रीवा शिक्षा विभाग में महा-सर्जरी: प्रेमलाल मिश्रा के बैठते ही हिली डीईओ दफ्तर की दीवारें, कई दिग्गजों का पत्ता साफ

 
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ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में इस समय प्रशासनिक हलचलें अपने चरम पर हैं। राज्य शासन द्वारा जारी ताजा आदेशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय की पूरी तस्वीर बदल गई है। इस बड़े फेरबदल के तहत न सिर्फ शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी को बदला गया है, बल्कि दफ्तर के भीतर लंबे समय से मलाईदार पदों पर जमे सहायक संचालकों और प्रभारियों को भी मैदानी स्तर पर भेज दिया गया है।

इस प्रशासनिक सर्जरी के बाद रीवा के राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लंबे समय बाद शिक्षा विभाग के भीतर इतना बड़ा और कड़ा निर्णय देखने को मिला है, जिसने विभाग की आंतरिक राजनीति को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है।

प्रेमलाल मिश्रा के आते ही कैसे बदला डीईओ कार्यालय का समीकरण?
रीवा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कमान अब पूरी तरह से नए हाथों में सौंप दी गई है। शासकीय स्कूल के प्राचार्य रहे प्रेमलाल मिश्रा को विभाग ने रीवा का नया जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नियुक्त किया है। उन्हें अस्थाई रूप से प्रभारी सहायक संचालक के दायित्वों के साथ-साथ डीईओ की मुख्य कुर्सी की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रेमलाल मिश्रा के पदभार ग्रहण करते ही कार्यालय के भीतर का पूरा प्रशासनिक समीकरण बदल गया है। नए मुखिया के आते ही पुराने ढर्रे पर चल रहे कामकाज में कसावट लाने के संकेत मिलने लगे हैं। इस नियुक्ति के साथ ही डीईओ कार्यालय में बरसों से अपनी पैठ बना चुके कई अन्य अधिकारियों की विदाई का रास्ता भी साफ हो गया, जिससे कनिष्ठ और वरिष्ठ कर्मचारियों के बीच काम का माहौल पूरी तरह बदल चुका है।

रामराज से लेकर राजेश मिश्रा तक: किन-किन अफसरों की छिनी कुर्सी?
इस ट्रांसफर एक्सप्रेस की चपेट में विभाग के कई कद्दावर चेहरे आए हैं। सबसे पहला झटका पूर्व डीईओ रामराज को लगा। रामराज को जुलाई के महीने में सेवानिवृत्त (Retire) होना था, लेकिन सेवाकाल के आखिरी दिनों में उनकी कुर्सी छिन गई। उन्हें वापस बैकुंठपुर के उसी स्कूल में भेज दिया गया है, जहां से वे इस प्रशासनिक पद पर आए थे। अब उनकी सेवानिवृत्ति एक स्कूल प्राचार्य के रूप में ही होगी।

रामराज के बाद सबसे बड़ा झटका वर्तमान सहायक संचालक राजेश मिश्रा को लगा है। राजेश मिश्रा अब तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक संचालक के रसूखदार पद पर रहते हुए अपनी अफसरी चला रहे थे। प्रेमलाल मिश्रा के डीईओ बनते ही राजेश मिश्रा की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई और आखिरकार उन्हें मुख्य कार्यालय से हटाकर हाई स्कूल घोघर का रास्ता दिखा दिया गया है।

अफसरी छोड़कर अब स्कूलों में कमान संभालेंगे पूर्व अधिकारी
डीईओ कार्यालय में बैठकर फाइलों पर दस्तखत करने वाले और जिले भर के शिक्षकों की हाजिरी लेने वाले अफसर अब खुद स्कूल के कमरों में बच्चों और शिक्षकों के बीच नजर आएंगे। सहायक संचालक राजेश मिश्रा को घोघर स्कूल का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक गलियारों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि जो अधिकारी अब तक पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे, वे अब एक सीमित स्कूल के दायरे में काम करेंगे। राजेश मिश्रा के सेवाकाल की समाप्ति भी अब इस स्कूल के प्राचार्य पद पर रहते हुए ही होगी। विभाग के इस कदम को एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि प्रशासनिक पदों पर कोई भी हमेशा के लिए स्थाई नहीं रह सकता।

देवकरण मिश्रा की नई पदस्थापना और पाण्डेन टोला स्कूल का प्रभार
इस फेरबदल की सूची में केवल डीईओ कार्यालय के लोग ही शामिल नहीं हैं, बल्कि मैदानी स्तर पर भी प्राचार्यों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। मूल रूप से हाई स्कूल प्राचार्य के पद पर कार्यरत देवकरण मिश्रा को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

देवकरण मिश्रा अब तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेहरा (विकासखंड जवा) में अपनी सेवाएं दे रहे थे। नए विभागीय आदेश के तहत उनका स्थानांतरण करते हुए उन्हें कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाण्डेन टोला में प्राचार्य के पद पर नियुक्त किया गया है। इस फेरबदल का उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों में प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करना बताया जा रहा है।

राजनैतिक गलियारों में चर्चा: डिप्टी सीएम के करीबियों पर गाज?
शिक्षा विभाग के इस बड़े उलटफेर को लेकर रीवा के राजनैतिक गलियारों में कयासों का दौर बेहद गर्म है। विभागीय सूत्रों की मानें तो डीईओ कार्यालय में लंबे समय से मजबूत सिफारिशों और रसूख के दम पर जमे अधिकारियों को जानबूझकर किनारे लगाया गया है।

चर्चा यह भी है कि इस फेरबदल में उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) राजेंद्र शुक्ला के करीब माने जाने वाले और उनकी सिफारिश से मुख्य पदों पर बैठे चेहरों को भी मैदानी ड्यूटी पर भेज दिया गया है। सहायक संचालक राजेश मिश्रा की विदाई को इसी राजनैतिक और प्रशासनिक संतुलन के बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे विभाग की रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया और व्यवस्था सुधार का हिस्सा बताया गया है।

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