वर्दी की गरिमा तार-तार! 'धरती के भगवान' का राजनेताओं के सामने सरेंडर, डीन की इस हरकत ने डॉक्टरों को किया शर्मसार : क्या ऐसे सुधरेगी रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था?

 
fgfg
रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के चरण स्पर्श करते हुए फोटो वायरल। सरकारी पद की गरिमा पर उठे सवाल।

ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। विंध्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने प्रशासनिक गलियारों और चिकित्सा जगत में बहस छेड़ दी है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में आयोजित सामान्य प्रशासन समिति की बैठक के दौरान, कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के सार्वजनिक रूप से चरण स्पर्श किए।

वर्दी की मर्यादा और 'चरण वंदन'
आमतौर पर सरकारी वर्दी या पद पर आसीन किसी भी क्लास-1 ऑफिसर के लिए सार्वजनिक रूप से राजनेताओं के पैर छूना प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाता है। लेकिन रीवा में नजारा कुछ और ही था। जैसे ही डिप्टी सीएम की गाड़ी रुकी और वे नीचे उतरे, डीन डॉ. अग्रवाल ने आगे बढ़कर उनके चरणों में झुककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान वहां सांसद, विधायक और चिकित्सा शिक्षा संचालक (DME) डॉ. अरुणा कुमार भी मौजूद थीं, लेकिन डीन की विशेष 'भक्ति' केवल डिप्टी सीएम के प्रति ही दिखाई दी।

कुर्सी बचाने का 'सुरक्षा कवच'?
मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जनता में पहले से ही भारी आक्रोश है। आए दिन अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और स्टाफ की नाराजगी की खबरें सामने आती रहती हैं। स्थानीय लोगों और गलियारों में चर्चा है कि डीन अपनी खामियों को छिपाने और अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए इस तरह का 'चरण वंदन' मार्ग अपना रहे हैं। आरोप है कि डिप्टी सीएम के इस कथित 'आशीर्वाद' के कारण ही तमाम लापरवाहियों के बावजूद डीन के खिलाफ अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।

शर्मसार हुआ चिकित्सा पेशा
डॉक्टरों को समाज में 'धरती का भगवान' माना जाता है। ऐसे में एक उच्च पदस्थ डॉक्टर का राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह झुकना पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए चर्चा का विषय बन गया है। अस्पताल के कर्मचारी और जूनियर डॉक्टर इस व्यवहार से खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि अगर संस्थान का मुखिया ही राजनेताओं के चरणों में नतमस्तक रहेगा, तो वह व्यवस्थाओं में सुधार और अनुशासन कैसे लागू कर पाएगा?

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
यह फोटो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गई है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या अब सरकारी पदों पर नियुक्ति योग्यता के बजाय 'भक्ति' के आधार पर तय होगी? प्रशासन की चुप्पी और डीन का यह व्यवहार रीवा की स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

Related Topics

Latest News