MP में आधी रात को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 23 आईएएस अफसरों के तबादले, मऊगंज को मिला तीसरा कलेक्टर और विवादित अफसर को बालाघाट की कमान
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल के बीच शासन ने एक बार फिर देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रदेशभर के 23 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है। इस ताबड़तोड़ तबादला सूची में कई महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टरों को बदला गया है, तो वहीं कुछ अफसरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस आधी रात की प्रशासनिक सर्जरी ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
मऊगंज का राजनीतिक तपाव: तीन साल के भीतर मिला तीसरा कलेक्टर
विंध्य क्षेत्र के नवगठित जिले मऊगंज में प्रशासनिक अस्थिरता और राजनीतिक दबाव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अगस्त 2023 में अस्तित्व में आए इस नए जिले को बने अभी मात्र तीन साल और दो महीने का वक्त बीता है, लेकिन इस छोटे से अंतराल में मऊगंज में यह तीसरे कलेक्टर की पदस्थापना होने जा रही है।

मऊगंज जिले के गठन के बाद सबसे पहले अजय श्रीवास्तव को कमान मिली थी, जो ज्यादा समय टिक नहीं सके। इसके बाद संजय जैन को जिम्मेदारी सौंपी गई, और अब उनका भी स्थानांतरण कर दिया गया है। छोटा जिला होने के बावजूद यहाँ स्थानीय राजनीतिक समीकरण और प्रशासनिक खींचतान इस कदर हावी रही है कि कोई भी अधिकारी लंबा कार्यकाल पूरा नहीं कर पा रहा है। अब मऊगंज की बागडोर अपर सचिव रहे राजेश कुमार ओगरे को सौंपी गई है, जिनके सामने जिले में प्रशासनिक संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती होगी।
विवादों से घिरे आईएएस आदित्य सिंह को मिली बालाघाट की जिम्मेदारी
इस तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय आईएएस अधिकारी आदित्य सिंह की नई पदस्थापना को लेकर बना हुआ है। पूर्व में अशोकनगर जिले में पदस्थापना के दौरान कथित रूप से रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों और बीजेपी संगठन की शिकायतों के बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया था। आनंदपुर ट्रस्ट के नामांतरण से जुड़े एक मामले में रिश्वत की शिकायत सामने आने के बाद चुनाव आयोग की अनुमति से उन्हें कलेक्टर पद से मुक्त कर संचालक गैस राहत बनाया गया था।
अब तमाम विवादों को पीछे छोड़ते हुए उन्हें संवेदनशील जिला बालाघाट का नया कलेक्टर बना दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि बालाघाट वही जिला है जहाँ हाल ही में बैगा आदिवासी बच्चों की मलेरिया से मौतों का मामला राज्य स्तर पर एक बड़ी चिंता का विषय बना था। राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
मंत्रालय से लेकर जिलों तक प्रशासनिक फेरबदल की पूरी तस्वीर
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सूची में कई अन्य जिलों के कलेक्टर और प्रमुख विभागों के सचिव स्तर के अधिकारी भी बदले गए हैं: रश्मि शमी को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सुखवीर सिंह को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के साथ लोक निर्माण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इन जिलों के बदले गए कलेक्टर:
- भिंड: राघवेंद्र सिंह
- जबलपुर: अरुण कुमार विश्वकर्मा
- नर्मदापुरम: आशीष वशिष्ठ
- सिंगरौली: अंकित अस्थाना
- पन्ना: हर्ष सिंह
- हरदा: कुमार सत्यम
- शाजापुर: डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े
- बुरहानपुर: विवेक कुमार
- रायसेन: रोहित सिसोनिया
इस आधी रात की तबादला सूची ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शासन स्तर पर मैदानी अमले और जिलों की कार्यप्रणाली को लेकर नए सिरे से कसावट लाने की कवायद शुरू हो चुकी है।