाही का आरोप मरीज एवं उनके परिजनों की ओर से लगाया गया है। जिसमें कहा गया है कि चिकित्सकों द्वारा जो दवाएं लिखी गई, उसमें प्रमुख दवाएं बाजार से खरीदने के लिए कहा गया है। इसके पहले भी कई बार इस तरह के आरोप सामने आ चुके हैं जब मरीजों को पर्ची में लिखी गई सभी दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती। इतना ही यहां पर तैनात कर्मचारियों द्वारा निर्धारित काउंटर पर नहीं बैठने की वजह से भी अनावश्यक लंबी कतार लगती है।

अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण नहीं करते अधिकारी

संजयगांधी एवं गांधी स्मारक अस्पतालों में लंबे समय से यह व्यवस्था रही है कि यहां के अधीक्षक एवं प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारी पूरे परिसर का दिन में कई बार निरीक्षण करते थे। जिससे मरीजों की समस्याएं भी उनके सामने आती थी और अव्यवस्थाएं वह भी देखते थे। कुछ समय से यह व्यवस्था बंद हो गई है। अधिकारी अपने चेंबरों से बाहर नहीं निकलते, जिसकी वजह से मरीजों की समस्याओं के प्रति वह अनजान बने हुए हैं।

स्पीकर के निर्देश भी प्रबंधन ने हवा में उड़ाए

बीते महीने विधानसभा स्पीकर गिरीश गौतम ने करीब दो घंटे से अधिक समय तक अस्पताल का निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं को देखा था। उन्होंने कई बिन्दुओं पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था। उस दौरान मौजूद कलेक्टर, डीन, अधीक्षक सहित अन्य ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्थ करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक उन पर कोई सुधार नहीं हुआ है। मरीजों को पहले की तरह ही समस्याओं का सामना करना होता है। विधायक राजेन्द्र शुक्ला भी नियमित रूप से अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचते हैं और व्यवस्थाएं सुधारने की बात करते हैं। परिणाम नजर नहीं आ रहा है।

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