Chandrayaan 3 Moon Landing Live Update : भारत ने रच दिया इतिहास, चाँद पर सफलता पूर्वक चंद्रयान-3 की हुई सॉफ्ट लैंडिंग

Chandrayaan 3 : देशभर के स्कूल और विश्वविद्यालय भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-3 के लाइव प्रसारण के स्ट्रीमिंग सत्र आयोजित कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला पहला मॉड्यूल बनना है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूल चंद्रयान-3 की लाइव स्ट्रीमिंग दिखाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) अधिकारियों को इसरो चंद्रयान-3 को चंद्रमा पर लाइव लैंडिंग दिखाने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इतिहास रचते हुए तीसरे चंद्र मिशन में चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग में कामयाबी हासिल की। तय समय पर यानी 6:04 बजे चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा। पीएम मोदी भी दक्षिण अफ्रीका से इसका लाइव प्रसारण देख रहे थे। जैसे ही इसरो ने सफल लैंडिंग की घोषणा की, पीएम मोदी ने तिरंगा लहराकर और तालियां बजाकर इसका स्वागत किया। वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारे संकल्प का क्षण है, नये भारत के जयघोष का क्षण है। उन्होंने कहा कि हमने धरती पर संकल्प किया और चांद पर उसे साकार किया...भारत अब चंद्रमा पर है।
इसरो चंद्रयान-3 की लैंडिंग
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से आज, 23 अगस्त को शाम 5:30 से 6:30 बजे के बीच 'विशेष सभाएं' आयोजित करने और छात्रों और शिक्षकों को चंद्रयान-3 की लाइव स्ट्रीमिंग देखने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है। केंद्र सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) समेत सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को चंद्रयान-3 की लैंडिंग का सीधा प्रसारण करने का आदेश दिया है।
चंद्रयान 3 लैंडिंग वीडियो
आप चंद्रयान 3 लैंडिंग वीडियो को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मुख्य वेबसाइट पर देख सकते हैं। चाहे आप एक महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष उत्साही हों या बस अंतरिक्ष अन्वेषण के चमत्कारों में रुचि रखते हों, यह वीडियो आपको भारत की उल्लेखनीय चंद्र यात्रा पर एक गहन और जानकारीपूर्ण परिप्रेक्ष्य प्रदान करने का वादा करता है। वास्तविक प्रक्षेपण से पहले, इसरो ने मिशन के स्वचालित लैंडिंग अनुक्रम को शुरू करने की अपनी इच्छा की घोषणा की है, जो भारतीय समयानुसार शाम 5.44 बजे के लिए निर्धारित है। इस समय, विक्रम लैंडर नरम और नियंत्रित चंद्र लैंडिंग के लिए अपने ऑनबोर्ड कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग लॉजिक पर निर्भर करेगा।
50 साइंटिस्ट की रात आंखों में कटी, कमांड सेंटर में रहा उत्साह-बेचैनी का माहौलChandrayaan-3 has successfully soft-landed on the moon.@ChouhanShivraj @BJP4MP @AmitShah @isro @narendramodi @narendramodi_in @SrBachchan @akshaykumar @BeingSalmanKhan @priyankachopra @iam_ashima @sharadpandeygzp @randomsena @TeamUSA @ArtinAmerica @ANI @myogioffice pic.twitter.com/IvRBUPyDvH
— Rewa News Media (@rewanewsmedia) August 23, 2023
ISRO के बेंगलुरु स्थित टेलीमेट्री एंड कमांड सेंटर (इस्ट्रैक) के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स (मॉक्स) में 50 से ज्यादा वैज्ञानिक कंप्यूटर पर चंद्रयान-3 से मिल रहे आंकड़ों की मंगलवार रातभर पड़ताल में जुटे रहे। वे लैंडर को इनपुट भेजते रहे, ताकि लैंडिंग के समय गलत फैसला लेने की हर गुंजाइश खत्म हो जाए।