रीवा में GST की सबसे बड़ी रेड: 3 सराफा दुकानों पर 30 अफसरों की दबिश

 
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फोर्ट रोड की प्रमुख दुकानों में जीएसटी एंटी इवेजन विंग की कार्रवाई। करोड़ों की टैक्स चोरी और ITC घोटाले की

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा के व्यापारिक केंद्र फोर्ट रोड में बुधवार दोपहर उस समय सन्नाटा पसर गया, जब जीएसटी एंटी इवेजन विंग सतना की 30 सदस्यीय टीम ने एक साथ तीन बड़े सराफा शोरूम्स पर धावा बोला। इस साल की यह रीवा में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुई यह रेड देर रात तक जारी रही, जिसमें करोड़ों रुपये के अघोषित टर्नओवर और टैक्स चोरी के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

इन दुकानों पर गिरा गाज: फोर्ट रोड के बड़े नाम 
जीएसटी विभाग की रडार पर इस बार शहर के तीन जाने-माने ज्वेलरी हाउस थे:

जेडी एंड संस (JD & Sons): इसके संचालक दिलीप ताम्रकार के ठिकानों पर टीम ने बारीकी से जांच की।
गुप्ता आर्नामेंट (Gupta Ornament): यहाँ भी रिकॉर्ड्स और स्टॉक का मिलान किया गया।
न्यू गुप्ता गोल्ड पैलेस (New Gupta Gold Palace): इस फर्म के साथ-साथ संचालकों के घरों पर भी दबिश दी गई। खबर है कि इन प्रतिष्ठानों के प्रॉपराइटर राजकुमार गुप्ता और अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ की जा रही है।

कैसे हो रहा था करोड़ों का 'टैक्स खेल'? 
जांच अधिकारियों के अनुसार, इन दुकानों पर टैक्स चोरी का एक खास पैटर्न (Modus Operandi) देखा गया है।

  • ITC का गलत इस्तेमाल: ये कारोबारी माल खरीदते समय तो इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लेते थे, लेकिन जब ग्राहकों को प्रॉफिट लेकर माल बेचते थे, तो उस पर निकलने वाला टैक्स कैश में सरकारी खजाने में जमा नहीं करते थे।
  • अघोषित टर्नओवर: करोड़ों रुपये के सोने-चांदी की बिक्री को कागजों पर दिखाया ही नहीं गया।
  • बिना बिल की बिक्री: कच्ची पर्चियों पर कारोबार कर शासन को मिलने वाले राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

मकान और दुकान सब कुछ सीज: अधिकारियों की लंबी फौज
इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक आयुक्त विवेक दुबे, नवीन दुबे, मीनाक्षी पांडेय और शैलेंद्र पांडेय कर रहे हैं। इनके साथ राजीव गोयल, दिलीप सिंह और प्रसून मिश्रा जैसे वरिष्ठ अधिकारियों समेत इंस्पेक्टरों की एक बड़ी टीम तैनात है। अधिकारियों ने न केवल दुकानों का स्टॉक सीज किया है, बल्कि बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड्स को भी अपने कब्जे में ले लिया है।

पूरे बाजार में हड़कंप का माहौल
जैसे ही फोर्ट रोड पर जीएसटी की गाड़ियों का काफिला पहुंचा, बाजार के अन्य छोटे-बड़े दुकानदारों में भी खौफ पैदा हो गया। बताया जा रहा है कि कई कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर वहां से निकल गए। विभाग का मानना है कि यह एक संगठित तरीका बन चुका है जहाँ टर्नओवर छिपाकर प्रॉफिट कमाया जा रहा है।

निष्कर्ष: टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त संदेश
जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि करोड़ों का व्यापार कर टैक्स न चुकाने वालों की अब खैर नहीं है। दस्तावेजों की पूरी पड़ताल के बाद टैक्स चोरी का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा, जो कई करोड़ों में होने का अनुमान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. रीवा में किन दुकानों पर जीएसटी की रेड पड़ी है? मुख्य रूप से फोर्ट रोड स्थित जेडी एंड संस, गुप्ता आर्नामेंट और न्यू गुप्ता गोल्ड पैलेस पर कार्रवाई हुई है।
Q2. यह कार्रवाई किस विभाग द्वारा की गई? यह कार्रवाई जीएसटी एंटी इवेजन विंग (सतना) के नेतृत्व में की गई है।
Q3. 'आईटीसी' (ITC) का खेल क्या है? दुकानदार माल खरीदते समय तो टैक्स छूट (Input Tax Credit) ले लेते हैं, लेकिन बेचने पर होने वाले मुनाफे का टैक्स सरकारी खजाने में जमा नहीं करते, जिसे विभाग ने पकड़ा है।
Q4. क्या रेड अभी भी जारी है? बुधवार से शुरू हुई यह कार्रवाई दस्तावेजों की सघन जांच के कारण काफी लंबी चल सकती है।

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