चिरहुला नाथ मंदिर में ठेकेदार की मनमानी: दर्शनार्थियों से अभद्रता, सड़क बनी अवैध पार्किंग अड्डा!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा शहर के सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक चिरहुला नाथ स्वामी मंदिर परिसर में इन दिनों श्रद्धालुओं को भारी असुविधा और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों एवं स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पार्किंग व्यवस्था का ठेका लेने वाले ठेकेदार कृष्ण गोपाल मिश्रा और उनके कर्मचारियों द्वारा भारी अव्यवस्था फैलाई जा रही है।

पार्किंग के लिए निर्धारित स्थल का उपयोग करने के बजाय ठेकेदार के करिंदे श्रद्धालुओं के वाहनों को मुख्य सड़क पर ही जबरन खड़ा करवा रहे हैं और उनसे मनमाने तरीके से पार्किंग शुल्क वसूल रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण मंदिर पहुँचने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो रहा है और श्रद्धालुओं में गहरा असंतोष व्याप्त है।

सड़क किनारे जबरन पार्किंग और दर्शनार्थियों से अवैध वसूली का आरोप
विंध्य अंचल के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र चिरहुला नाथ मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते हैं। शनिवार और मंगलवार जैसे विशेष दिनों में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
स्थानीय नागरिकों एवं पीड़ितों का आरोप है कि:
- अवैध पार्किंग स्थल: ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा चार पहिया और दो पहिया वाहनों को मंदिर के आधिकारिक पार्किंग लॉट के बजाय पहुँच मार्ग (सड़क) के दोनों किनारों पर खड़ा कराया जाता है।
- जबरन वसूली: सड़क पर वाहन खड़े कराने के बावजूद श्रद्धालुओं से नियम विरुद्ध और मनमाना पार्किंग शुल्क वसूला जाता है।
- अभद्र व्यवहार: यदि कोई श्रद्धालु सड़क पर पार्किंग करने से मना करता है या रसीद और रेट लिस्ट को लेकर सवाल उठाता है, तो ठेकेदार के लोग उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और विवाद करने पर उतारू हो जाते हैं।
यातायात व्यवस्था ध्वस्त: जाम और दुर्घटनाओं की आशंका से जूझते श्रद्धालु
सड़क पर ही बेतरतीब ढंग से वाहनों को पार्क कराए जाने के कारण चिरहुला मंदिर मार्ग की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- घंटों का ट्रैफिक जाम: वाहनों के सड़क पर खड़े होने से रास्ता बेहद संकरा हो जाता है, जिससे आए दिन मंदिर मार्ग पर घंटों लंबा जाम लग जाता है।
- पैदल चलना दूभर: भीड़भाड़ के समय श्रद्धालुओं, वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को संकरे रास्ते से निकलने में भारी कठिनाई होती है।
- दुर्घटनाओं का खतरा: सड़क पर खड़े वाहनों और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण किसी भी समय गंभीर सड़क दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासनिक उदासीनता पर भड़के नागरिक और श्रद्धालु
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या कोई एक-दो दिन की नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहाँ अवैध पार्किंग और रसीद के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है।
क्षेत्रीय निवासियों ने बताया कि इस संबंध में कई बार स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासनिक अनदेखी के कारण ही ठेकेदार और उसके कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे आम श्रद्धालुओं के साथ बेखौफ होकर गुंडागर्दी पर आमादा हैं।
धार्मिक आस्था के केंद्र पर कथित 'गुंडागर्दी' से आहत भावनाएँ
चिरहुला नाथ स्वामी मंदिर रीवा ही नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए एक अत्यंत पवित्र स्थल है। दर्शनार्थियों का कहना है कि लोग यहाँ शांति और भक्ति भाव से भगवान के दर्शन करने आते हैं, लेकिन मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही पार्किंग के नाम पर होने वाली बहस, अवैध वसूली और कथित गुंडागर्दी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। आस्था के केंद्र पर इस तरह का व्यावसायिक दबाव और अमानवीय व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।
जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से कड़ी कार्रवाई की माँग
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों ने रीवा जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक (SP रीवा) एवं यातायात विभाग (Traffic Police) से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।
श्रद्धालुओं की मुख्य माँगे:
- नियमित पार्किंग स्थल: मंदिर परिसर में वाहनों के लिए एक निश्चित और सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल चिन्हित किया जाए।
- सड़क पर पार्किंग पर रोक: मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से वाहन खड़े कराकर वसूली करने की प्रक्रिया को तुरंत बंद कराया जाए।
- ठेकेदार की जाँच: पार्किंग ठेकेदार कृष्ण गोपाल मिश्रा और उनके कर्मचारियों की गतिविधियों की निष्पक्ष जाँच की जाए।
- दंडात्मक कार्रवाई: श्रद्धालुओं से अभद्रता और अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर ठेका निरस्त किया जाए।