रीवा में बघेली कलाकार पोकभान गिरफ्तार: कोर्ट परिसर से सिविल लाइन पुलिस ने दबोचा; रीवा न्यूज़ मीडिया और वकीलों की मुहिम रंग लाई

 
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ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पिछले 48 घंटों से जारी भारी सामाजिक तनाव और आक्रोश के बाद आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोशल मीडिया पर अपनी अभद्र टिप्पणियों और विवादित वीडियो के जरिए सुर्खियों में रहने वाले बघेली कलाकार मनीष पटेल उर्फ पोकभान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रीवा की सिविल लाइन थाना पुलिस ने यह कड़ा एक्शन तब लिया जब सोशल मीडिया पर आरोपी द्वारा शेयर की गई एक बेहद आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ पूरा प्रबुद्ध वर्ग और ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतर आया।

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इस मामले के सामने आने के बाद पूरे विंध्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर संवेदनशीलता बढ़ गई थी। आरोपी मनीष पटेल पर आरोप है कि उसने इंटरनेट का दुरुपयोग कर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और एक वर्ग विशेष की महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया।

कल नए कोर्ट परिसर से सिविल लाइन पुलिस ने दबोचा: कैसे चढ़ा कानून के हत्थे?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस दर्ज मामले के बाद से ही लगातार आरोपी की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इस बीच, कल मनीष पटेल किसी अन्य मामले के सिलसिले में या अग्रिम विधिक प्रक्रिया के तहत रीवा के नए कोर्ट परिसर में पेशी पर आया हुआ था। इसकी भनक जैसे ही पुलिस और सजग नागरिकों को लगी, सिविल लाइन पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की।

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कड़े सुरक्षा इंतजामों और कानूनी प्रक्रिया के बीच पुलिस ने नए कोर्ट परिसर से ही मनीष पटेल उर्फ पोकभान को अपनी कस्टडी में ले लिया। पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन कर रहे संगठनों और समाज के लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं रीवा कोर्ट परिसर में गिरफ्तारी के वक्त काफी गहमागहमी का माहौल देखा गया।

विवाद की मुख्य वजह: सोशल मीडिया पर ब्राह्मण बेटियों के खिलाफ क्या लिखा था?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी बघेली कॉमेडी के लिए पहचाने जाने वाले इन्फ्लुएंसर मनीष पटेल ने फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की। शिकायतकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि इस पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा बेहद अमर्यादित, अश्लील और सीधे तौर पर ब्राह्मण समाज की बेटियों की अस्मिता को चोट पहुंचाने वाली थी।

विरोध के बाद शब्दों का हेरफेर, पर नहीं मांगी माफी:
जब इंटरनेट पर इस पोस्ट को लेकर आक्रोश भड़क उठा और लोगों ने मनीष पटेल को आड़े हाथों लेना शुरू किया, तो उसने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपनी पोस्ट में कुछ शब्दों को बदल दिया। लेकिन, समाज के प्रति बिना किसी सार्वजनिक भूल-सुधार या बिना शर्त माफी मांगे किया गया यह बदलाव प्रदर्शनकारियों को शांत नहीं कर सका। समाज का स्पष्ट कहना था कि यह केवल मानहानि नहीं बल्कि नारी शक्ति का खुला अपमान है।

रीवा न्यूज़ मीडिया और वकीलों की बड़ी जीत: ऋतुराज द्विवेदी और बी.के. माला की कानूनी पैरवी
इस पूरे संवेदनशील मामले को दबाने की कोशिशों के बीच लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया और रीवा के जागरूक वकीलों ने न्याय की मशाल थामी। इस पूरे विवाद को प्रमुखता से उठाने और आरोपी को कानून के कटघरे तक पहुंचाने में 'रीवा न्यूज़ मीडिया' की भूमिका सबसे अग्रणी रही।

जब यह अपमानजनक पोस्ट वायरल हुई, तब 'दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया समाचार पत्र' के संपादक ऋतुराज द्विवेदी ने पत्रकारिता के धर्म का पालन करते हुए इस मुद्दे को जनता और प्रशासन के सामने रखा। इसके बाद वे खुद इस मुहिम में जमीनी स्तर पर शामिल हुए। उनके साथ रीवा के वरिष्ठ अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट बी.के. माला ने कंधे से कंधा मिलाकर इस केस की मजबूत कानूनी रूपरेखा तैयार की। इन्हीं साझा प्रयासों और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार किए गए समन्वय के कारण ही सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ तत्काल मजबूत एफआईआर (FIR) दर्ज हो सकी।

