रीवा वन विभाग में महा-घोटाला: दिलीप बिल्डकॉन की मशीनों पर 'सेटिंग' की कोशिश, फील्ड स्टाफ ने बिगाड़ा खेल

 
dfhh
रीवा वन विभाग में भ्रष्टाचार का खुलासा! दिलीप बिल्डकॉन की जब्त मशीनों को बचाने के लिए रेंजर और SDO ने लगाई एड़ी-चोटी का जोर। पढ़ें आकाश मिश्रा का पूरा गेम प्लान।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा के गुढ़ वन क्षेत्र में बुधवार की आधी रात को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने पूरे वन महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वन विभाग द्वारा जब्त की गई दिलीप बिल्डकॉन की भारी मशीनों को 'बिना किसी कानूनी कार्रवाई' के मुक्त कराने के लिए रीवा रेंज के रेंजर और एसडीओ (SDO) खुद गुढ़ डिपो पहुँच गए। यह अपने आप में एक अनोखा मामला है जहाँ रक्षक ही भक्षक बनकर कंपनी के बचाव में उतर आए हैं। हालांकि, फील्ड स्टाफ की सख्ती के कारण अफसरों की यह 'सेटिंग' सफल नहीं हो पाई।

बरसैता के जंगलों में अवैध उत्खनन: जल जीवन मिशन की आड़ में खेल
मामला जल जीवन मिशन की आड़ में बरसैता के जंगलों को छलनी करने का है। दिलीप बिल्डकॉन कंपनी ने बिना किसी पूर्व अनुमति के वन क्षेत्र में खुदाई शुरू कर दी थी। जब वनकर्मियों ने मौके पर दबिश दी, तो वहां अवैध उत्खनन पाया गया। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए:

  • 2 चैन माउंटेन मशीनें
  • 1 जेसीबी (JCB)

डीजी कंप्रेशर मशीनें
जब्त कर लीं। पंचनामा राजमणि शुक्ला द्वारा बनाया गया, जिससे सबूतों को मिटाना अधिकारियों के लिए मुश्किल हो गया है।

लाइजनिंग ऑफिसर आकाश मिश्रा: कंपनी और विभाग के बीच का 'सेतु'
इस पूरे खेल में सबसे चर्चित नाम आकाश मिश्रा का उभरकर सामने आया है। दिलीप बिल्डकॉन में लाइजनिंग ऑफिसर के पद पर तैनात आकाश मिश्रा का मुख्य काम अधिकारियों के साथ 'मैनेजमेंट' करना बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों की हर छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने और कंपनी के पक्ष में फैसले कराने के लिए मोटी फंडिंग का इस्तेमाल किया जाता है। आकाश मिश्रा ने ही केंद्र सरकार की अनुमति के बजाय सीधे डीएफओ (DFO) स्तर से पाइप लाइन बिछाने की सेटिंग की थी, जो कानूनी रूप से जांच का विषय है।

भ्रष्टाचार की नई योजना: बैक डेट में अनुमति का 'खेल'
जब आधी रात को गाड़ियां छुड़ाने की कोशिश नाकाम रही, तो अब वन मंडल में एक नई साजिश रची जा रही है। सूत्रों का कहना है कि अब अधिकारी और कंपनी मिलकर 'बैक डेट' (पिछली तारीख) में उत्खनन की अनुमति के दस्तावेज तैयार करने की योजना बना रहे हैं। यह सीधे तौर पर कानून के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला है।

दिलीप बिल्डकॉन का पुराना रिकॉर्ड: बदवार में भी किया था नुकसान
यह पहली बार नहीं है जब दिलीप बिल्डकॉन पर रीवा के जंगलों को नुकसान पहुँचाने के आरोप लगे हैं। इससे पहले बदवार वन क्षेत्र में भी कंपनी ने अवैध खनन किया था, जिसके लिए उन्हें दंडित भी किया गया था। लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनी और भ्रष्ट अधिकारियों के बीच का सांठगांठ इतना मजबूत है कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।

ईमानदार कर्मचारियों बनाम भ्रष्ट तंत्र की लड़ाई
इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ी बाधा वे वनकर्मी बने हुए हैं जिन्होंने मौके पर पंचनामा तैयार किया और कार्रवाई पर अड़े रहे। रेंजर और एसडीओ ने डिप्टी रेंजर विनय दुबे और अन्य कर्मचारियों को अपने पाले में लेने की कोशिश की, लेकिन सभी कर्मचारियों के सहमत न होने के कारण यह 'डीलिंग' अधूरी रह गई। फिलहाल गाड़ियां गुढ़ डिपो में खड़ी हैं और कार्रवाई जारी है।

क्या प्रशासन लेगा कड़ा एक्शन?
रीवा वन मंडल में चल रहा यह भ्रष्टाचार का खेल अब सार्वजनिक हो चुका है। दिलीप बिल्डकॉन जैसी बड़ी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए जंगल की जमीन की बलि दी जा रही है। अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी इस 'मैनेजमेंट' के खेल पर क्या एक्शन लेते हैं या फिर यह मामला भी पुरानी फाइलों की तरह दबा दिया जाएगा।

Related Topics

Latest News