"गौ-आस्था पर प्रहार? "सेमरिया में आधी रात को खौफनाक खुलासा! ट्रक में भरी थीं पशुओं की हड्डियां; बजरंग दल और विहिप सड़कों पर!"
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र में सोमवार की शाम उस वक्त सांप्रदायिक और सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ गई, जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और स्थानीय नागरिकों ने एक संदिग्ध ट्रक को बीच रास्ते में ही रोक लिया। ट्रक के तिरपाल के नीचे भारी मात्रा में पशुओं की हड्डियां लदी पाई गईं, जिसके बाद मौके पर मौजूद भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

जन-आक्रोश और घेराबंदी: आस्था के नाम पर विहिप की कड़ी आपत्ति
विहिप कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्हें गुप्त जानकारी मिली थी कि एक वाहन में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष ले जाए जा रहे हैं। जैसे ही ट्रक सेमरिया के पास पहुँचा, दर्जनों कार्यकर्ताओं ने उसे घेर लिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह न केवल अवैध परिवहन है, बल्कि गौ-आस्था के साथ एक क्रूर खिलवाड़ भी है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाए जो गुपचुप तरीके से इन अवशेषों की तस्करी कर रहे हैं।
नागौद की फैक्ट्री और ट्रक मालिक प्रेमलाल साकेत का 'कनेक्शन'
पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पकड़े गए ट्रक ड्राइवर ने स्वीकार किया कि वह हड्डियों की यह बड़ी खेप नागौद (सतना) स्थित एक औद्योगिक फैक्ट्री में पहुँचाने जा रहा था। इस वाहन का स्वामित्व प्रेमलाल साकेत नामक व्यक्ति के पास बताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इस परिवहन के लिए अनिवार्य 'ट्रांजिट परमिट' या वैध दस्तावेज मौजूद थे या यह काम चोरी-छिपे किया जा रहा था।
वैज्ञानिक जांच पर टिकी पुलिस की कार्रवाई: क्या ये गोवंश की हड्डियां हैं?
सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपीस ने मीडिया को बताया कि वर्तमान में ट्रक और माल को पुलिस अभिरक्षण में ले लिया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये हड्डियां गोवंश की हैं? इस संदेह को दूर करने के लिए पुलिस हड्डियों के नमूने फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक स्रोत (Source) और फैक्ट्री के दस्तावेजों का मिलान नहीं हो जाता, तब तक किसी भी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।
कानून का शिकंजा और क्षेत्र में शांति की अपील
फिलहाल सेमरिया में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। यह मामला न केवल अवैध व्यापार का है बल्कि धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा है, इसलिए प्रशासन फूँक-फूँक कर कदम रख रहा है। ट्रक मालिक और ड्राइवर के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि यह हड्डियां कहाँ से एकत्र की गई थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: सेमरिया में ट्रक को किसने और क्यों रोका? उत्तर: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पशुओं की हड्डियों के संदिग्ध परिवहन के विरोध में ट्रक को रोका।
प्रश्न 2: ट्रक में लदी हड्डियां कहाँ ले जाई जा रही थीं? उत्तर: ड्राइवर के अनुसार, हड्डियों की खेप सतना जिले के नागौद स्थित एक फैक्ट्री में ले जाई जा रही थी।
प्रश्न 3: पुलिस इस मामले में क्या जांच कर रही है? उत्तर: पुलिस मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच कर रही है: पहला, क्या हड्डियां गोवंश की हैं? और दूसरा, क्या परिवहन के पास वैध कानूनी दस्तावेज थे?
प्रश्न 4: ट्रक का मालिक कौन है? उत्तर: प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ट्रक का मालिक प्रेमलाल साकेत है।
प्रश्न 5: क्या क्षेत्र में तनाव की स्थिति है? उत्तर: घटना के बाद नारेबाजी के कारण तनाव था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समझाइश के बाद अब स्थिति शांतिपूर्ण है।