इन कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं की एकजुटता से दर्ज हुई FIR
बेटियों के सम्मान की रक्षा और सामाजिक ताने-बाने को टूटने से बचाने के लिए रीवा का पूरा 'बार' (वकील समुदाय) और मीडिया जगत एक मंच पर आ गया। शिकायत दर्ज कराने से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने में निम्नलिखित विशेषज्ञों की टीम ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:

  • बी.के. माला (वरिष्ठ अधिवक्ता एवं रीवा जिले के जाने-माने आरटीआई एक्टिविस्ट)
  • ऋतुराज द्विवेदी (संपादक, दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया समाचार पत्र)
  • शिवेश गौतम (लॉ एजेंसी संचालक, जिन्होंने कानूनी दस्तावेज तैयार करने में सहयोग किया)

वरिष्ठ अधिवक्ता समूह: इस कानूनी लड़ाई में प्रदीप पांडेय, हरीश पांडेय, विवेक मिश्रा, तरुणेंद्र शेखर पांडेय और अमित सिंह जैसे दिग्गज वकीलों ने अपनी विधिक विशेषज्ञता का योगदान दिया।
यह एकजुटता जिले में इस बात का कड़ा संदेश है कि जब कानून के रखवाले (अधिवक्ता) और समाज का आईना (मीडिया) एक साथ खड़े हो जाएं, तो समाज में नफरत फैलाने वाले किसी भी तत्व का बच पाना नामुमकिन है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़क धाराएं: जानिए पोकभान को कितनी होगी जेल?
रीवा की सिविल लाइन पुलिस ने मामले की गंभीरता और महिलाओं के सम्मान से जुड़े होने के कारण भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत बहुत ही कड़क और गैर-जमानती प्रकृति की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जांच दल द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर मुख्य रूप से दो धाराएं लगाई गई हैं:

मनीष पटेल पर लगीं भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराएं
1. भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(A)

  • अपराध का विवरण: यह धारा समाज में जाति, धर्म, जन्मस्थान, निवास या समुदाय के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच नफरत, शत्रुता, दुश्मनी और वैमनस्य (Ill-will) फैलाने के कृत्य पर लगाई जाती है।
  • सजा का प्रावधान: इस धारा के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कड़े कारावास (जेल) और भारी आर्थिक दंड (जुर्माने) दोनों से दंडित किए जाने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान है। यह एक गैर-जमानती श्रेणी का अपराध माना जाता है।

2. भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2)

  • अपराध का विवरण: यह धारा विशेष रूप से किसी महिला की गरिमा, लज्जा और सम्मान को ठेस पहुंचाने या उसे अपमानित करने के इरादे से इंटरनेट, सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से किए गए कृत्यों पर लागू होती है।
  • सजा का प्रावधान: इस गंभीर धारा के तहत न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर दोषी को 1 वर्ष से लेकर अधिकतम 5 वर्ष तक की जेल की सजा और साथ ही भारी जुर्माने का प्रावधान है।

पुराना रहा है विवादों से नाता: पहले भारतीय सेना पर भी उगल चुका है जहर
पुलिस रिकॉर्ड और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मनीष पटेल उर्फ पोकभान का विवादों से पुराना नाता रहा है। कॉमेडी और व्यूज (Views) बटोरने के चक्कर में वह पहले भी कई बार कानूनी पचड़ों में घिर चुका है।

इससे पहले मनीष पटेल ने भारतीय सेना (Indian Army) के जांबाज जवानों के खिलाफ भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेहद अभद्र और अमर्यादित टिप्पणियां की थीं। उस दौरान भी राष्ट्रभक्तों और पूर्व सैनिकों ने रीवा में इसका कड़ा विरोध किया था। पुरानी गलतियों से सबक न लेते हुए उसने इस बार सीधे तौर पर आधी आबादी और एक पूरे समाज की बेटियों को अपने निशाने पर लिया, जिसके कारण आखिरकार उसे जेल की हवा खानी पड़ रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पुराने डिजिटल कंटेंट की भी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि मामले को और मजबूत बनाया जा सके।

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