रीवा में मवेशी चोरी या तस्करी का बड़ा नेटवर्क? देवदत्त की 'रानी' और 'बोग्गी' समेत 10 मवेशी गायब, मचा हड़कंप!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा शहर स्थित सिविल लाइन थाना क्षेत्र से मवेशियों की संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई बड़े पैमाने पर गुमशुदगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र के निवासी और अधिवक्ता देवदत्त द्विवेदी तथा मैदान निवासी रामराज तिवारी के कुल 10 मवेशी गायब हो गए हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि 12 तारीख से गायब इन मवेशियों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। पूर्व में भी ऐसी घटना हो चुकी है, जिसके बाद अब पीड़ितों को आशंका है कि कहीं मवेशियों की तस्करी या अनहोनी न कर दी गई हो। पीड़ितों ने मीडिया के माध्यम से शासन और पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सिविल लाइन थाने में 22 अगस्त को शिकायत: 12 तारीख से सुराग नहीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मवेशी गत 12 तारीख से अपने स्थान से गायब हैं। काफी खोजबीन करने के बाद जब उनका कोई सुराग नहीं लगा, तो पीड़ितों ने 22 अगस्त 2026 को सिविल लाइन थाना रीवा में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
गायब मवेशियों की स्थिति अत्यंत संवेदनशील है:
- गर्भवती भैंसें: गायब मवेशियों में से कई भैंसें बच्चा देने वाली थीं। इनमें 2 भैंसें जल्द ही बच्चा देने वाली थीं, 3 भैंसें भी गाभिन थीं तथा 4 अन्य भैंसें आगामी 15-15 दिनों के भीतर बच्चा देने की स्थिति में थीं।
- छोटे पडवा/पड़िया: व्यस्क भैंसों के अलावा 2 छोटे पडवा और 1 पड़िया भी मवेशियों के झुंड में शामिल थे।
इतनी बड़ी संख्या में और विशेष रूप से बच्चा देने की स्थिति वाली भैंसों के अचानक गायब हो जाने से पशुपालकों को भारी आर्थिक और मानसिक आघात पहुँचा है।
पीड़ितों का दर्द: अधिवक्ता देवदत्त द्विवेदी और रामराज तिवारी के मवेशी गायब
मवेशी गुमशुदगी की यह संयुक्त शिकायत दो अलग-अलग पीड़ितों की ओर से सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई है:
- अधिवक्ता देवदत्त द्विवेदी: इनके मवेशियों में 4 भैंसें और 2 पडवा शामिल थे, जो 12 तारीख से लापता हैं।
- रामराज तिवारी (निवासी मैदानी): इनके मवेशियों में 2 भैंसें, 1 पड़िया और 1 पडवा शामिल थे।
दोनों पीड़ितों की शिकायत को सम्मिलित करते हुए कुल 10 मवेशियों की गुमशुदगी का मामला पुलिस के समक्ष उठाया गया है। पशुपालकों का कहना है कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस सुराग नहीं दिया गया है।
पूर्व में बीजेपी कार्यालय के पीछे बंधे मिले थे मवेशी, अब तस्करी का डर
पीड़ितों ने बताया कि पूर्व में भी उनके मवेशी इसी तरह अचानक गायब हो गए थे। उस समय काफी तलाश करने पर एक व्यक्ति के घर के अहाते में (जो बीजेपी कार्यालय के पीछे स्थित था) मवेशी बंधे हुए पाए गए थे और तब वे वापस मिल गए थे।
लेकिन इस बार स्थितियां ज्यादा गंभीर नजर आ रही हैं। कई दिन बीत जाने के बाद भी मवेशियों की कोई लोकेशन या जानकारी नहीं मिलने से पीड़ितों के मन में गहरा डर बैठ गया है। पीड़ितों ने आशंका जताई है कि कहीं मवेशियों को चुराकर अनैतिक तरीके से तस्करी का शिकार न बना दिया गया हो। इसी डर के कारण पशुपालक मीडिया के जरिए सरकार और रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) तक अपनी आवाज पहुँचाना चाहते हैं।
खुद लौट आए 2 मवेशी, बाकी 8 मवेशियों का अब तक नहीं लगा सुराग
घटनाक्रम में एक राहत भरी खबर यह रही कि गायब हुए 10 मवेशियों में से 2 छोटे मवेशी खुद ब खुद भटकते हुए वापस लौट आए:
- रामराज तिवारी की 1 पड़िया स्वयं वापस आ गई।
- अधिवक्ता देवदत्त द्विवेदी का 1 पडवा भी अपने से घर लौट आया।
हालांकि, 2 मवेशियों के लौटने के बाद भी 8 व्यस्क भैंसें अभी भी लापता हैं। 2 मवेशियों का खुद लौटना और बाकी 8 बड़ी भैंसों का गायब रहना इस बात की ओर इशारा करता है कि या तो किसी ने उन्हें बंधक बनाकर रखा है या फिर उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर परिवहन कर दिया गया है। पीड़ितों ने सिविल लाइन पुलिस से मांग की है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और संदिग्ध इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर उनके मवेशियों को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए।