कमिश्नर साहब देखिए! आपके कर्मचारी ही लूट रहे हैं जनता को, सिरमौर चौराहा फ्लाईओवर पर खुलेआम 'अवैध वसूली', SD ग्रुप का नाम लेकर जनता को लूट रहे निगम के कर्मचारी
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक सिरमौर चौराहा इन दिनों भ्रष्टाचार का नया केंद्र बन गया है। यहाँ के फ्लाईओवर के नीचे और आसपास पार्किंग व अन्य शुल्कों के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस फ्लाईओवर का ठेका SD ग्रुप एजेंसी के पास था, जो मार्च 2026 में आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है। नियमतः ठेका खत्म होते ही वसूली बंद हो जानी चाहिए थी, लेकिन यहाँ नगर निगम के कर्मचारियों ने अपने निजी गुर्गों के जरिए लूट का नया साम्राज्य खड़ा कर लिया है।
SD ग्रुप का ठेका खत्म, लेकिन 'शिवा' के जरिए वसूली क्यों?
सिरमौर चौराहा फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग और रखरखाव का जिम्मा एक साल के लिए SD ग्रुप एजेंसी को दिया गया था। यह अनुबंध मार्च के महीने में समाप्त हो गया।
पुराना मोहरा, नया खेल: वसूली के लिए शिवा नाम के एक व्यक्ति को लगाया गया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शिवा पहले SD ग्रुप एजेंसी में ही कर्मचारी था। ठेका खत्म होने के बाद अब वह नगर निगम के कर्मचारियों के लिए 'कलेक्शन एजेंट' के रूप में काम कर रहा है।
अवैध रसीदें और धमकी: दुकानदारों और पार्किंग करने वालों का आरोप है कि शिवा उन्हें पुरानी रसीदें या बिना किसी आधिकारिक रसीद के पैसे देने पर मजबूर करता है। विरोध करने पर नगर निगम के रसूख की धमकी दी जाती है।
अहमद खान और संतोष यादव: ड्यूटी खत्म, फिर भी फील्ड पर सक्रिय
नगर निगम रीवा ने सिरमौर चौराहा क्षेत्र में सामान की देखरेख और व्यवस्था बनाने के लिए अहमद खान और संतोष यादव जैसे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। नियमानुसार, ठेका खत्म होने के साथ ही इन कर्मचारियों की क्षेत्र विशेष की जिम्मेदारी भी समाप्त हो जानी चाहिए थी।
- अहमद खान की भूमिका: आरोप है कि अहमद खान ही वह मुख्य कड़ी है जो पर्दे के पीछे से 'शिवा' को संचालित कर रहा है। अहमद खान के संरक्षण में ही शिवा फ्लाईओवर के नीचे अवैध उगाही को अंजाम दे रहा है।
- संतोष यादव की चुप्पी: ड्यूटी खत्म होने के बावजूद क्षेत्र में इन कर्मचारियों की मौजूदगी और अवैध गतिविधियों पर मौन सहमति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मार्च में खत्म हुआ ठेका, फिर निगम प्रशासन मौन क्यों?
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, सिरमौर चौराहे का फ्लाई ओवर ठेका अब किसी भी निजी एजेंसी के पास नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि वसूली का पैसा किसके पास जा रहा है?
- राजस्व की हानि: यदि वसूली आधिकारिक नहीं है, तो यह सीधे तौर पर नगर निगम के राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। लाखों रुपए की यह राशि सरकारी खजाने में जाने के बजाय अहमद खान और उसकी टीम की जेब में जा रही है।
- आम जनता का उत्पीड़न: ठेला व्यापारियों और छोटे दुकानदारों का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन 'हफ्ता' देना पड़ता है, वरना उन्हें वहाँ से हटा दिया जाता है।
सिरमौर चौराहे पर 'भ्रष्टाचार का फ्लाईओवर': किसकी शह पर हो रहा खेल?
यह कोई पहला मामला नहीं है जब नगर निगम के निचले स्तर के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हों। लेकिन सिरमौर चौराहा फ्लाईओवर का मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि यह सरेआम और बिना किसी डर के किया जा रहा है। रीवा नगर निगम कमिश्नर और मेयर को इस मामले में हस्तक्षेप कर तुरंत जांच करानी चाहिए।
जांच का विषय: क्या उच्च अधिकारियों को पता है कि ठेका खत्म होने के बाद भी वसूली जारी है? क्या अहमद खान और संतोष यादव जैसे कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी?
कार्रवाई की दरकार
रीवा की जनता टैक्स भरती है ताकि शहर का विकास हो, न कि इसलिए कि अहमद खान और शिवा जैसे लोग उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डालें। SD ग्रुप का नाम इस्तेमाल कर की जा रही इस वसूली को तुरंत बंद करना चाहिए और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।