रीवा में बस कंडक्टर की मनमानी: कॉलेज छात्रा से ₹60 की जगह वसूले ₹100, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में निजी बस संचालकों और कंडक्टरों की दादागिरी एवं मनमानी का एक नया मामला सामने आया है। ऐतिहासिक ठाकुर रणमत सिंह (TRS) कॉलेज, रीवा में अध्ययनरत एक छात्रा के साथ बस कंडक्टर द्वारा निर्धारित दर से काफी अधिक किराया वसूलने का आरोप लगा है। छात्रा और बस कंडक्टर के बीच किराए को लेकर हुई कहासुनी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पीड़ित छात्रा के अनुसार, बड़ौरा तक का सामान्य यात्री किराया ₹120 तय है। नियमानुसार विद्यार्थियों को 50% की रियायत (Student Bus Concession) मिलती है, जिसके तहत छात्रा को केवल ₹60 का भुगतान करना था। हालांकि, बस कंडक्टर ने छात्रा की एक न सुनी और जबरन ₹100 वसूल लिए। इतना ही नहीं, बस में सवार अन्य यात्रियों ने भी आरोप लगाया कि उनसे सामान्य तय किराए ₹120 की जगह ₹85 से ₹100 तक मनमाने ढंग से वसूले जा रहे थे।
रीवा बस कंडक्टर विवाद: आखिर क्या है पूरा मामला?
रीवा संभाग में ग्रामीण और शहरी इलाकों से हजारों छात्र-छात्राएं रोजाना उच्च शिक्षा के लिए शहर के प्रमुख कॉलेजों में आते हैं। TRS कॉलेज रीवा संभाग का सबसे बड़ा शासकीय महाविद्यालय है, जहाँ आस-पास के गाँवों और कस्बों से रोजाना छात्र बसों से सफर करते हैं।
किराए का गणित: बड़ौरा मार्ग पर बस का मानक किराया ₹120 है।
राज्य परिवहन एवं क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कॉलेज आईडी (College ID Card) दिखाने पर विद्यार्थियों को आधा किराया यानी ₹60 ही देना होता है। छात्रा ने जब ₹60 देकर छात्र रियायत की बात कही, तो कंडक्टर ने अभद्रता करते हुए ₹100 की मांग की। छात्रा द्वारा विरोध करने पर कंडक्टर ने बहस शुरू कर दी। इस पूरी घटना को बस में मौजूद किसी अन्य यात्री ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और इंटरनेट पर साझा कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय छात्र संगठनों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
विद्यार्थियों के लिए बस किराए में छूट के नियम
मध्य प्रदेश में निजी और राज्य परिवहन की बसों में स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायती दरें तय की गई हैं।
- 50% छूट का नियम: मान्य पहचान पत्र (Valid ID Card) या बस पास दिखाने पर छात्रों को कुल किराए में 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।
- आईडी कार्ड अनिवार्य: यात्रा के दौरान छात्र के पास अपने शिक्षण संस्थान का चालू सत्र का फोटो पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
- कंडक्टर की जिम्मेदारी: कंडक्टर किसी भी छात्र को रियायती किराया देने से मना नहीं कर सकता, बशर्ते छात्र के पास वैध पहचान पत्र मौजूद हो।
लेकिन रीवा में लगातार यह शिकायतें आ रही हैं कि निजी बस ऑपरेटर इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं और छात्रों से पूरा या मनमाना किराया वसूलते हैं।
परिवहन विभाग और आरटीओ (RTO) रीवा की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
इस घटना के वायरल होने के बाद क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं: रीवा में रूटों पर परिवहन विभाग की नियमित जांच न होने के कारण बस ऑपरेटर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। अधिकतर बसों में शासन द्वारा स्वीकृत किराए की रेट सूची (Fare Chart) चस्पा नहीं की जाती है। पूर्व में भी बस किराए में ओवरचार्जिंग को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई न होने से कंडक्टरों के हौसले बुलंद हैं। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित बस ऑपरेटर और कंडक्टर पर सख्त कानूनी कार्रवाई एवं परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
यदि बस कंडक्टर अधिक किराया वसूले तो छात्र और यात्री क्या करें?
यदि आपके साथ भी किसी बस में निर्धारित किराए से अधिक वसूली या अभद्रता होती है, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
बस का टिकट संभालकर रखें और संभव हो तो बस नंबर तथा घटना का स्पष्ट वीडियो/ऑडियो रिकॉर्ड कर लें। अपने जिले के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) कार्यालय में लिखित या हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत करें। मध्य प्रदेश के निवासी सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करके बस ऑपरेटर के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या ट्रैफिक पुलिस बूथ पर बस को रोककर शिकायत दर्ज करवाएं।