नशे के सौदागरों की खैर नहीं: "रीवा और विंध्य से नशे का नामोनिशान मिटा दूंगा..." मैहर से लौटते ही एक्शन मोड में आए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल अपने व्यस्त प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच मंगलवार को त्रिकूट पर्वत स्थित शक्तिपीठ मां शारदा के दरबार मैहर पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं। गर्भगृह में प्रवेश कर उप मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां शारदा की पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर के नागरिकों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर पहुंचने पर मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और पुजारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया तथा उन्हें अंगवस्त्र एवं पवित्र प्रसाद भेंट किया। इस धार्मिक यात्रा के दौरान मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, जिला प्रशासन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल उनके साथ मुस्तैद रहा।

दर्शन-पूजन के उपरांत उप मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र मेले के मद्देनजर चल रही व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर, सीढ़ियों, और पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल आपूर्ति, धूप से बचाव के लिए छाया की व्यवस्था, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, दर्शनार्थियों के लिए कतार प्रबंधन (लाइन व्यवस्था) और त्रि-स्तरीय सुरक्षा सुरक्षा चक्र का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि देश के कोने-कोने से आ रहे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और मेला क्षेत्र में अनुशासन तथा सुचारू व्यवस्था हर हाल में बनी रहनी चाहिए।
मैहर से लौटते ही एक्शन मोड में उप मुख्यमंत्री, विंध्य से नशे का नामोनिशन मिटाने का संकल्प
मां शारदा का आशीर्वाद लेकर और मैहर मेले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के बाद उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल तुरंत एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने रीवा लौटते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए ऐलान किया कि रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र से नशे का नामोनिशन पूरी तरह मिटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मां शारदा की इस पवित्र धरती और विंध्य की सांस्कृतिक विरासत को नशे के काले साए से बचाने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैहर से लौटने के तुरंत बाद प्रशासनिक मशीनरी को दिए गए इन सख्त निर्देशों से साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और अधिक आक्रामक होने वाली है।

नशे की गिरफ्त में बर्बाद होती युवा पीढ़ी और विकास के मायने
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने बहुत ही गंभीर और वैचारिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि रीवा और संपूर्ण विंध्य क्षेत्र आज कृषि, व्यापार, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास के मामले में ऊंची उड़ान भर रहा है। क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक अधोसंरचना विकास के कार्यों से आम नागरिकों की आय और जीवन स्तर में सुधार आ रहा है। परंतु उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस महत्वपूर्ण दौर में हमारी युवा पीढ़ी कोरेक्स सिरप और अन्य घातक नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ गई, तो यह सारा विकास और तरक्की का प्रयास पूरी तरह से निरर्थक साबित हो जाएगा। इसलिए आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और युवाओं का भविष्य बचाना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प और नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा
बैठक में केंद्र सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि देश के गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने का एक राष्ट्रीय संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए विंध्य क्षेत्र में भी पूरी सक्रियता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें और निरंतर छापेमारी अभियान जारी रखें। इस नशामुक्त भारत अभियान में केवल पुलिस और प्रशासन तक इसे सीमित न रखते हुए, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता को भी बड़े पैमाने पर भागीदार बनाया जाए ताकि यह एक जन आंदोलन का रूप ले सके।
रीवा जोन पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: 1615 तस्कर सलाखों के पीछे
बैठक के दौरान रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत ने अब तक की गई कार्यवाहियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों के भीतर रीवा संभाग में एमडी ड्रग्स, हेरोइन, कोरेक्स कफ सिरप, गांजा और अवैध शराब के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान चलाए गए हैं। इस दौरान पुलिस ने आक्रामक कार्रवाई करते हुए कुल 1,615 नशे के सौदागरों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
तस्करों के नेटवर्क को आर्थिक रूप से पंगु बनाने के लिए भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की गई है, जिसमें 5,535 किलोग्राम से अधिक गांजा, 97,665 शीशी प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप, 4,13,310 नग नशीली टैबलेट व कैप्सूल तथा खेती से जुड़े 450 अफीम के हरे पौधे शामिल हैं। पुलिस की इस निरंतर और कड़ी कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में गहरी खलबली मची हुई है।