अब 'VB G RAM G' एक्ट से बदलेगी विंध्य की तस्वीर; एडवोकेट इंद्रेश गौतम ने डिप्टी सीएम को दिया रोजगार गारंटी का नया फॉर्मूला!

 
fgg

रीवा। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को आज उनके प्रवास के दौरान अधिवक्ताओं और क्षेत्रीय प्रबुद्धजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 'विंध्य प्रदेश मैनुअल' और नवनिर्मित 'VB G RAM G (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम 2025' की पुस्क्तके भेंट कीं। इस अवसर पर भारतीय लोकतंत्र के आधार स्तंभ 'भारत का संविधान' पुस्तक भी उन्हें सम्मानपूर्वक सौंपी गई।

अधिवक्ता इंद्रेश गौतम के नेतृत्व में विंध्य के विकास का खाका प्रस्तुत
इस गरिमामयी भेंट का नेतृत्व प्रमुख अधिवक्ता इंद्रेश गौतम ने किया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विंध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने और आधुनिक समय के अनुरूप ढालने के लिए 'विंध्य प्रदेश मैनुअल' एक मार्गदर्शक दस्तावेज साबित होगा। टीम ने क्षेत्र के युवाओं के रोजगार और ग्रामीण विकास के लिए तैयार किए गए कानूनी ढांचे पर भी विस्तार से चर्चा की।

क्या है VB G RAM G (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम 2025?

  • उपमुख्यमंत्री को सौंपी गई पुस्तक "विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम, 2025" (क्रमांक 36 सन् 2025) विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की सुनिश्चित गारंटी देना और आजीविका के साधनों को कानूनी रूप से मजबूत करना है। यह मिशन प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत @2047' के सपने को धरातल पर उतारने की दिशा में एक स्थानीय कानूनी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में ये गणमान्य जन रहे शामिल
इस अवसर पर विंध्य क्षेत्र के कई प्रमुख चेहरे और कानूनी विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से इस पहल का समर्थन किया:

  • इंद्रेश गौतम (अधिवक्ता)
  • ऋतुराज द्विवेदी ( संपादक रीवा न्यूज़ मीडिया )
  • शिवेश गौतम (अधिवक्ता)
  • प्रदीप पाण्डेय (अधिवक्ता)
  • दीपक मिश्रा
  • तरुणेंद्र शेखर पाण्डेय  (अधिवक्ता)
  • प्रथमेश गौतम सहित अन्य वरिष्ठ समाजसेवी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

विंध्य प्रदेश मैनुअल और संवैधानिक गरिमा
प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम को 'भारत का संविधान' की प्रति भेंट कर यह संदेश दिया कि कोई भी क्षेत्रीय विकास या अधिनियम संवैधानिक सीमाओं के भीतर ही रहकर जनहित में कार्य करेगा। राजेंद्र शुक्ल ने इन पुस्तकों और मैनुअल को स्वीकार करते हुए टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विंध्य के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के शोधपरक दस्तावेज और कानूनी सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

रोजगार और आजीविका पर केंद्रित नई पहल
VB G RAM G एक्ट के माध्यम से यह सुझाव दिया गया है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर न रहकर, एक कानूनी गारंटी तंत्र विकसित किया जाए। इससे न केवल पलायन रुकेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को सौंपा गया यह "विंध्य प्रदेश मैनुअल" और "VB G RAM G अधिनियम" आने वाले समय में क्षेत्र की नीति-निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अधिवक्ता इंद्रेश गौतम और उनकी टीम की इस पहल ने एक बार फिर विंध्य प्रदेश के अधिकारों और इसके विकास की चर्चा को मुख्यधारा में ला दिया है।

Related Topics

Latest News