Betul-Chhindwara Passenger Train में भीषण आग लगने से मचा हड़कंप, तीन डिब्बे जलकर खाक

 
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बैतूल से छिंदवाड़ा (Betul to Chhindwara) जाने वाले पैसेंजर ट्रेन (passenger train) 09589 में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। हादसे में ट्रेन के दो डिब्बे जलकर खाक हो गए।जबकि एक डिब्बा आंशिक रूप से जला है। घटना के बाद रेलवे की सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रेन (self propelled train) से इस आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। इस ट्रेन को स्थगित कर दिया गया।

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घटना बैतूल-छिंदवाड़ा पैसेंजर ट्रेन (Betul-Chhindwara Passenger Train) में हुई है। बताया जा रहा है कि यह ट्रेन दोपहर 12.30 बजे बैतूल पहुंचती थी। यह लूप लाइन पर खड़ी थी। शाम 4 बजे यह छिंदवाड़ा के लिए रवाना होती। करीब शाम 4 बजे इसे प्लेटफॉर्म (platform) पर लाया जा रहा था, इसी दौरान मलकापुर आउटर (Malkapur Outer) पर माचना नदी के पुल के पार अचानक ट्रेन में आग लग गई। इसकी दो बोगियां धू-धूकर जल उठीं। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया और रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में ट्रेन की दोनों बोगियों को छोड़कर शेष बोगियों को अलग किया गया। साथ ही फायर ब्रिगेड (fire brigade) को सूचना दी गई।

काम नहीं आई फायर ब्रिगेड
घटना की जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड (fire brigade) को भी कॉल किया गया। फायर ब्रिगेड (fire brigade) मौके पर पहुंची भी, लेकिन यह ट्रेन जिस जगह खड़ी थी, वहां तक फायर ब्रिगेड (fire brigade) का जाना संभव नहीं हो पाया। ऐसे के खेत मालिक ने अपने मोटर पंप से जलती बोगियों पर पानी डाला। आग इतनी विकराल थी कि इस पर आसानी से काबू नहीं पाया जा सका।

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बड़ी लापरवाही की तरफ इशारा
इस ट्रेन में लगी आग के बाद इसे बड़ी लापरवाही की वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रेन छिंदवाड़ा जाने के लिए यार्ड की ओर भेजी गई थी, जिसे मुख्य लाइन पर लिया जाना था। इस दौरान इसकी सुरक्षा के लिए यहां कोई मौजूद नहीं था। ट्रेन की अधिकांश बोगियां खुली हुई थीं। ऐसे में असमाजिक तत्वों की शरारत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

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ट्रेन को किया गया स्थगित
ट्रेन 4 बजे छिंदवाड़ा (Chhindwara) के लिए रवाना होती है। जो रात में छिंदवाड़ा से इंदौर (Chhindwara to Indore) के लिए रवाना होती है। इसमें लगी आग के बाद आज इस ट्रेन को स्थगित कर दिया गया है। ट्रेन के स्थगित होने से सैकड़ो यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

अधिकारी बोलने से बचते रहे
बैतूल में आगामी 25 नवंबर को जीएम का दौरा है। इस बीच हुई इस घटना से रेल प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए हैं। जानकारों का मानना है कि ट्रेन में आग सुरक्षा कारणों की चूक है। इसकी जिम्मेदारी आरपीएफ की है। घटना के समय आरपीएफ कमांडेंट (rpf commandant) भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन वे कुछ भी कहने से बचते रहे। आरपीएफ के बैतूल प्रभारी ने भी कुछ भी कहने से इंकार कर दिया, जबकि स्टेशन मास्टर (station master) ने भी कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

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