चिरहुला रोड पर 'जहर' बेच रही थी गोपाल डेयरी! फ्रीजर में सड़ा रहे थे मिठाई, रक्षाबंधन पर जनता को परोसने का था प्लान : खाद्य विभाग ने कराई नष्ट
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) त्योहारों के आगमन के साथ ही आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रीवा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिले में चलाए जा रहे 'मिलावट से मुक्ति अभियान' के तहत जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इसी कड़ी में टीम ने शहर के प्रसिद्ध चिरहुला मंदिर मार्ग पर संचालित गोपाल डेयरी एवं बेकरी के परिसर में अचानक औचक निरीक्षण किया।

प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चिरहुला मंदिर मार्ग पर स्थित होने के कारण इस डेयरी और बेकरी में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक खाद्य सामग्रियां खरीदने पहुंचते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस त्वरित और गुप्त कार्रवाई से इलाके के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
गंदगी के बीच बन रही थीं मिठाइयां, डीप फ्रीजर से मिली फंगस लगी बर्फी
जब जांच अधिकारियों ने बेकरी और डेयरी के आंतरिक निर्माण परिसर (किचन क्षेत्र) में प्रवेश किया, तो वहां का दृश्य बेहद चौंकाने वाला था। खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थान पर स्वच्छता के मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। चारों तरफ भारी गंदगी, दुर्गंध और मक्खियों के जमावड़े के बीच मिठाइयां बनाई जा रही थीं।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जब परिसर में रखे बड़े डीप फ्रीजर को खोलकर जांचा, तो उसमें से अत्यधिक पुरानी और बदबूदार मिठाइयों का जखीरा बरामद हुआ। डीप फ्रीजर के भीतर रखी बर्फी और अन्य खाद्य सामग्रियों में साफ तौर पर मोटी फंगस (उल्ली) लगी हुई थी। इतने गंभीर स्तर पर दूषित सामग्री को देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई।
रीसायकल कर नई मिठाइयों में मिलाने की थी तैयारी
जांच में यह बेहद गंभीर और चौंकाने वाली बात सामने आई कि डीप फ्रीजर में जमा करके रखी गई फंगस लगी यह पुरानी मिठाइयां यूं ही नहीं रखी गई थीं। आगामी रक्षाबंधन पर्व के दौरान बाजार में मिठाइयों की भारी मांग को देखते हुए संचालक द्वारा इसे रीसायकल (पुनर्चक्रण) करने की पूरी योजना थी। संचालक की योजना इस फंगस लगी और बासी मिठाई को दोबारा पिघलाकर, मावे और नई चाशनी में मिलाकर ताजा मिठाइयों का रूप देने की थी। इस दूषित मिश्रण से नई मिठाइयां तैयार कर रक्षाबंधन पर आम ग्राहकों को बेचने की तैयारी की जा रही थी। यदि यह जहरीली मिठाई बाजार में पहुंच जाती तो बड़े पैमाने पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो सकता था।
बिना पैकिंग डेट और पते वाले अमानक मसाले बरामद
गोपाल डेयरी एवं बेकरी के रसोई और स्टोर रूम की तलाशी के दौरान केवल बासी मिठाइयां ही नहीं, बल्कि अन्य अमानक खाद्य सामग्रियां भी बरामद हुईं। टीम को बेकरी के किचन से भारी मात्रा में ऐसे मसाले मिले, जिनके पैकेट पर न तो निर्माण की तारीख (Date of Manufacture) दर्ज थी, न ही एक्सपायरी डेट और न ही निर्माता कंपनी या पैकर्स का नाम-पता अंकित था।
बिना ब्रांड और मानकों के विपरीत उपयोग किए जा रहे ये खुले और अमानक मसाले मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माने जाते हैं। खाद्य नियमों का उल्लंघन करते हुए इन संदिग्ध मसालों का उपयोग बेकरी प्रोडक्ट्स और नमकीन बनाने में धड़ल्ले से किया जा रहा था।
सैंपल लैब भेजे गए, खराब मिठाइयों को मौके पर कराया गया नष्ट
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कोई ढिलाई न बरतते हुए तुरंत विधिक नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने मौके से फंगस लगी बर्फी और संदिग्ध पनीर के नमूने सील कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (State Food Testing Laboratory) भेजने की कार्रवाई की।
इसके साथ ही, मौके पर पाई गई फंगस युक्त बर्फी, बासी मिठाइयों और अन्य दूषित खाद्य पदार्थों की पूरी खेप को फिनाइल व गड्ढा खोदकर अधिकारियों की उपस्थिति में तुरंत नष्ट (Destroy) करा दिया गया, ताकि इसका किसी भी स्थिति में दोबारा उपयोग न किया जा सके।
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी
इस पूरे मामले में डेयरी एवं बेकरी संचालक की गंभीर लापरवाही, अस्वच्छता और जानबूझकर दूषित खाद्य सामग्री बेचने की मंशा उजागर होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रतिष्ठान संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI Act) के तहत वैधानिक मामला दर्ज किया जा रहा है।
"चिरहुला मंदिर रोड स्थित गोपाल डेयरी एवं बेकरी में मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत जांच की गई। मौके पर भारी गंदगी और डीप फ्रीजर में फंगस लगी पुरानी बर्फी मिली, जिसे रीसायकल करने का प्रयास किया जा रहा था। सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं और अमानक सामग्री को नष्ट कराया गया है। संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में कार्रवाई जारी है।" — खाद्य सुरक्षा प्रशासन टीम, रीवा
कलेक्टर के निर्देश पर जिले में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि रक्षाबंधन पर्व पर आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध हो सकें।