रीवा से बड़ी खबर: पति की डांट बनी काल? गुस्से में तमतमाई महिला ने घर के अंदर ही काट ली नस, इलाके में फैली सनसनी : पुलिस जांच में जुटी

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद विचलित करने वाली और संवेदनशील घटना सामने आई है, जिसने घरेलू रिश्तों में बढ़ते तनाव और मानसिक अवसाद को एक बार फिर उजागर कर दिया है। शहर के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र जेपी नगर में एक विवाहिता ने घरेलू विवाद से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया। पारिवारिक कलह इस हद तक बढ़ गई कि महिला ने गुस्से और हताशा में आकर अपने ही हाथ की कलाई की नस काट ली। खून से लथपथ हालत में महिला को तड़पता देख परिजनों के हाथ-पांव फूल गए, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया। वर्तमान में डॉक्टर महिला को बचाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

ननद-भाभी के बीच मामूली कहासुनी और मोबाइल टूटने का पूरा विवाद 
स्थानीय सूत्रों और पड़ोसियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम शुक्रवार को शुरू हुआ। घायल महिला की पहचान 30 वर्षीय निधि अग्निहोत्री के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुढ़ क्षेत्र के दूआरी गांव की रहने वाली हैं। उनके पति योगेंद्र अग्निहोत्री जेपी क्षेत्र में एक निजी प्रतिष्ठान में कार्यरत हैं और अपनी आजीविका चलाते हैं। नौकरी के सिलसिले में यह पूरा परिवार वर्तमान में जेपी टाउनशिप के पास ही निवास कर रहा है।

घटना के दिन निधि अग्निहोत्री का अपनी ननद के साथ किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हो गया था। ननद-भाभी के बीच अक्सर होने वाली यह सामान्य कहासुनी देखते ही देखते बेहद उग्र रूप धारण कर गई। गुस्से के अतिरेक में आकर निधि ने अपना खुद का मोबाइल फोन जमीन पर पटक कर तोड़ दिया। मोबाइल टूटने के बाद घर का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया, जिसने आगे चलकर एक बेहद खौफनाक रूप ले लिया।

पति की डांट से आहत होकर उठाया खौफनाक कदम: कलाई की नस काटी 
जब योगेंद्र अग्निहोत्री को घर में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और कीमती मोबाइल फोन को तोड़े जाने की जानकारी मिली, तो वे भी अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाए। उन्होंने ननद से झगड़ा करने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने (मोबाइल तोड़ने) को लेकर अपनी पत्नी निधि को काफी खरी-खोटी सुनाई और डांट लगा दी।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, अक्सर अत्यधिक गुस्से या अवसाद के क्षणों में जब किसी व्यक्ति को अपनों से संबल मिलने के बजाय डांट मिलती है, तो वे तार्किक रूप से सोचना बंद कर देते हैं और ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। पति की इस तीखी डांट को निधि सहन नहीं कर पाईं। वे खुद को बेहद अकेला और अपमानित महसूस करने लगीं। इसी मानसिक हताशा में उन्होंने घर के भीतर रखी किसी धारदार वस्तु या ब्लेड से अपनी कलाई की मुख्य नस को बेरहमी से काट दिया। नस कटते ही तेजी से रक्तस्राव शुरू हो गया और वे अचेत होकर गिर पड़ीं।

जेपी क्षेत्र में सनसनी: अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग 
जैसे ही कमरे के भीतर से चीख-पुकार मची और परिजनों ने निधि को लहूलुहान हालत में देखा, घर में कोहराम मच गया। पति और अन्य रिश्तेदारों ने बिना एक पल गंवाए कपड़े से हाथ को बांधा और उन्हें तुरंत रीवा के मुख्य जिला अस्पताल पहुंचाया। आपातकालीन वार्ड में तैनात सर्जन्स और डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और महिला का उपचार शुरू किया।

चिकित्सकों के मुताबिक, कलाई की नस कटने के कारण शरीर से काफी मात्रा में खून बह चुका था, जिससे रक्तचाप (Blood Pressure) बेहद कम हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद घाव को सिल दिया गया है और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। हालांकि हालत अभी भी पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों को उम्मीद है कि समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच जाएगी।

पुलिस जांच और घरेलू हिंसा या मानसिक तनाव के कानूनी पहलू 
इस तरह के मामलों में अस्पताल प्रबंधन की यह कानूनी जिम्मेदारी होती है कि वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। जेपी क्षेत्र की नजदीकी पुलिस चौकी और संबंधित थाने को इस आत्मघाती कदम की सूचना दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस बल अस्पताल पहुंचा, लेकिन महिला की गंभीर स्थिति और अचेत होने के कारण फिलहाल उनके विस्तृत बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक रूप से यह मामला घरेलू कलह और अत्यधिक गुस्से में उठाया गया कदम प्रतीत होता है। पुलिस ने घटना स्थल (विवाहिता के घर) का मुआयना किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घटना में कोई बाहरी संलिप्तता तो नहीं थी। महिला के होश में आने और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उनका मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया जाएगा। यदि महिला अपने मायके पक्ष या ससुराल पक्ष पर किसी भी प्रकार के प्रताड़ना या घरेलू हिंसा के आरोप लगाती है, तो कानून के मुताबिक उचित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वैवाहिक जीवन में संवाद की कमी और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व 
रीवा की यह घटना कोई पहली या इकलौती घटना नहीं है। आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे जीवन में आपसी तालमेल की कमी के कारण ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। छोटी-छोटी बातें जैसे मोबाइल का टूटना या ननद-भाभी की बहस, कभी-कभी जानलेवा साबित हो जाती हैं।

पारिवारिक तनाव के मुख्य कारणों में सबसे बड़ा कारण संवादहीनता यानी आपस में खुलकर बात न करना होता है। इसके निवारण के लिए जरूरी है कि संकट या गुस्से के समय धैर्यपूर्वक एक-दूसरे को सुना जाए। दूसरी बड़ी समस्या अत्यधिक गुस्सा और छोटी बातों पर हिंसक प्रतिक्रिया देना है, जिससे बचने के लिए क्रोध प्रबंधन (Anger Management) की तकनीकों को अपनाना चाहिए और विवाद के समय उस स्थान से हट जाना चाहिए। इसके अलावा, मानसिक सहयोग की कमी भी बड़ी मुश्किल खड़ी करती है; जब व्यक्ति को संकट में अपनों से संबल मिलने के बजाय सिर्फ डांट मिलती है, तो वह टूट जाता है। ऐसे में गंभीर विवादों में हमेशा किसी बाहरी काउंसलर या विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।

इस पूरे मामले से समाज को यह सीख लेने की आवश्यकता है कि किसी भी विवाद में त्वरित और उग्र प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए। यदि पति ने उस वक्त डांटने के बजाय स्थिति को शांति से संभालने का प्रयास किया होता, तो शायद इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।

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