रीवा के इंजीनियर ने बनाई विश्व स्तरीय मॉडल सड़क : गिनीज बुक में दर्ज होना चाहिए नाम, जानिए कौन है वह इंजीनियर? 

 
Executive Engineer Kamalakant Garg
पढ़िए रीवा में भ्रष्टाचार की बलि चढ़ी नवनिर्मित मॉडल सड़क की कहानी
REWA NEWS : आज से 4 वर्ष पूर्व यूनाइटेड स्टेट अमरीका (United States of America) में सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) ने कहा कि मध्यप्रदेश (mp)  की सड़कें अमरीका (america) से बेहतर हैं। यह बयान वो न जाने प्रदेश की किस सड़क को देखकर अमरीका में कह दिया। लेकिन प्रदेश के रीवा में उस सड़क की दुर्दशा का आलम देखिये जो यहाँ के विकास पुरूष राजेन्द्र शुक्ल (mla rajendra shukla) द्वारा जनता को दिव्य स्वप्न दिखाए गए कि रीवा की चोरहटा से रतहरा तक लगभग 12 किलोमीटर की सड़क प्रदेश की मॉडल सड़क (model sadak) होगी।
प्रदेश के इस मॉडल सड़क (model sadak) और विकास पुरुष राजेन्द्र शुक्ल (cm shivraj singh chauhan) के ड्रीम प्रोजेक्ट (dream project) को अधिकारियों ने ठेकेदार से इस तरह बनवाई की यह सड़क भ्रष्टाचार के मामले में पूरे प्रदेश मे मॉडल सड़क बन गई। इस मॉडल सड़क को बनाने का श्रेय मिला लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) और उसके कार्यपालन अभियंता कमलाकांत गर्ग (Executive Engineer Kamalakant Garg) को।
प्रदेश की यह ऐसी मॉडल सड़क है जिस पर एक पूरी फिल्म बनाई जा सकती है और इस कहानी के नायक होंगे रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ल (mla rajendra shukla) और खलनायक के भूमिका में इन्हीं के चहेते लोक निर्माण विभाग के अफसर। और इस फ़िल्म को ऑस्कर (Oscar) का पुरस्कार भी प्राप्त हो सकता है क्योंकि इस फिल्म में नायक और खलनायक की लड़ाई नहीं बलिक इन दोनों की दोस्ती और इनके द्वारा ठगी का शिकार हुई जनता होगी।

Executive Engineer Kamalakant Garg

रीवा की यह मॉडल सड़क पिछले 20 वर्षों से निर्माणाधीन है,बताया जाता है कि यह कभी टू लेन सड़क (to plane) थी। रीवा के विकास पुरुष कहते हैं कि टू लेन (to plane) सड़क को फोरलेन )four lane) सड़क बनाने में और उसे प्रदेश में मॉडल बनाने में समय लगता है। शायद उसी का यह परिणाम है कि इस सड़क से जनता को पिछले 20 वर्षों से केवल धूल और गड्ढे ही मिल रहे हैं। खैर टू लेन से शुरू हुआ निर्माण फोरलेन में बदला। फिर डामरीकरण में फिर इसके संधारण में और इन सब के बाद इस सड़क को मिला मॉडल सड़क का दर्जा। मॉडल सड़क बनाने के लिए 155 करोड़ आवंटित हुए,निर्माण कार्य कराया बृजकिशोर गोयल की कंपनी ने।
इस मॉडल सड़क के चर्चे निर्माण के समय ही इस कदर मशहूर हुए की निर्माण करा रहे विभाग के अधिकारी लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता (executive engineer) पर विकास पुरुष को भरोसा न रहा और उन्होंने सड़क को बेहतर बनवाने के लिए नरेंद्र शर्मा (Narendra Sharma) को हटवाकर सहायक अभियंता कमलाकांत गर्ग (Assistant Engineer Kamalakant Garg) को लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) का प्रभारी बनाया। उनकी ही देख रेख में यह मॉडल सड़क बनकर पिछले लगभग 6 माह पूर्व ही तैयार हुई है। विकास पुरुष के विकास का यह मॉडल 6 माह में ही दम तोड़ दिया और यह सड़क गड्ढो में तब्दील होना शुरू हो गई है। इस सड़क में प्रत्येक जगह दरारें पड़ गई है। प्रदेश में मॉडल बनने वाली इस सड़क के परखच्चे उड़ चुके हैं। 
सुनिये जनता की जुबानी…
यह वही जनता है जो वोट देकर जनप्रतिनिधि चुनती है और उन जनप्रतिनिधियों द्वारा उसे धूल और गढ्ढे उपहार में दिए जाते हैं। रीवा कलेक्टर मनोज पुष्प (Collector Manoj Pushp) से मॉडल सड़क के गड्ढे के बारे में पूंछा गया तो उन्होंने एक लाइन में उत्तर दे दिया कि जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे। जिम्मेदारों के इस तरह के वक्तव्य आपने कई बार टीवी और समाचार पत्रों में देखा और पढ़ा होगा। 
वर्जन कलेक्टर 
अब देखना होगा कि रीवा कलेक्टर की जांच कब शुरू होगी और किस दोषी को सजा मिलेगी। हां इतना अवश्य सत्य है कि विकास पुरूष राजेन्द्र शुक्ल ने तो एक बुलंद इरादे के साथ ही इस सड़क को मॉडल बनाने का सपना देखा होगा भले ही उनके इस सपने को उनके ही चहेते अधिकारियों ने चकनाचूर कर दिया हो लेकिन लोक निर्माण विभाग के इन अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार में जरूर प्रदेश में मॉडल प्रस्तुत कर दिया गया है। और इस मॉडल के आगे फिल्मों की असली मॉडल भी फीकी पड़ गई है।

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