सावधान! गांव-गांव ज़हर घोल रहा शराब सिंडिकेट : किराए का कमरा लेकर चल रही थी अवैध पैकारी, ठेकेदार सुनील सिंह का नाम आते ही मचा हड़कंप, पुलिस की रेड में 42 लीटर शराब जब्त

 
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चोरहटा पुलिस और नौबस्ता 112 की संयुक्त कार्रवाई में 42 लीटर शराब जब्त, आरोपी ने ठेकेदार सुनील सिंह महाकाल ग्रुप का नाम उगला।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चोरहटा थाना क्षेत्र के दाढ़ी गांव (ग्राम पंचायत मरहा) में लंबे समय से बेखौफ चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस ने तगड़ा प्रहार किया है। काफी समय से ग्रामीण इलाकों में समानांतर रूप से चलाई जा रही शराब की पैकारी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।

इसी कड़ी में मुखबिर से मिली एक बेहद सटीक और गुप्त सूचना के आधार पर नौबस्ता चौकी 112 तथा चोरहटा थाना पुलिस ने एक संयुक्त टीम बनाकर मौके पर अचानक घेराबंदी की। इस सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पुलिस ने मौके से 42 लीटर अवैध देसी एवं अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद किया और पैकारी चला रहे आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

किराए का मकान बना था अवैध कारोबार का अड्डा
जांच और छानबीन में यह बात उजागर हुई कि माफिया ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने और पूरे गांव में शराब सप्लाई करने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया हुआ था।

  • भंडारण केंद्र: गांव के ही एक मकान को बाकायदा किराए पर लिया गया था, जिसे बाहर से सामान्य रिहायशी जगह की तरह दिखाया जाता था।
  • सप्लाई का जरिया: इस किराए के कमरे को अवैध शराब के सुरक्षित भंडारण और गांव के कोने-कोने में बांटी जाने वाली पैकारी के मुख्य वितरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
  • आसपास का माहौल: रात के अंधेरे के साथ-साथ दिनदहाड़े भी यहां से शराब की बोतलें निकालकर आसपास की अवैध दुकानों और पैकारियों में भेजी जाती थीं।

पकड़े गए आरोपी ने उगला नाम: शराब ठेकेदार सुनील सिंह की उठी भूमिका
पुलिसिया पूछताछ और लिखा-पढ़ी के दौरान पकड़े गए आरोपी ने ऐसे खुलासे किए, जिससे शराब के धंधे में शामिल बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो गया। आरोपी ने स्पष्ट शब्दों में कबूल किया कि यह अवैध शराब शराब ठेकेदार सुनील सिंह (महाकाल ग्रुप) के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही थी। पूछताछ में यह बात भी निकलकर आई कि ग्रामीण इलाकों में अपनी बिक्री बढ़ाने और भारी मुनाफा कमाने के उद्देश्य से ठेकेदार के इशारे पर गांव-गांव में युवाओं और स्थानीय लोगों को मोहरा बनाकर पैकारी का खतरनाक जाल बिछाया जा रहा था।

गांव-गांव बिछा पैकारी का संजाल: स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश
ठेका और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही क्षेत्र के ग्रामीण लगातार यह आरोप लगा रहे थे कि वैध दुकानों की आड़ में पूरे ग्रामीण अंचल को अवैध शराब का अड्डा बना दिया गया है। किराना सामान की तरह हर गली और चौराहे पर नशीले पदार्थ और शराब आसानी से उपलब्ध होने लगे थे।

गांव की महिलाओं और युवाओं का गुस्सा इस बात को लेकर फूट पड़ा कि बार-बार शिकायतें करने के बाद भी माफिया बेखौफ होकर ग्रामीण बस्तियों में नशा घोल रहे थे। इस अवैध कारोबार के कारण गांवों का सामाजिक माहौल बिगड़ने लगा था और रोजाना विवाद एवं अशांति की स्थितियां पैदा हो रही थीं।

आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज: मुख्य सरगनाओं पर कसेगा शिकंजा
चोरहटा थाना पुलिस ने मौके से जब्त 42 लीटर शराब को कब्जे में लेते हुए मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम (MP Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि आरोपी को लिखा-पढ़ी के बाद छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में असंतोष की लहर है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआती कड़ी है।

ग्रामवासियों ने पुरजोर मांग उठाई है कि पुलिस को केवल छोटे प्यादों या मोहरों को पकड़कर खानापूर्ति नहीं करनी चाहिए, बल्कि इस पूरे सिंडिकेट को बैकएंड से चला रहे मुख्य ठेकेदार और सप्लाई नेटवर्क के सरगनाओं पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि रीवा के ग्रामीण क्षेत्रों में पांव पसार रहे शराब माफिया की रीढ़ पूरी तरह तोड़ी जा सके।

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